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डॉक्टर ने गर्भवती महिला को बताया विक्षिप्त
Lucknow
Updated Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
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सरोजनीनगर। सड़क पर बेसुध पड़ी गर्भवती महिला को आशा कार्यकत्री ने अस्पताल में भर्ती करा दिया, लेकिन बेहतर इलाज न मिलने के कारण वो अभी भी दर्द से तड़प रही। महिला की गंभीर हालत के बावजूद सीएचसी के डाक्टर उसे विक्षिप्त बताकर मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए रेफर कर दिया।
जानकारी के मुताबिक बीते शनिवार की शाम को एक गर्भवती महिला कानपुर रोड स्थित सैनिक स्कूल के सामने बेसुध हालत में पड़ी थी। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहीं आशा कार्यकत्री इंदूबाला की नजर उस पर पड़ी। इन्दूबाला ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गई। बेसुध हालत में पहुंची महिला को डॉ. मजू वर्मा ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर लिया। पीड़ित महिला ने अस्पताल प्रशासन को अपना नाम रेखा व पति का नाम मंगू बताया है और वह झांसी के बीना रोड स्थित नातेगंज थानाक्षेत्र के गूदडचक गांव की रहने वाली है। सीएचसी में दो दिन के इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला की बिगड़ती हालत देख जिम्मेदारी से बचने के लिए सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक ने उसे विक्षिप्त बताते हुए सरोजनीनगर के थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर महिला को मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराने की मांग की। थानाध्यक्ष आरएन यादव ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सिपाही की अभिरक्षा में उसे मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती करा दिया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की जांच में महिला सामान्य मिली और सीएचसी प्रभारी का महिला को विक्षिप्त बताने का आरोप गलत साबित हो गया। अब चिकित्सा प्रभारी और थानाध्यक्ष एक दूसरे आरोप लगा रहे हैं जबकि पीड़ित महिला केबताए पते पर परिवार को सूचना देने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।
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जानकारी के मुताबिक बीते शनिवार की शाम को एक गर्भवती महिला कानपुर रोड स्थित सैनिक स्कूल के सामने बेसुध हालत में पड़ी थी। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहीं आशा कार्यकत्री इंदूबाला की नजर उस पर पड़ी। इन्दूबाला ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गई। बेसुध हालत में पहुंची महिला को डॉ. मजू वर्मा ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर लिया। पीड़ित महिला ने अस्पताल प्रशासन को अपना नाम रेखा व पति का नाम मंगू बताया है और वह झांसी के बीना रोड स्थित नातेगंज थानाक्षेत्र के गूदडचक गांव की रहने वाली है। सीएचसी में दो दिन के इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला की बिगड़ती हालत देख जिम्मेदारी से बचने के लिए सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक ने उसे विक्षिप्त बताते हुए सरोजनीनगर के थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर महिला को मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराने की मांग की। थानाध्यक्ष आरएन यादव ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सिपाही की अभिरक्षा में उसे मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती करा दिया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की जांच में महिला सामान्य मिली और सीएचसी प्रभारी का महिला को विक्षिप्त बताने का आरोप गलत साबित हो गया। अब चिकित्सा प्रभारी और थानाध्यक्ष एक दूसरे आरोप लगा रहे हैं जबकि पीड़ित महिला केबताए पते पर परिवार को सूचना देने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।
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