{"_id":"66e35594e0b499aa82072c64","slug":"couple-gets-nine-years-jail-in-case-of-culpable-homicide-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-118570-2024-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: गैर इरादतन हत्या के मामले में दंपती को नौ साल की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: गैर इरादतन हत्या के मामले में दंपती को नौ साल की जेल
Fri, 13 Sep 2024 02:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 13 Sep 2024 02:26 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। पैसा लेकर शादी कराने के विवाद में हुए गैर इरादतन हत्या के दोषी मस्तराम व उसकी पत्नी लक्खी देवी को नौ साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगा है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे ने बृहस्पतिवार को भरी अदालत में सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना थाना रुदौली क्षेत्र की वर्ष 2017 की है। नवरोजपुर निवासी राम भरत की पत्नी का निधन हो गया था। कोड़रा गांव निवासी मस्तराम व उनकी पत्नी लक्खी देवी पैसा लेकर शादी कराने का काम करते थे। उन्होंने 20,000 रुपये लेकर थाना कैंट निवासी सीमा उर्फ रूपाली को राम भरत के हाथ बेच दिया। तीन-चार महीने तक दोनों साथ रहे। उसके बाद सीमा रामभरत को छोड़कर लक्खी देवी के घर चली गई। बाद में रूपाली को थाना रौनाही क्षेत्र के गोड़वा निवासी बसंते के हाथ बेच दिया।
तीन जून, 2017 को लक्खी देवी ने रामभारत को फोन करके अपने घर पर बुलाया। राम भरत ने 20,000 रुपये वापस मांगा तो रात के 11 बजे उसे लाठी-डंडे से पीटकर पेड़ से बांध दिया। चोर होने की अफवाह फैला दी गई। किसी ने 100 नंबर पर फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने राम भरत को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां पर सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक के जीजा लक्ष्मी प्रसाद की तहरीर पर थाना रुदौली में मस्तराम, उनकी पत्नी लक्खी देवी व बसंते के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। अभियोजन पक्ष से न्यायालय में नौ गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर मस्तराम व उनकी पत्नी को नौ-नौ साल के कारावास व प्रत्येक को 3,000 रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना थाना रुदौली क्षेत्र की वर्ष 2017 की है। नवरोजपुर निवासी राम भरत की पत्नी का निधन हो गया था। कोड़रा गांव निवासी मस्तराम व उनकी पत्नी लक्खी देवी पैसा लेकर शादी कराने का काम करते थे। उन्होंने 20,000 रुपये लेकर थाना कैंट निवासी सीमा उर्फ रूपाली को राम भरत के हाथ बेच दिया। तीन-चार महीने तक दोनों साथ रहे। उसके बाद सीमा रामभरत को छोड़कर लक्खी देवी के घर चली गई। बाद में रूपाली को थाना रौनाही क्षेत्र के गोड़वा निवासी बसंते के हाथ बेच दिया।
विज्ञापन
तीन जून, 2017 को लक्खी देवी ने रामभारत को फोन करके अपने घर पर बुलाया। राम भरत ने 20,000 रुपये वापस मांगा तो रात के 11 बजे उसे लाठी-डंडे से पीटकर पेड़ से बांध दिया। चोर होने की अफवाह फैला दी गई। किसी ने 100 नंबर पर फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने राम भरत को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां पर सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक के जीजा लक्ष्मी प्रसाद की तहरीर पर थाना रुदौली में मस्तराम, उनकी पत्नी लक्खी देवी व बसंते के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। अभियोजन पक्ष से न्यायालय में नौ गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर मस्तराम व उनकी पत्नी को नौ-नौ साल के कारावास व प्रत्येक को 3,000 रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
विज्ञापन