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Ayodhya News: तपिश भी नहीं डिगा सकी आस्था, भंडारों में जुटी भीड़
Wed, 24 Jun 2026 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:14 AM IST
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अयोध्या। ज्येष्ठ मास के अंतिम बड़े मंगल पर अयोध्या पूरी तरह बजरंगबली की भक्ति में सराबोर नजर आई। सुबह से ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान बजरंगबली की जय के घोष से पूरा माहौल भक्तिमय दिखा। इस दौरान जगह-जगह आयोजित भंडारों में भक्तों को सब्जी-पूरी, छोला चावल व कड़ी चावल के साथ बूंदी व हलुआ का प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर में 42 डिग्री तापमान के साथ त्वचा झुलसाती धूप की तपिश भी लोगों की आस्था को नहीं डिगा सकी। इस कारण भंडारों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
भोर से ही श्रद्धालु जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष के साथ मंदिरों में पहुंचने लगे। हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को चोला चढ़ाया, सिंदूर अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और भजन-कीर्तन का क्रम भी चलता रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से जगह-जगह शरबत, ठंडा पानी, फल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। तेज धूप और उमस के बावजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी भीड़ मंदिरों में पूजा दर्शन के लिए जुटी। मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। ज्येष्ठ मास के मंगल का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दौरन बजरंगबली की आराधना करने से कष्टों का निवारण होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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नाका हनुमानगढ़ी में हुआ सुंदरकांड का पाठ
ज्येष्ठ के अंतिम बड़े मंगल पर नाका हनुमानगढ़ी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। यहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर में दिनभर रामधुन, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ चलता रहा। महंत राम दास ने बजरंगबली की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बजरंगबली को सवा मनी लड्डुओं और फलों का भोग अर्पित कर भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
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भोर से ही श्रद्धालु जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष के साथ मंदिरों में पहुंचने लगे। हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को चोला चढ़ाया, सिंदूर अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और भजन-कीर्तन का क्रम भी चलता रहा।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से जगह-जगह शरबत, ठंडा पानी, फल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। तेज धूप और उमस के बावजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी भीड़ मंदिरों में पूजा दर्शन के लिए जुटी। मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। ज्येष्ठ मास के मंगल का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दौरन बजरंगबली की आराधना करने से कष्टों का निवारण होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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नाका हनुमानगढ़ी में हुआ सुंदरकांड का पाठ
ज्येष्ठ के अंतिम बड़े मंगल पर नाका हनुमानगढ़ी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। यहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर में दिनभर रामधुन, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ चलता रहा। महंत राम दास ने बजरंगबली की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बजरंगबली को सवा मनी लड्डुओं और फलों का भोग अर्पित कर भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।