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सेवा और मदद के बहाने दलाली बंद
Lucknow
Updated Thu, 01 Aug 2013 05:33 AM IST
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लखनऊ। कैसरबाग स्थित विकलांग बोर्ड परिसर में अब जरूरतमंद लोगों की ‘मदद’ के लिए ‘समाजसेवी’ मजमा नहीं लगा सकेंगे। निशक्तता के सर्टिफिकेट के लिए दलाली से लेकर गाली-गलौज की शिकायत के बाद बोर्ड ने बुधवार को यह कदम उठाया।
बताया जा रहा है कि पिछले काफी समय से यहां निशक्तजनों को मदद के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। निशक्तजनों को निशक्तता प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं में पंजीकरण के लिए कैसरबाग स्थित विकलांग बोर्ड पर दलालों के दखल ने कई परेशानियां खड़ी कर दी है। वे निशक्तजनों को झांसे में लेकर कभी सर्टिफिकेट बनवाने तो कभी नौकरी दिलवाने के नाम पर ठग रहे हैं। इससे निजात पाने के लिए बोर्ड ने किसी भी निशक्तजनों और उनके परिजनों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को बोर्ड परिसर में आने से रोक दिया है।इन्हीं में शामिल रमेश चंद्र सिसोदिया ने बताया कि वे कई वर्षों से निशक्तजनों के हक के लिए लखनऊ में लड़ रहे हैं, उन्हें जबरन विवाद में घसीटकर निशाना बनाया गया। वे बोर्ड में सक्रिय दलालों के खिलाफ उच्च अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। वे बुधवार को बोर्ड में पहुंचे तो उन्हें धकियाया गया। दूसरी ओर निशक्तजनों की ही मदद के नाम पर बोर्ड में मौजूद रहने वाली कुछ महिलाओं ने डिप्टी सीएमओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि दलालों द्वारा उनके साथ गाली गलौज की जा रही है। रमेश सिसोदिया का कहना है कि इस शिकायत पर उन्हें ही बोर्ड में नहीं आने दिया जा रहा है, जबकि वे सेवा कार्य के लिए आते हैं।
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बताया जा रहा है कि पिछले काफी समय से यहां निशक्तजनों को मदद के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। निशक्तजनों को निशक्तता प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं में पंजीकरण के लिए कैसरबाग स्थित विकलांग बोर्ड पर दलालों के दखल ने कई परेशानियां खड़ी कर दी है। वे निशक्तजनों को झांसे में लेकर कभी सर्टिफिकेट बनवाने तो कभी नौकरी दिलवाने के नाम पर ठग रहे हैं। इससे निजात पाने के लिए बोर्ड ने किसी भी निशक्तजनों और उनके परिजनों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को बोर्ड परिसर में आने से रोक दिया है।इन्हीं में शामिल रमेश चंद्र सिसोदिया ने बताया कि वे कई वर्षों से निशक्तजनों के हक के लिए लखनऊ में लड़ रहे हैं, उन्हें जबरन विवाद में घसीटकर निशाना बनाया गया। वे बोर्ड में सक्रिय दलालों के खिलाफ उच्च अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। वे बुधवार को बोर्ड में पहुंचे तो उन्हें धकियाया गया। दूसरी ओर निशक्तजनों की ही मदद के नाम पर बोर्ड में मौजूद रहने वाली कुछ महिलाओं ने डिप्टी सीएमओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि दलालों द्वारा उनके साथ गाली गलौज की जा रही है। रमेश सिसोदिया का कहना है कि इस शिकायत पर उन्हें ही बोर्ड में नहीं आने दिया जा रहा है, जबकि वे सेवा कार्य के लिए आते हैं।
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