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Ayodhya News: 119 गर्भवती की जांची सेहत, हाईरिस्क में 10 चिह्नित
Thu, 16 Jul 2026 08:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 16 Jul 2026 08:57 PM IST
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विशेष शिविर में महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करतीं डॉक्टर।
बीकापुर/तारुन। सीएचसी में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष कैंप लगाया गया। इसमें 119 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। जांच में उच्च जोखिमपूर्ण गर्भधारण की श्रेणी में 10 महिलाओं की पहचान की गई।
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक कैंप में 67 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया। जांच के दौरान छह महिलाएं उच्च जोखिमपूर्ण गर्भधारण श्रेणी की मिलीं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अंशुमान यादव ने बताया कि डॉ. स्नेहा चौधरी ने गर्भावस्था में सावधानी और संतुलित खान-पान की सलाह दी। हीमोग्लोबिन की कमी के कारण 12 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कर आयरन सुक्रोज ड्रिप चढ़ाई गई। 16 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया गया। शिविर में फल भी वितरित किए गए।
तारुन प्रतिनिधि के मुताबिक 52 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंशुमान गुप्ता ने बताया कि चार उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं की पहचान हुई। इनके उचित प्रबंधन और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। कैंप में दो गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन भी लगाए गए। अभियान के दौरान 37 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए वाउचर दिए गए। सभी गर्भवती महिलाओं को आवश्यक दवाएं, जांच और परामर्श सेवाएं निशुल्क मिलीं। गुप्ता ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
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बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक कैंप में 67 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया। जांच के दौरान छह महिलाएं उच्च जोखिमपूर्ण गर्भधारण श्रेणी की मिलीं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अंशुमान यादव ने बताया कि डॉ. स्नेहा चौधरी ने गर्भावस्था में सावधानी और संतुलित खान-पान की सलाह दी। हीमोग्लोबिन की कमी के कारण 12 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कर आयरन सुक्रोज ड्रिप चढ़ाई गई। 16 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया गया। शिविर में फल भी वितरित किए गए।
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तारुन प्रतिनिधि के मुताबिक 52 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंशुमान गुप्ता ने बताया कि चार उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं की पहचान हुई। इनके उचित प्रबंधन और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। कैंप में दो गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन भी लगाए गए। अभियान के दौरान 37 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए वाउचर दिए गए। सभी गर्भवती महिलाओं को आवश्यक दवाएं, जांच और परामर्श सेवाएं निशुल्क मिलीं। गुप्ता ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
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