दिग्गज नेत्री अनुराधा ने छोड़ा मुलायम का साथ
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चुनावी नतीजों से आए भूचाल में पूर्व सांसद एवं मंत्री अनुराधा चौधरी ने सपा का दामन छोड़ दिया है। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा छीन लिए जाने के बाद अनुराधा ने पार्टी छोड़ने में देर नहीं की। सपा में अनुराधा रालोद जैसा रुतबा हासिल नहीं कर पाई।
भाजपा के सहारे जिले की सियासत में कदम रखने वाली अनुराधा चौधरी को राजनीति में उंचाइयां रालोद में मिली। छोटे चौधरी के यूपीए गठबंधन सरकार में शामिल होने के फैसले पर नाराजगी के चलते उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया।
मुलायम सिंह की गठबंधन सरकार में मंत्री रही अनुराधा ने अपने पुराने रुतबे के चलते सपा में राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व पा लिया। पार्टी ने भी तवज्जो दी और उन्हें बिजनौर सीट से सांसद का टिकट दे दिया।
सपा ने छीना कैबिनेट मंत्री का दर्जा
सियासी उलटफेर में जब अनुराधा बिजनौर में अपनी जमीन बना रही थी, तभी उनसे टिकट वापस लेकर पूर्व सांसद अमीर आलम को दे दिया गया। यह अलग बात है कि आलम को भी टिकट गंवाना पड़ा।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने अनुराधा के सम्मान में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिला दिया। हालांकि विज्ञान प्रौधोगिकी की अध्यक्षा बनने के बावजूद वेस्ट में अनुराधा की सक्रियता घटने लगी। कुछ स्वास्थ्य की दिक्कतें तो कुछ पार्टी के दरकिनार कर दिए जाने पर उनकी आवाजाही भी थम गई। दंगे ने और हालात बिगाड़ दिए।
संसदीय चुनाव में भी वह इक्का-दुक्का सभाओं में ही दिखीं। सूबे में हार से बौखलाई सपा ने तीन दिन पहले अनुराधा से कैबिनेट मंत्री का दर्जा वापस ले लिया था। ऐसे हालात में अनुराधा ने भी सपा को बाय-बाय कहने में देर नहीं की। शुक्रवार को लखनऊ में उन्होंने अपना इस्तीफा नेताजी को फैक्स कर दिया।