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राज्य की कृषि नीति में शामिल किए जाएंगे किसानों के सुझाव : रवींद्र

Mon, 03 Nov 2025 07:49 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 07:49 PM IST
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Farmers' suggestions will be incorporated in the state's agriculture policy: Ravindra
31- कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित मंडल स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का शुभारंभ करते प्रमुख सचिव 
अयोध्या/कुमारगंज। प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र कुमार ने कहा कि किसानों के सुझाव को राज्य की कृषि नीति में शामिल किया जाएगा। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से आए किसानों की ओर से जो समस्याएं बताई गई हैं, संबंधित विभागों के अधिकारी उनका निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
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प्रमुख सचिव सोमवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सभागार में अयोध्या व देवीपाटन मंडल की संयुक्त मंडल स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी में बोल रहे थे। कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि अयोध्या मंडल के जिलों में रबी अभियान के तहत 8.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र आच्छादित किया जाएगा। शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों में तहसील व ब्लॉकवार लक्ष्यों के विभाजन का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है।
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उन्होंने सभी किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाने का आग्रह करते हुए कहा कि आगामी दिनों में किसानों को खाद, बीज और अन्य योजनाओं का लाभ फार्मर आईडी बनने के बाद ही मिलेगा। मार्च में आने वाली किसान सम्मान निधि की किस्त भी उन किसानों को नहीं मिलेगी, जिन्होंने फार्मर आईडी नहीं बनवाई होगी। जिलों में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन किसानों को संतुलित मात्रा के आधार पर ही खाद का उपयोग करना चाहिए। किसान संतुलित मात्रा से पांच गुना अधिक खाद डाल रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और कृषि भूमि का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
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प्रदेश को दलहन व तिलहन में बनाना है आत्मनिर्भर : कृषि निदेशक

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने कृषि विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश को दलहन व तिलहन में आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान प्रगतिशील किसानों, एफपीओ, कृषक समूहों व कृषि सखियों के प्रश्न व जिज्ञासाओं का अधिकारियों व वैज्ञानिकों की ओर से समाधान किया गया। प्रगतिशील किसानों व एफपीओ को प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। किसानों को मिनी किट भी उपलब्ध कराई गई। किसानों ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी को भी देखा। संयुक्त कृषि निदेशक डाॅ. एके मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



गोष्ठी में नहीं पहुंच सके कृषि मंत्री

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को भी इस गोष्ठी में पहुंचना था, लेकिन उनके न आ पाने के कारण प्रमुख सचिव कृषि ने उद्घाटन किया। इस दौरान आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह, देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील, प्रबंध निदेशक कृषि, बीज विकास निगम, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह समेत सहकारी, सिंचाई, बिजली, नलकूप, उद्यान, पशुपालन, सहकारी बैंक, गन्ना, मत्स्य, बीज विकास निगम व इफको के मंडलीय व जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे।
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