{"_id":"124-59252","slug":"Lucknow-59252-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैशन के जलवे बिखरने को तैयार नगीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैशन के जलवे बिखरने को तैयार नगीने
Lucknow
Updated Sun, 26 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) रायबरेली के स्टूडेंट्स ने शनिवार को अपना दीक्षांत समारोह लखनऊ में मनाया। इस दौरान फैशन शो और पूर्व व मौजूदा स्टूडेंट्स द्वारा तैयार फैशन व लाइफ स्टाइल से जुड़े प्रोडक्ट्स का एक डिजाइन शो-केस ‘एनआईएफटी फैशनोवा’ भी आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह असेसरीज डिजाइनिंग और फैशन डिजाइनिंग के 2009-13 के चार वर्षीय कोर्स पूरा करने वाले स्टूडेंट्स के लिए आयोजित किया गया था। मशहूर फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली और उनकी पत्नी मीरा अली कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. बी बैनर्जी ने इस मौके पर बताया कि एनआईएफटी के विद्यार्थियों को क्षेत्रीय कलाओं से अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाना सिखाया जाता है। इसके लिए विद्यार्थियों को समय-समय पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के दौरे पर भेजा जाता है। इसका फायदा भी इन कलाओं के संरक्षण के प्रयासों में मिला है, और विद्यार्थियों व फैकल्टी के कई प्रोजेक्ट मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल को समय-समय पर भेजे गए हैं। इस मौके पर उन्हाेंने वर्ष भर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स पायल, राहुल सोनी, मानस आर्या, रश्मि, ऋतुपर्णा, अनुज मिश्रा आदि को संस्थान का गौरव बताया। वहीं फिल्मकार मुजफ्फर अली ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास के माहौल और क्षेत्रीय कलाओं को परखने व समझने की शैली विकसित करें। इसी से उनके डिजाइन में निखार आएगा।
इनसेट
सुबह जल्दी उठने की आदत डालिए
दूसरी ओर संस्थान के महानिदेशक प्रेम कुमार गेरा ने अपने भाषण में विद्यार्थियों प्रोफेशनल जीवन में जाने से पहले सीख दी कि अगर उन्हें स्वस्थ रहना और अच्छा काम करना है तो सुबह जल्दी उठने व कसरत करने की आदत डालनी होगी। उनके द्वारा पूछने पर कि कौन सुबह जल्दी उठता है, किसी स्टूडेंट ने हाथ नहीं उठाया था, जो बताता है कि आईएएस ऑफिसर ऐसा क्यों कह गए।
विज्ञापन
फैशन डिजाइनिंग में ये 26 विद्यार्थी हुए दीक्षित
अभय नारायण वर्तिया, अदिता अग्रवाल, अदिति अग्रवाल, आकांक्षा सिंह, अंकिता शर्मा, अंजू मिश्रा, जागृति शर्मा, जूली टोप्नो, कृतिका सिंह, मोहम्मद आमिर काजमी, प्रसून पाराशर, प्रेरणा झा, रसना एमएस, रश्मि जे चिमोटे, रवींद्र कुमार रंजन, रवीश कुमार, ऋतुराज हल्दुआ, ऋतुपर्णा आचार्जी, शिवानी सिंह, सौम्या बिष्ट, सुनीता हेम्ब्रॉम, स्वाति पांडेय, श्वेता, विशाला श्री, विवेक प्रधान, यशोदा बिष्ट।
और असेसरीज डिजाइनिंग में इन 27 विद्यार्थियों को मिली दीक्षा
