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Ayodhya News: एपीके फाइल पर क्लिक करते ही फुर्र हो गए 20 लाख
Sat, 24 Jan 2026 08:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 24 Jan 2026 08:42 PM IST
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अयोध्या। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल फोन पर एपीके फाइल भेजकर फोन हैक कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से 20 लाख रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही बैंक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
दर्ज एफआईआर में कोतवाली अयोध्या के शाहनेवाजपुर निवासी राहुल यादव ने बताया कि उनका बेनीगंज स्थित एक बैंक में खाता संचालित है। उन्होंने 20 लाख रुपये की डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) करवाई है। चार जनवरी की रात लगभग 11 बजे उनके मोबाइल फोन पर आरटीओ चालान लिखी एपीके फाइल का लिंक आया था।
अज्ञानतावश उन्होंने फाइल पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनकी डीडी तोड़कर ठगों ने संपूर्ण धनराशि ऑनलाइन निकाल लिया। इसके लिए उन्होंने न तो ओटीपी साझा की न ही पासवर्ड बताया। उन्होंने बताया कि बिना उनके आवेदन किए बैंक ने उनके खाते पर नेट बैंकिंग सेवा जारी कर दी है। यदि यह सुविधा न जारी की जाती तो उनके साथ धोखाधड़ी संभव नहीं थी। इस मामले में बैंक की भी घोर लापरवाही है। इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने साइबर ठगों और बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी मो. अरशद ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आमजन से अपील है कि अनजान नंबर से आई एपीके फाइल पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। ऐसा करने पर साइबर ठग फोन हैक कर लेते हैं और उन्हें पैसा निकालने के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती है। पीड़ित को जानकारी भी नहीं होती है और उसके बैंक खाते से रुपये निकल जाते हैं। इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति को बैंक से संबंधित या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। ठगी के शिकार होने पर अविलंब शिकायत करें।
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दर्ज एफआईआर में कोतवाली अयोध्या के शाहनेवाजपुर निवासी राहुल यादव ने बताया कि उनका बेनीगंज स्थित एक बैंक में खाता संचालित है। उन्होंने 20 लाख रुपये की डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) करवाई है। चार जनवरी की रात लगभग 11 बजे उनके मोबाइल फोन पर आरटीओ चालान लिखी एपीके फाइल का लिंक आया था।
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अज्ञानतावश उन्होंने फाइल पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनकी डीडी तोड़कर ठगों ने संपूर्ण धनराशि ऑनलाइन निकाल लिया। इसके लिए उन्होंने न तो ओटीपी साझा की न ही पासवर्ड बताया। उन्होंने बताया कि बिना उनके आवेदन किए बैंक ने उनके खाते पर नेट बैंकिंग सेवा जारी कर दी है। यदि यह सुविधा न जारी की जाती तो उनके साथ धोखाधड़ी संभव नहीं थी। इस मामले में बैंक की भी घोर लापरवाही है। इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने साइबर ठगों और बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी मो. अरशद ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आमजन से अपील है कि अनजान नंबर से आई एपीके फाइल पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। ऐसा करने पर साइबर ठग फोन हैक कर लेते हैं और उन्हें पैसा निकालने के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती है। पीड़ित को जानकारी भी नहीं होती है और उसके बैंक खाते से रुपये निकल जाते हैं। इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति को बैंक से संबंधित या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। ठगी के शिकार होने पर अविलंब शिकायत करें।