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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   रेलवे गेट से टकराई बाइक, छात्र की मौत

रेलवे गेट से टकराई बाइक, छात्र की मौत

Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। गौतमपल्ली में मॉल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर शनिवार रात जरा सी चूक ने 11वीं के छात्र की जान ले ली। छात्र दोस्त के घर आयोजित भगवती जागरण में शरीक होने गया था। रात में उसने मां को फोन कर घर आने से मना कर दिया, लेकिन पिता की फटकार के बाद आधी रात को वह बाइक से तेज रफ्तार में घर के लिए निकला। मॉल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर गेट बंद था। पुलिस की मानें तो वह बंद गेट देख नहीं सका और टकरा गया। खून से लथपथ छात्र सड़क पर गिर पड़ा और चंद मिनटों में ही दम तोड़ दिया।
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आलमबाग के मवैया निवासी और रेलवे में अकाउंटेंट गोपालजी मिश्र का सबसे बड़ा बेटा अभिनव चारबाग स्थित बाल विद्या मंदिर में 11वीं का छात्र था। मां मंजरी मिश्रा की मानें तो बीती रात नौ बजे अभिनव घर से गोमतीनगर एक दोस्त के घर भगवती जागरण में शरीक होने की बात कहकर निकला था। रात 11:50 बजे उसने फोन कर बताया कि वह घर नहीं लौटेगा। यह बात उसके पिता को बताई तो उन्होंने फोन मिलाकर अभिनव को घर आने के लिए कहा। पहले तो उसने इन्कार किया, मगर रात 1:40 बजे बाइक से घर के लिए निकल पड़ा। पुलिस की मानें तो अभिनव की बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी। रास्ते में मॉल एवेन्यू रोड पर रेलवे क्रॉसिंग का गेट बंद था। जरा सी चूक में अभिनव बैरियर देख नहीं सका और तेज रफ्तार बाइक रेलवे गेट से भिड़ गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि उसकी आवाज आसपास गूंज गई। गेटमैन बाहर निकलकर आया। खून से लथपथ अभिनव सड़क पर पड़ा तड़प रहा था। गेटमैन ने पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस आती, अभिनव ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के जेब से मिले परिचय पत्र पर लिखे फोन नंबर पर सूचना दी और पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इंजीनियर बनाने का सपना टूटा
अभिनव की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता ने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था। पिता की मानें तो अभिनव अपने तीनों भाइयों में पढ़ाई में सबसे अच्छा था। उसने दसवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। बारहवीं की परीक्षा की तैयारी भी वह पूरे लगन से कर रहा था। हालांकि उसकी संगत बिगड़ गई थी, इसीलिए उसे डांटकर रात में ही घर लौटने को कहा था। क्या मालूम था कि इस जिद से बच्चा हमेशा के लिए दूर हो जाएगा। अभिनव के छोटे भाई अभिजीत व अक्षत भी रो रहे थे। अभिनव की मौत की खबर सुनकर उसके तमाम दोस्त व रिश्तेदार एकत्र हो गए। मामा धर्मेंद्र त्रिवेदी माता-पिता को संभाल रहे थे।
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