अभिषेक कुमार, अक्षत शुक्ला, अमन लॉयल, अंकिता सिंह, अंशिता रिनी लाल, अरुण कुमार, चित्राक्षी बिर्दी, देबास्मिता घोष, दिव्यता रस्तोगी, गौरव आसोलिया, मनप्रीत सिंह, नबानिता कुंडू, निधि सिंह, प्रीति कुमारी, रश्मि चौहान, ऋचा कुमारी, रोहित सप्रा, रूपेश कुमार नीरज, सतीश कुमार, सविता बाना, शिप्रा चौधरी, शुभम, सोनल स्वाति, सौम्या मिश्रा, सुष्मिता नरुका, तनुश्री लो, वैभव नाथ गोस्वामी।
-----------------------------------------
खुशी से झूम उठे सारे देश के होनहार
यहां हिंदी सीखी, अब डिजाइन लोकप्रिय करूंगी
एनआईएफटी में चार साल फैशन डिजाइनिंग पढ़ने रायबरेली आना केरल की रसना के लिए महत्वपूर्ण निर्णय था लेकिन दीक्षांत में उन्हें फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट में श्रेष्ठ अकादमिक प्रदर्शन के लिए विशेष तौर पर पुरस्कृत किया गया। वे बताती हैं कि सबसे यादगार यहां आकर हिंदी सीखना रहा। रसना बताती हैं कि अब उनका लक्ष्य केरल जाकर उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति और कलाओं से जुड़े डिजाइनों को दक्षिण में लोकप्रिय करना है। साथ ही दक्षिण व उत्तर की शैलियों को मिलाकर नये फैशन ट्रैंड्स तैयार करने पर काम करेंगी।
- रसना एमएस, त्रिवेंद्रम
माता पिता के साथ मनाई खुशियां
असेसरीज डिजाइनिंग डिपार्टमेंट में श्रेष्ठ अकादमिक प्रदर्शन के लिए खास पुरस्कार से नवाजे गए रोहित सप्रा के लिए यह पल चारों तरफ से खुशियां लेकर आया है। उन्हाेंने अपना कोर्स पूरा कर लिया है, पेंटालून में प्लेसमेंट भी हो गया है। दीक्षांत के मौके पर उनके माता-पिता मौजूद थे। वे बताते है कि उनका लक्ष्य अब अगले कुछ वर्ष अपने काम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, साथ ही वे वर्क एक्सपीरियंस लेकर न्यूयॉर्क के फैशन इंस्टीट्यूट से अपनी आगे की पढ़ाई करना चाहेंगे।
- रोहित सप्रा, कानपुर
बनीं स्टूडेंट ऑफ द ईयर
एनआईएफटी के बैच 2009-13 की बेस्ट स्टूडेंट चुनी गई देबोस्मिता घोष के लिए यह मौका बेहद रोमांचक रहा। असेसरीज डिजाइनिंग स्टूडेंट देबोस्मिता बताती हैं कि वे आगे और पढ़ना चाहेंगी और फैशन डिजाइनिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर देश में नया काम करना चाहेंगी। देबोस्मिता ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग अहमदाबाद का एंट्रेस टेस्ट पास कर लिया है और अब वे अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन वहीं से करते हुए फिर अपने कॅरिअर पर ध्यान केंद्रित करने की बात कहती हैं।
- देबोस्मिता घोष, कोलकाता
भाई-बहनों से प्रेरित हो बनीं फैशन डिजाइनर
दिल्ली के यशोदा बिष्ट अपने हाथों में कोर्स पूरा होने का फैशन डिजाइनिंग की डिग्री लिए फूली नहीं समा रहीं थीं। उन्हाेंने बताया कि उनके भाई और बहनें भी फैशन डिजाइनर हैं, अब वे भी उनकी श्रेणी में आ गई हैं, इसलिए यह उनके लिए स्पेशल मौका है। यशोदा बताती हैं कि वे अपने प्रोफेशन के सर्विस सेक्टर में जाना चाहेंगी क्योंकि यहां प्रयोग करने के ज्यादा मौके मिलेगी। वहीं दीक्षांत में उन्हें एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी सर्विस अवार्ड भी दिया गया, जो उन्हाेंने वर्ष भर संस्थान की गतिविधियों में सक्रिय योगदान देकर पाया।
