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Ayodhya News: गांव के युवक से संपर्क करना शेर अली को पड़ा भारी
Fri, 30 Oct 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:18 PM IST
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अयोध्या। करीब नौ महीने तक पुलिस और जांच टीम को चकमा देकर फरार चल रहे शेर अली की गिरफ्तारी में उसके गांव के ही एक व्यक्ति का संपर्क अहम कड़ी साबित हुआ। पुलिस ने उसे दिल्ली के मायापुरी क्षेत्र स्थित बी-ब्लॉक की खजान बस्ती से गिरफ्तार किया। शेर अली सुल्तानपुर जिले के करौंदीकला थाना क्षेत्र के अमरेमऊ गांव का है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पुणे से निकलने के बाद शेर अली दिल्ली पहुंचा था। यहां आने के बाद वह अपने गांव के आसपास के एक युवक के संपर्क में आया। उसके साथ करीब एक दिन रुकने के बाद उसने दिल्ली में रहने के लिए कमरा दिलाने की बात कही। इसके बाद शेर अली वहां रंगाई-पुताई का काम करने लगा।
इसी आधार पर जांच टीम ने गांव में पूछताछ करने के बाद कई बार दिल्ली में दबिश दी, लेकिन उस समय वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। काफी प्रयासों के बाद गांव के ही एक व्यक्ति से पुलिस को शेर अली के दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी मिली। इस इनपुट के आधार पर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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फोन का इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी याद थे 25 से अधिक नंबर
करीब नौ महीने तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने के बावजूद शेर अली को 25 से अधिक मोबाइल नंबर याद थे। पुलिस ने पूछताछ के दौरान इसे भी अहम बिंदु माना है। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे लेकर वापस लौट आई। अब उससे फरारी के दौरान बनाए गए संपर्कों और ठिकानों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है। वहीं, गोलू अग्रहरि का नौ महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पुणे से निकलने के बाद शेर अली दिल्ली पहुंचा था। यहां आने के बाद वह अपने गांव के आसपास के एक युवक के संपर्क में आया। उसके साथ करीब एक दिन रुकने के बाद उसने दिल्ली में रहने के लिए कमरा दिलाने की बात कही। इसके बाद शेर अली वहां रंगाई-पुताई का काम करने लगा।
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इसी आधार पर जांच टीम ने गांव में पूछताछ करने के बाद कई बार दिल्ली में दबिश दी, लेकिन उस समय वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। काफी प्रयासों के बाद गांव के ही एक व्यक्ति से पुलिस को शेर अली के दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी मिली। इस इनपुट के आधार पर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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फोन का इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी याद थे 25 से अधिक नंबर
करीब नौ महीने तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने के बावजूद शेर अली को 25 से अधिक मोबाइल नंबर याद थे। पुलिस ने पूछताछ के दौरान इसे भी अहम बिंदु माना है। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे लेकर वापस लौट आई। अब उससे फरारी के दौरान बनाए गए संपर्कों और ठिकानों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है। वहीं, गोलू अग्रहरि का नौ महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।