{"_id":"124-64237","slug":"Lucknow-64237-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताली कचरा निस्तारण प्लांट शुरु होने में लगेंगे छह माह ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताली कचरा निस्तारण प्लांट शुरु होने में लगेंगे छह माह
Lucknow
Updated Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
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लखनऊ । अस्पताली कचरे के निस्तारण के लिए मोहनलालगंज के बिंदोवा गांव में बन रहे इंसीनरेटर के शुरू होने में अभी कम से कम छह माह लग सकते हैं। फिलहाल सिर्फ एक बड़ा हाल ही बन कर तैयार हो सका है। संयंत्र की क्षमता 250 किलो प्रति घंटा कचरा निस्तारण की है। सोमवार को अस्पताली कचरा निस्तारण को लेकर शासन में बैठे हुई, जिसमें नगर निगम अधिकारियों ने इंसीनरेटर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी।
बीती 15 फरवरी को नागपुर की कंपनी एसएमएस और नगर निगम के बीच संयत्र की स्थापना को लेकर अनुबंध हुआ था। करार के तहत नगर निगम की ओर से निजी कंपनी को संयत्र स्थापित करने के लिए 5000 वर्ग मीटर जमीन भी उपलब्ध कराई गई है। अनुबंध के तहत निजी संस्था नगर निगम को हर माह एक लाख रुपये देगी और संयत्र का निर्माण और संचालन अपने खर्चें पर करेगी। इस पर करीब पांच करोड़ रुपए खर्च होेने का अनुमान है।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि सयंत्र का निर्माण होने के बाद अस्पताली कचरे के निस्तारण को लेकर चल रही शहर की एक बड़ी समस्या का निदान हो जाएगा। करीब तीन साल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आपत्ति के बाद नगर निगम का इंसीनरेटर बंद होने से शहर से निकले वाले अस्पताली कचरे के निस्तारण का कोई पुख्ता इंतजाम शहर में नहीं हो पाया था। इंसीनरेटर शुरू करने के बढ़ते दबाव के बीच पीपीपी मॉडल पर इंसीरनेटर स्थापित किए जाने के काम में तेजी आई और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागपुर की कंपनी को इंसीनरेटर स्थापित करने की मंजूरी दी गई। नगर निगम और निजी संस्था के बीच हुए करार के तहत अस्पतालों और पैथालॉजी से कचरा एकत्र करने से लेकर उसका निस्तारण करने का सारा कार्य संस्था करेगी। जिसके लिए वह उतना ही शुल्क वसूल करेगी जिसकी मंजूरी नगर निगम ने दी है। इसकेएवज में निजी संस्था एक लाख रुपए प्रतिमाह नगर निगम को देगी। इसके साथ ही जो जमीन सयंत्र के लिए संस्था को दी जाएगी उसकेएवज में दस रुपए प्रतिवर्ग मीटर प्रतिवर्ष के हिसाब से नगर निगम को लीज रेंट भी देगी।
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अस्पताली कचरा निस्तारण की दरें
अस्पताल-नर्सिंग होम से रु 1.95 प्रति बेड प्रतिदिन (न्यूनतम 295 रुपए प्रतिमाह)
प्रयोगशाला, पैथालॉजी व ब्लड बैंक से 495 रुपए प्रतिमाह
डिस्पेंसरी व डे केयर सेंटर से 295 रुपए प्रतिमाह
डेंटल-माइक्रो सर्जरी सेंटर से 395 रुपए प्रतिमाह, डिसपेंशिंग क्लीनिक व फार्मास्यूटिकल स्टोर्स से 295 रुपए प्रतिमाह और वेटनरी और पोल्ट्री सेंटर से 18 रुपए प्रति किलो (न्यूनतम 395 रुपए प्रतिमाह) शुल्क वसूल किया जाएगा। प्रतिवर्ष शुल्क की इन दरों में पांच प्रतिशत की वृद्घि भी की जाएगी।
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कोट
पीपीपी मॅाडल पर बन रहा इंसीनरेटर का निर्माण कार्य बारिश के बाद पूरा हो जाएगा। उसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद उसे चालू कर दिया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त
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बीती 15 फरवरी को नागपुर की कंपनी एसएमएस और नगर निगम के बीच संयत्र की स्थापना को लेकर अनुबंध हुआ था। करार के तहत नगर निगम की ओर से निजी कंपनी को संयत्र स्थापित करने के लिए 5000 वर्ग मीटर जमीन भी उपलब्ध कराई गई है। अनुबंध के तहत निजी संस्था नगर निगम को हर माह एक लाख रुपये देगी और संयत्र का निर्माण और संचालन अपने खर्चें पर करेगी। इस पर करीब पांच करोड़ रुपए खर्च होेने का अनुमान है।
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अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि सयंत्र का निर्माण होने के बाद अस्पताली कचरे के निस्तारण को लेकर चल रही शहर की एक बड़ी समस्या का निदान हो जाएगा। करीब तीन साल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आपत्ति के बाद नगर निगम का इंसीनरेटर बंद होने से शहर से निकले वाले अस्पताली कचरे के निस्तारण का कोई पुख्ता इंतजाम शहर में नहीं हो पाया था। इंसीनरेटर शुरू करने के बढ़ते दबाव के बीच पीपीपी मॉडल पर इंसीरनेटर स्थापित किए जाने के काम में तेजी आई और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागपुर की कंपनी को इंसीनरेटर स्थापित करने की मंजूरी दी गई। नगर निगम और निजी संस्था के बीच हुए करार के तहत अस्पतालों और पैथालॉजी से कचरा एकत्र करने से लेकर उसका निस्तारण करने का सारा कार्य संस्था करेगी। जिसके लिए वह उतना ही शुल्क वसूल करेगी जिसकी मंजूरी नगर निगम ने दी है। इसकेएवज में निजी संस्था एक लाख रुपए प्रतिमाह नगर निगम को देगी। इसके साथ ही जो जमीन सयंत्र के लिए संस्था को दी जाएगी उसकेएवज में दस रुपए प्रतिवर्ग मीटर प्रतिवर्ष के हिसाब से नगर निगम को लीज रेंट भी देगी।
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अस्पताली कचरा निस्तारण की दरें
अस्पताल-नर्सिंग होम से रु 1.95 प्रति बेड प्रतिदिन (न्यूनतम 295 रुपए प्रतिमाह)
प्रयोगशाला, पैथालॉजी व ब्लड बैंक से 495 रुपए प्रतिमाह
डिस्पेंसरी व डे केयर सेंटर से 295 रुपए प्रतिमाह
डेंटल-माइक्रो सर्जरी सेंटर से 395 रुपए प्रतिमाह, डिसपेंशिंग क्लीनिक व फार्मास्यूटिकल स्टोर्स से 295 रुपए प्रतिमाह और वेटनरी और पोल्ट्री सेंटर से 18 रुपए प्रति किलो (न्यूनतम 395 रुपए प्रतिमाह) शुल्क वसूल किया जाएगा। प्रतिवर्ष शुल्क की इन दरों में पांच प्रतिशत की वृद्घि भी की जाएगी।
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कोट
पीपीपी मॅाडल पर बन रहा इंसीनरेटर का निर्माण कार्य बारिश के बाद पूरा हो जाएगा। उसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद उसे चालू कर दिया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त