{"_id":"699dcb19b2b37ff06d0798d4","slug":"crisis-of-basic-amenities-in-asra-housing-of-rath-haveli-ayodhya-news-c-13-1-lko1075-1620256-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: राठ हवेली के आसरा आवास में बुनियादी सुविधाओं का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: राठ हवेली के आसरा आवास में बुनियादी सुविधाओं का संकट
Tue, 24 Feb 2026 09:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 24 Feb 2026 09:30 PM IST
विज्ञापन
24 - आवास में पड़ा कूड़े का ढेर से लोग परेशान- संवाद
अयोध्या। शहर के शहीद अब्दुल हमीद वार्ड में स्थित राठ हवेली मोहल्ला में बने आसरा आवास में रहने वाले परिवार बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। निर्धन परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से शुरू की गई आसरा आवास की हालत अब बदहाल हो चुकी है। बजबजाती नालियां, जगह-जगह पड़ा कूड़ा, दूषित पेयजल और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप यहां आम समस्या बन चुका है।
2016 को इस आवास योजना का शिलान्यास हुआ था। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से यहां 36 आवास का निर्माण कराया गया। वर्ष 2019-20 में लोगों को आवास आवंटित किए गए। आरोप है कि आवंटन के बाद से जिम्मेदार विभाग यहां की हालत देखने तक नहीं आए। पांच वर्षों से ज्यादा का समय हो गया लेकिन आवास की मरम्मत नहीं हुई। जगह-जगह प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। मुख्य गेट वर्षों से टूटा पड़ा है। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
इनसेट
खुद करानी पड़ती है सफाई
स्थानीय निवासी प्रशंसा ने बताया कि पांच वर्षों में पानी की टंकी की कभी सफाई नहीं कराई गई, जिससे पानी गंदा आ रहा है। पानी पीने से लोगों के बीमार होने का डर बना रहता है। नूरजहां ने बताया कि जगह-जगह नालियों में गंदा पानी भरा होकर बजबजा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। कई बार सीवर चोक हो जाता है तब खुद पैसे लगाकर सफाई करानी पड़ती है। निवासी कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है। कहने पर सफाईकर्मी आते हैं, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं है। दिलीप गुप्ता ने बताया कि चार वर्षों में यहां पर कभी फॉगिंग नहीं हुई। मच्छरों की भरमार है, लेकिन एंटी-लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया गया। डेंगू और मलेरिया का डर बना रहता है। 2025 में नगर निगम ने अभियान भी चलाया था। उसके बाद भी यहां पर छिड़काव नहीं करवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
2016 को इस आवास योजना का शिलान्यास हुआ था। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से यहां 36 आवास का निर्माण कराया गया। वर्ष 2019-20 में लोगों को आवास आवंटित किए गए। आरोप है कि आवंटन के बाद से जिम्मेदार विभाग यहां की हालत देखने तक नहीं आए। पांच वर्षों से ज्यादा का समय हो गया लेकिन आवास की मरम्मत नहीं हुई। जगह-जगह प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। मुख्य गेट वर्षों से टूटा पड़ा है। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
विज्ञापन
इनसेट
खुद करानी पड़ती है सफाई
स्थानीय निवासी प्रशंसा ने बताया कि पांच वर्षों में पानी की टंकी की कभी सफाई नहीं कराई गई, जिससे पानी गंदा आ रहा है। पानी पीने से लोगों के बीमार होने का डर बना रहता है। नूरजहां ने बताया कि जगह-जगह नालियों में गंदा पानी भरा होकर बजबजा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। कई बार सीवर चोक हो जाता है तब खुद पैसे लगाकर सफाई करानी पड़ती है। निवासी कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है। कहने पर सफाईकर्मी आते हैं, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं है। दिलीप गुप्ता ने बताया कि चार वर्षों में यहां पर कभी फॉगिंग नहीं हुई। मच्छरों की भरमार है, लेकिन एंटी-लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया गया। डेंगू और मलेरिया का डर बना रहता है। 2025 में नगर निगम ने अभियान भी चलाया था। उसके बाद भी यहां पर छिड़काव नहीं करवाया गया।
विज्ञापन