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सीसीटीवी कैमरे बंद कर उजागर की खामियां
Lucknow
Updated Sun, 16 Jun 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ के बहुत से किशोरों और युवाओं में साइबर टेक्नोलॉजी और उसके उपयोग को लेकर समझबूझ तो अच्छी खासी है लेकिन एंटी साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स के साथ आयोजित कार्यशाला में कई रोचक चीजें सीखने को मिलीं। ये ऐसी चीजें थीं जिन्हें किताबों से बाहर आम जीवन में उपयोग किया जा सकता है। ‘अमर उजाला’ द्वारा आयोजित साइबर वर्कशॉप में शामिल मधुरेंद्र सिंह कुछ इसी अंदाज में अपने अनुभव बताते हैं।
16 वर्षीय मधुरेंद्र खुद एक एप डेवलपर हैं और आमजन की जरूरतों को पूरा करने में तकनीक के उपयोग पर काम कर रहे हैं। वर्कशॉप पूरी होने पर मुधरेंद्र कहते हैं कि तकनीक की बदौलत वे काम को आसान कर सकते हैं और लोगों को आश्चर्य में भी डाल सकते हैं। मधुरेंद्र के अनुसार लखनऊ में इस स्तर की वर्कशॉप की उम्मीद नहीं थी। इसमें शामिल होकर वे खुद को बेहतर साइबर एक्सपर्ट महसूस कर रहे हैं। आकाश पांडेय ने अपने मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए जहां एक मल्टीप्लेक्स में टिकट विंडो पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर उसमें मौजूद खामियां और कमियां उजागर कीं वहीं हर्ष सिंह और जय सिंह ने एक टीवी शोरूम में जाकर कस्टमर्स और खुद दुकानदार को समझाया कि नए स्मार्ट फोन में मौजूद एप्लीकेशन कैसे एक रिमोट की तरह काम कर सकते हैं। ‘अमर उजाला’ की साइबर वर्कशॉप से ही आशीष ने फेसबुक के कानूनों और वहां शालीन व्यवहार की अहमियत जानी। एक अन्य प्रतिभागी चांद के अनुसार इन चीजों के बारे में वे शायद ही कभी जान पाते।
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16 वर्षीय मधुरेंद्र खुद एक एप डेवलपर हैं और आमजन की जरूरतों को पूरा करने में तकनीक के उपयोग पर काम कर रहे हैं। वर्कशॉप पूरी होने पर मुधरेंद्र कहते हैं कि तकनीक की बदौलत वे काम को आसान कर सकते हैं और लोगों को आश्चर्य में भी डाल सकते हैं। मधुरेंद्र के अनुसार लखनऊ में इस स्तर की वर्कशॉप की उम्मीद नहीं थी। इसमें शामिल होकर वे खुद को बेहतर साइबर एक्सपर्ट महसूस कर रहे हैं। आकाश पांडेय ने अपने मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए जहां एक मल्टीप्लेक्स में टिकट विंडो पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर उसमें मौजूद खामियां और कमियां उजागर कीं वहीं हर्ष सिंह और जय सिंह ने एक टीवी शोरूम में जाकर कस्टमर्स और खुद दुकानदार को समझाया कि नए स्मार्ट फोन में मौजूद एप्लीकेशन कैसे एक रिमोट की तरह काम कर सकते हैं। ‘अमर उजाला’ की साइबर वर्कशॉप से ही आशीष ने फेसबुक के कानूनों और वहां शालीन व्यवहार की अहमियत जानी। एक अन्य प्रतिभागी चांद के अनुसार इन चीजों के बारे में वे शायद ही कभी जान पाते।
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