- यशोदा बिष्ट, दिल्ली
सभी को दी प्रेरणा
उत्तर प्रदेश से ही ताल्लुक रखने वाली प्रेरणा झा सच में सभी के लिए प्रेरणा हैं। वे शारीरिक तौर पर चुनौती पूर्ण जीवन जीने के साथ-साथ अपने एकेडमिक्स में भी आगे बढ़ती रहीं और फैशन डिजाइनर की डिग्री हासिल की है। वे बताती हैं कि अब उनका लक्ष्य अपना बुटीक शुरू करना है जहां वे अपनी कल्पना और क्रिएटिविटी के जरिए नए-नए प्रयोग कर सकेंगी। प्रेरणा के अनुसार उनके लिए फैशन डिजाइनिंग ऐसा क्षेत्र है जहां व्यक्तिगत तौर पर बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
- प्रेरणा झा, इलाहाबाद
मिली दोहरी खुशी
पंजाब की रहने वाली अंकिता के दीक्षांत में उनके परिवारजन भी शामिल हुए। वे बताती हैं कि यह परिवार के लिए दोहरी खुशी का मौका है, एक ओर उनकी डिग्री पूरी हुई है तो दूसरी और उन्हें पेंटालून में प्लेसमेंट भी मिली है। वहीं फैशन डिजाइनिंग में कॅरिअर पर वे कहती हैं कि ट्रेडिशनल क्षेत्रों को छोड़कर अब युवाओं को नए और अब तक कम एक्सप्लोर किए गए क्षेत्रों को भी खंगालना पड़ेगा, तभी वे बेहतर कॅरिअर बना सकेंगे। वे कुछ वक्त सर्विस में रहने के बाद खुद का बिजनेस करना चाहती हैं।
- अंकिता शर्मा, अमृतसर
विज्ञापन
इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. बी बैनर्जी ने इस मौके पर बताया कि एनआईएफटी के विद्यार्थियों को क्षेत्रीय कलाओं से अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाना सिखाया जाता है। इसके लिए विद्यार्थियों को समय-समय पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के दौरे पर भेजा जाता है। इसका फायदा भी इन कलाओं के संरक्षण के प्रयासों में मिला है, और विद्यार्थियों व फैकल्टी के कई प्रोजेक्ट मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल को समय-समय पर भेजे गए हैं। इस मौके पर उन्हाेंने वर्ष भर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स पायल, राहुल सोनी, मानस आर्या, रश्मि, ऋतुपर्णा, अनुज मिश्रा आदि को संस्थान का गौरव बताया। वहीं फिल्मकार मुजफ्फर अली ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास के माहौल और क्षेत्रीय कलाओं को परखने व समझने की शैली विकसित करें। इसी से उनके डिजाइन में निखार आएगा।
विज्ञापन
इनसेट
सुबह जल्दी उठने की आदत डालिए
दूसरी ओर संस्थान के महानिदेशक प्रेम कुमार गेरा ने अपने भाषण में विद्यार्थियों प्रोफेशनल जीवन में जाने से पहले सीख दी कि अगर उन्हें स्वस्थ रहना और अच्छा काम करना है तो सुबह जल्दी उठने व कसरत करने की आदत डालनी होगी। उनके द्वारा पूछने पर कि कौन सुबह जल्दी उठता है, किसी स्टूडेंट ने हाथ नहीं उठाया था, जो बताता है कि आईएएस ऑफिसर ऐसा क्यों कह गए।
विज्ञापन
फैशन डिजाइनिंग में ये 26 विद्यार्थी हुए दीक्षित
अभय नारायण वर्तिया, अदिता अग्रवाल, अदिति अग्रवाल, आकांक्षा सिंह, अंकिता शर्मा, अंजू मिश्रा, जागृति शर्मा, जूली टोप्नो, कृतिका सिंह, मोहम्मद आमिर काजमी, प्रसून पाराशर, प्रेरणा झा, रसना एमएस, रश्मि जे चिमोटे, रवींद्र कुमार रंजन, रवीश कुमार, ऋतुराज हल्दुआ, ऋतुपर्णा आचार्जी, शिवानी सिंह, सौम्या बिष्ट, सुनीता हेम्ब्रॉम, स्वाति पांडेय, श्वेता, विशाला श्री, विवेक प्रधान, यशोदा बिष्ट।
