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Ayodhya News: दिवाली से पहले राम जन्मभूमि के सभी मंदिरों में होने लगेंगे दर्शन
Tue, 19 Aug 2025 08:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 19 Aug 2025 08:59 PM IST
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अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर समेत सभी मंदिरों में दिवाली से पहले श्रद्धालुओं को दर्शन मिलने लगेंगे। परकोटा व सप्त मंडपम समेत अन्य मंदिरों को 15 अक्तूबर के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की तैयारी हो रही है। कुबेर टीला तक भी श्रद्धालु जा सकें, इसके लिए सड़क का निर्माण हो रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी मंदिरों में अक्तूबर से श्रद्धालुुओं को दर्शन मिलने लगेंगे। वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने का काम भी सितंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा। परकोटा के बाहर शू रैक की बिल्डिंग बन गई है। यहां एक साथ 12 हजार जूता व चप्पल रखे जा सकेंगे। श्रद्धालु जूता-चप्पल पहनकर कुबेर टीला व सप्त मंडपम तक दर्शन और भ्रमण कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर की दूसरी मंजिल के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। केवल दरवाजे लगने बाकी हैं। राम जन्मभूमि परिसर में 10 एकड़ में पंचवटी का निर्माण हो रहा है। इसमें पक्षियों व बंदरों के लिए तालाब भी विकसित किया जा रहा है। फसाड लाइटिंग के लिए तीन कंपनियों ने करीब दो घंटे का प्रजेंटेशन दिया है, जिस कंपनी का चयन होगा, उसे सशर्त मंदिर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी पांच से 10 साल तक संभालनी होगी।
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ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि 70 एकड़ के मंदिर परिसर में 30 एकड़ में हरियाली होगी। 15 एकड़ में सड़क बन रही है। शेष 25 एकड़ में निर्माण कार्य हो रहे हैं। भवन निर्माण समिति की बैठक तीसरे दिन बुधवार को रामकथा संग्रहालय में होगी। बैठक में संग्रहालय निर्माण पर चर्चा की जाएगी। आईआईटी मद्रास रामकथा संग्रहालय में एक अत्याधुनिक गैलरी विकसित करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक नौ सितंबर को मणि रामदास की छावनी में होगी। इससे पहले सात व आठ सितंबर को निर्माण समिति की बैठक होगी।
चंपत राय ने बताया कि नवंबर में ध्वजारोहण समारोह की तैयारी की जा रही है। यह 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पुनरावृत्ति नहीं होगा। यह समारोह इस बार अयोध्या केंद्रित होगा। अयोध्या के आसपास 20 से 25 जिलों पर केंद्रित होगा। प्राण प्रतिष्ठा की तरह ही इस कार्यक्रम को भी ऐतिहासिक बनाने की तैयारी हो रही है। अतिथियों की सूची तैयार की जा रही है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी मंदिरों में अक्तूबर से श्रद्धालुुओं को दर्शन मिलने लगेंगे। वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने का काम भी सितंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा। परकोटा के बाहर शू रैक की बिल्डिंग बन गई है। यहां एक साथ 12 हजार जूता व चप्पल रखे जा सकेंगे। श्रद्धालु जूता-चप्पल पहनकर कुबेर टीला व सप्त मंडपम तक दर्शन और भ्रमण कर सकेंगे।
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उन्होंने बताया कि राम मंदिर की दूसरी मंजिल के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। केवल दरवाजे लगने बाकी हैं। राम जन्मभूमि परिसर में 10 एकड़ में पंचवटी का निर्माण हो रहा है। इसमें पक्षियों व बंदरों के लिए तालाब भी विकसित किया जा रहा है। फसाड लाइटिंग के लिए तीन कंपनियों ने करीब दो घंटे का प्रजेंटेशन दिया है, जिस कंपनी का चयन होगा, उसे सशर्त मंदिर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी पांच से 10 साल तक संभालनी होगी।
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ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि 70 एकड़ के मंदिर परिसर में 30 एकड़ में हरियाली होगी। 15 एकड़ में सड़क बन रही है। शेष 25 एकड़ में निर्माण कार्य हो रहे हैं। भवन निर्माण समिति की बैठक तीसरे दिन बुधवार को रामकथा संग्रहालय में होगी। बैठक में संग्रहालय निर्माण पर चर्चा की जाएगी। आईआईटी मद्रास रामकथा संग्रहालय में एक अत्याधुनिक गैलरी विकसित करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक नौ सितंबर को मणि रामदास की छावनी में होगी। इससे पहले सात व आठ सितंबर को निर्माण समिति की बैठक होगी।
चंपत राय ने बताया कि नवंबर में ध्वजारोहण समारोह की तैयारी की जा रही है। यह 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पुनरावृत्ति नहीं होगा। यह समारोह इस बार अयोध्या केंद्रित होगा। अयोध्या के आसपास 20 से 25 जिलों पर केंद्रित होगा। प्राण प्रतिष्ठा की तरह ही इस कार्यक्रम को भी ऐतिहासिक बनाने की तैयारी हो रही है। अतिथियों की सूची तैयार की जा रही है।