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Ayodhya News: रामनगरी की 50 प्रतिशत सिटी इलेक्ट्रिक बसें हो गईं कबाड़
Mon, 09 Mar 2026 09:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 09 Mar 2026 09:43 PM IST
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07- अयोध्या धाम बस अड्डे पर कतार में खड़ी कबाड़ ई-बसें - संवाद
अयोध्या। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। शहर में चल रहीं करीब 50 प्रतिशत बसें कबाड़ हो गई हैं। इसके अलावा जो बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, उनमें भी आए दिन कुछ न कुछ खराबी आ जाती है। मौजूदा 12 से 14 ई-बसें रामपथ पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर चल रही हैं। बसों की खराबी से रामलला के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
2022 में लखनऊ से आई थीं 25 ई-बसें
राममंदिर उद्घाटन से एक माह पूर्व शहर में लखनऊ से 25 इलेक्ट्रिक सिटी बसें रामनगरी को उपलब्ध कराई गई थीं। शुरुआत में इन बसों से यात्रियों को काफी राहत मिली, लेकिन समय के साथ रखरखाव की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई बसें तकनीकी खराबी का शिकार हो गईं। वर्तमान स्थिति यह है कि करीब आधी बसें खराब होकर संचालन से बाहर हो चुकी हैं। कई बसें लंबे समय से अयोध्या धाम बस अड्डा पर खड़ी हैं और उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
28 की जगह बैठते है 70 से 80 यात्री
राम मंदिर दर्शन करने लिए रोजाना शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते-जाते हैं, जिन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों तक पहुंचने के लिए इन सिटी बसों का सहारा लेना पड़ता है। बसों की संख्या कम होने के कारण जो बसें फिलहाल चल रही हैं, उनमें यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। इन बसों में 28 यात्रियों के बैठने की सीट होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में एक-एक बस में लगभग 70 से 80 यात्री यात्रा करते हैं।
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सिटी बस निदेशक विमल राजन ने बताया कि बसों की मरम्मत और नियमित देखभाल के लिए एक स्थायी वर्कशॉप बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। मौजूदा समय में छोटी-मोटी तकनीकी खराबियों को दूर करने के लिए मैकेनिक बस अड्डे पर ही आकर बसों की मरम्मत कर देते हैं।
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2022 में लखनऊ से आई थीं 25 ई-बसें
राममंदिर उद्घाटन से एक माह पूर्व शहर में लखनऊ से 25 इलेक्ट्रिक सिटी बसें रामनगरी को उपलब्ध कराई गई थीं। शुरुआत में इन बसों से यात्रियों को काफी राहत मिली, लेकिन समय के साथ रखरखाव की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई बसें तकनीकी खराबी का शिकार हो गईं। वर्तमान स्थिति यह है कि करीब आधी बसें खराब होकर संचालन से बाहर हो चुकी हैं। कई बसें लंबे समय से अयोध्या धाम बस अड्डा पर खड़ी हैं और उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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28 की जगह बैठते है 70 से 80 यात्री
राम मंदिर दर्शन करने लिए रोजाना शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते-जाते हैं, जिन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों तक पहुंचने के लिए इन सिटी बसों का सहारा लेना पड़ता है। बसों की संख्या कम होने के कारण जो बसें फिलहाल चल रही हैं, उनमें यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। इन बसों में 28 यात्रियों के बैठने की सीट होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में एक-एक बस में लगभग 70 से 80 यात्री यात्रा करते हैं।
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सिटी बस निदेशक विमल राजन ने बताया कि बसों की मरम्मत और नियमित देखभाल के लिए एक स्थायी वर्कशॉप बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। मौजूदा समय में छोटी-मोटी तकनीकी खराबियों को दूर करने के लिए मैकेनिक बस अड्डे पर ही आकर बसों की मरम्मत कर देते हैं।