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आसान तरीके से पौधों से निकलेगा तेल, जिससे इत्र बनेगा बेमेल एएमयू के शोधकर्ताओं ने सुगंधित पौधों से तेल निकालने का अनोखा तरीका खोजा
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सुगंधित पौधों से तेल निकालने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मसरूर द्वारा तैयार की गई नई फोर्ट (फास्ट आयल रिकवरी तकनीक) विधि की पूरी प्रक्रिया का चार्ट
- फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़। सुगंधित पौधों से तेल निकालना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है और इसमें काफी समय लगता है। लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर मसरूर खान ने इंडक्शन कूलर और इंडक्शन हीटर का उपयोग करके पौधों से इत्र और तेल निकालने का एक आधुनिक तरीका खोजा है।
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वे इस विधि को फोर्ट (फास्ट आयल रिकवरी तकनीक) कहते हैं। यह सामान्य विधि से लगभग 4 गुना तेज होता है और इस तरह मिन्था, पुदीना, पेपरमिंट, गुलाब, लैवेंडर,
लेमनग्रास, तुलसी, खस आदि का तेल आसानी से निकाला जा सकता है।
प्रोफेसर मसरूर खान ने कहा कि इस परियोजना में डाक्टर मोहम्मद नईम और डाक्टर तारिक आफताब भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस तकनीक का पेटेंट कराने की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने इस से पूर्व नैनोकणों के माध्यम से पेपरमिंट के उत्पादन को बढ़ाने के लिए पेटेंट प्राप्त किया है।
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प्रोफेसर मसरूर खान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पीएचडी और ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से पोस्टडाक्टोरल फेलोशिप प्राप्त की है। वे लगभग 40 वर्षों से शोध और अध्यापन कार्य कर रहे हैं। आज तक उनके 200 लेख मानक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने औषधीय पौधों पर एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी हैं।
यह हैं इस नई विधि के फायदे
-प्रोफेसर मसरूर खान ने कहा कि इस तकनीक से एक किलो पुदीना से तेल सिर्फ 45 मिनट में निकाला जा सकता है। जबकि सामान्य तरीके से करीब 3 घंटे लगते हैं।
-दूसरी ओर इस प्रक्रिया में बिजली की लागत एक चौथाई से भी कम है।
-तीसरा, सामान्य विधि में लगभग 250 लीटर नल का पानी ठंडा करने के लिए उपयोग किया जाता है। जबकि इस विधि में केवल एक या दो किलोग्राम बर्फ खर्च होती है।
- साथ ही, कार्यस्थल पर अधिक गर्मी उत्पन्न नहीं होती है।
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एएमयू के प्रोफेसर मसरूर, खान सुगंधित फूलों से तेल निकालने की नई विधि को खोजने वाले
- फोटो : Amar Ujala
एएमयू के प्रोफेसर मसरूर, खान सुगंधित फूलों से तेल निकालने की नई विधि को खोजने वाले