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Budget 2020: उद्यमी और व्यापारियों को बजट से आस, ताजनगरी में उद्योग स्थापना की राह खुले

Sat, 01 Feb 2020 12:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 01 Feb 2020 12:19 PM IST
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budget 2020 expectations to traders of Agra
अमर उजाल संवाद कार्यक्रम में उद्यमी और व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी के उद्यमियों और व्यापारियों को आम बजट में टीटीजेड (ताज संरक्षित क्षेत्र) के लिए किसी बड़ी घोषणा की अपेक्षा है। यहां बंदिशों को देखते हुए वे उद्योगों के लिए संजीवनी की जरूरत जताते हैं। शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उनका कहना था कि सरकार ताजनगरी में गैर प्रदूषणकारी उद्योग स्थापित कराए। यहां आईटी पार्क और टेक्सटाइल इंडस्ट्री खुले। जूता कारोबारी ने उम्मीद जताई कि जूतों पर बार-बार के बजाय उत्पादन होते ही एक बार कर लगा दिया जाए। 
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शहर में आईटी पार्क खोलें
एक्मा अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि टीटीजेड की बंदिशों से आगरा के उद्योग बर्बाद हो गए। जरूरत गैर प्रदूषणकारी कारखाने खोलने की है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री लगाई जाए। आईटी पार्क खोले जाएं। उद्योग न के बराबर रह जाने से युवा मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी नोएडा, बंगलुरू से कर रहे हैं। 
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दो फीसदी टीडीएस बंद हो
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागनदास रमानी ने कहा कि जूता कारोबार आगरा की लाइफ लाइन है, लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से परेशानी हो रही है। सरकार इन पर रोक लगाए। एक करोड़ की निकासी पर दो प्रतिशत टीडीएस बंद हो। जूते जैसे उत्पादों पर कारखाने में ही एक बार में सभी कर लग जाएं। 
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सोने पर एक्साइज ड्यूटी घटे
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि चांदी के कारोबार में पूरे एशिया में आगरा नंबर वन है लेकिन सोने पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ जाने से सराफा में परेशानी है। कर कम होगा, तो ज्यादा कारोबारी देंगे, सरकार को फायदा होगा। एक्साइज ड्यूटी कम की जाए। होलमार्क की अनिवार्यता के नियम व्यावहारिक नहीं हैं। 

तेल जीएसटी के दायरे में हो
एआईएमसीसी ट्रांसपोर्ट चैंबर के सदस्य वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने पांच लाख रुपये की आय कर मुक्त की है लेकिन इसमें शर्तें हैं, इन्हें समाप्त किया जाए। यह छूट सभी के लिए हो। ट्रांसपोर्ट कारोबार को डीजल और पेट्रोल के बढ़ते रेट से परेशानी आ रही है। तेल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। 

नमकीन पर टैक्स कम करें
नमकीन कारोबारी सुशील नोतनानी ने कहा कि ब्रज भूमि और इससे सटे राजस्थान में नमकीन का बड़ा कारोबार है। सरकार ने इस पर दो तरह के टैक्स लगाए हैं, ब्रांडेड पर 12 फीसदी, नान ब्रांडेड पर पांच फीसदी। इसे एक समान करना चाहिए। इससे नए कारखाने खुलेंगे। टैक्स कम होगा तो लोग ब्रांड से नमकीन बेचेंगे।

शिक्षण संस्थाओं को दें रियायत
उत्तम इंस्टीट्यूट के चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने कहा कि आगरा के उद्योग और शिक्षण संस्थान एक दूसरे के पूरक हैं। उद्योग बढ़ेंगे, व्यापार चलेगा तो शिक्षण संस्थान चलेंगे। इंजीनियरिंग और बीएड कॉलेज बंद हो रहे हैं क्योंकि मंदी है। सरकार शिक्षण संस्थाओं को रियायत दे, छात्रवृत्ति की शर्तें आसान करे, जिससे छात्र पढ़ सकें। 

ट्रक चालकों के लिए योजना हो
आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि जैसे किसानों के लिए किसान सम्मान निधि दी गई है, वैसे ही चालकों के लिए कोई योजना हो। ट्रक ड्राइवर पूरे देश में है, इनकी बड़ी संख्या है लेकिन इनके बारे में सरकार कोई योजना नहीं लाती है। ये हादसे में मर जाएं तो इनका परिवार बहुत संकट से गुजरता है। 

टैक्स कम होगा तो अधिक कर देंगे
सराफा कारोबारी मयंक अग्रवाल ने कहा कि सोने पर कर ज्यादा होने से सिर्फ अफसरों का फायदा है, सरकार का नहीं। टैक्स कम होगा तो ज्यादा लोग कर देंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में यह कम किया गया था, तब सबसे ज्यादा कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। मोदी सरकार भी सोने पर कर कम करे।
 
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