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Ayodhya News: श्रीराम ने बालि का वध कर सुग्रीव का राज तिलक किया
Sun, 28 Sep 2025 09:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 28 Sep 2025 09:13 PM IST
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अयोध्या। रामकथा पार्क में फिल्मी कलाकारों से सज्जित रामलीला का मंचन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रविवार का राम-हनुमान मिलन व बालि वध के प्रसंग का मंचन किया गया। राम की भूमिका में वेद सागर, लक्ष्मण की भूमिका में राजन मोदी व हनुमान की भूमिका में प्रकाश तिवारी ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी।
रविवार की लीला भगवान गणेश की वंदना से आरंभ हुई। उसके बाद मां शबरी ने प्रभु श्री राम को सहायता के लिए ऋष्यमूक पर्वत पर रहने वाले सुग्रीव के पास जाने को कहा। उधर सुग्रीव को पता चलता कि दो धनुर्धारी पर्वत की ओर आ रहे हैं। सुग्रीव हनुमान को भेजते हैं। हनुमान जी ब्राह्मण का वेश धारण कर प्रभु राम और लक्ष्मण के आने का कारण जानते हैं। हनुमान जी उनको अपने राजा सुग्रीव के पास ले जाकर सारी घटनाओं के बारे में विस्तृत वर्णन करते हैं। सुग्रीव अपनी दशा श्रीराम को बताते हुए कहते हैं कि मैं जिसके भय से गाय बना, जो नाहक ही दुखदायी है। यद्यपि है मेरा भाई पर, भाई नहीं कसाई है। श्रीराम सुग्रीव को आश्वस्त करते हुए बालि से युद्ध करने के लिए भेजते हैं। सुग्रीव बालि को युद्ध के लिए ललकारता और बालि उसे पराजित कर देता है। राम कहते हैं कि दोनों भाईयों को चेहरा एक जैसा है। उसका उपाय कर वह फिर युद्ध के लिए सुग्रीव को भेजते हैं। अबकी बार श्रीराम बालि का वध कर देते हैं और सुग्रीव का राजतिलक करते हैं।
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रविवार की लीला भगवान गणेश की वंदना से आरंभ हुई। उसके बाद मां शबरी ने प्रभु श्री राम को सहायता के लिए ऋष्यमूक पर्वत पर रहने वाले सुग्रीव के पास जाने को कहा। उधर सुग्रीव को पता चलता कि दो धनुर्धारी पर्वत की ओर आ रहे हैं। सुग्रीव हनुमान को भेजते हैं। हनुमान जी ब्राह्मण का वेश धारण कर प्रभु राम और लक्ष्मण के आने का कारण जानते हैं। हनुमान जी उनको अपने राजा सुग्रीव के पास ले जाकर सारी घटनाओं के बारे में विस्तृत वर्णन करते हैं। सुग्रीव अपनी दशा श्रीराम को बताते हुए कहते हैं कि मैं जिसके भय से गाय बना, जो नाहक ही दुखदायी है। यद्यपि है मेरा भाई पर, भाई नहीं कसाई है। श्रीराम सुग्रीव को आश्वस्त करते हुए बालि से युद्ध करने के लिए भेजते हैं। सुग्रीव बालि को युद्ध के लिए ललकारता और बालि उसे पराजित कर देता है। राम कहते हैं कि दोनों भाईयों को चेहरा एक जैसा है। उसका उपाय कर वह फिर युद्ध के लिए सुग्रीव को भेजते हैं। अबकी बार श्रीराम बालि का वध कर देते हैं और सुग्रीव का राजतिलक करते हैं।
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