और असेसरीज डिजाइनिंग में इन 27 विद्यार्थियों को मिली दीक्षा
अभिषेक कुमार, अक्षत शुक्ला, अमन लॉयल, अंकिता सिंह, अंशिता रिनी लाल, अरुण कुमार, चित्राक्षी बिर्दी, देबास्मिता घोष, दिव्यता रस्तोगी, गौरव आसोलिया, मनप्रीत सिंह, नबानिता कुंडू, निधि सिंह, प्रीति कुमारी, रश्मि चौहान, ऋचा कुमारी, रोहित सप्रा, रूपेश कुमार नीरज, सतीश कुमार, सविता बाना, शिप्रा चौधरी, शुभम, सोनल स्वाति, सौम्या मिश्रा, सुष्मिता नरुका, तनुश्री लो, वैभव नाथ गोस्वामी।
-----------------------------------------
खुशी से झूम उठे सारे देश के होनहार
यहां हिंदी सीखी, अब डिजाइन लोकप्रिय करूंगी
एनआईएफटी में चार साल फैशन डिजाइनिंग पढ़ने रायबरेली आना केरल की रसना के लिए महत्वपूर्ण निर्णय था लेकिन दीक्षांत में उन्हें फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट में श्रेष्ठ अकादमिक प्रदर्शन के लिए विशेष तौर पर पुरस्कृत किया गया। वे बताती हैं कि सबसे यादगार यहां आकर हिंदी सीखना रहा। रसना बताती हैं कि अब उनका लक्ष्य केरल जाकर उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति और कलाओं से जुड़े डिजाइनों को दक्षिण में लोकप्रिय करना है। साथ ही दक्षिण व उत्तर की शैलियों को मिलाकर नये फैशन ट्रैंड्स तैयार करने पर काम करेंगी।
- रसना एमएस, त्रिवेंद्रम
माता पिता के साथ मनाई खुशियां
असेसरीज डिजाइनिंग डिपार्टमेंट में श्रेष्ठ अकादमिक प्रदर्शन के लिए खास पुरस्कार से नवाजे गए रोहित सप्रा के लिए यह पल चारों तरफ से खुशियां लेकर आया है। उन्हाेंने अपना कोर्स पूरा कर लिया है, पेंटालून में प्लेसमेंट भी हो गया है। दीक्षांत के मौके पर उनके माता-पिता मौजूद थे। वे बताते है कि उनका लक्ष्य अब अगले कुछ वर्ष अपने काम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, साथ ही वे वर्क एक्सपीरियंस लेकर न्यूयॉर्क के फैशन इंस्टीट्यूट से अपनी आगे की पढ़ाई करना चाहेंगे।
- रोहित सप्रा, कानपुर
बनीं स्टूडेंट ऑफ द ईयर
एनआईएफटी के बैच 2009-13 की बेस्ट स्टूडेंट चुनी गई देबोस्मिता घोष के लिए यह मौका बेहद रोमांचक रहा। असेसरीज डिजाइनिंग स्टूडेंट देबोस्मिता बताती हैं कि वे आगे और पढ़ना चाहेंगी और फैशन डिजाइनिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर देश में नया काम करना चाहेंगी। देबोस्मिता ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग अहमदाबाद का एंट्रेस टेस्ट पास कर लिया है और अब वे अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन वहीं से करते हुए फिर अपने कॅरिअर पर ध्यान केंद्रित करने की बात कहती हैं।
- देबोस्मिता घोष, कोलकाता
भाई-बहनों से प्रेरित हो बनीं फैशन डिजाइनर
दिल्ली के यशोदा बिष्ट अपने हाथों में कोर्स पूरा होने का फैशन डिजाइनिंग की डिग्री लिए फूली नहीं समा रहीं थीं। उन्हाेंने बताया कि उनके भाई और बहनें भी फैशन डिजाइनर हैं, अब वे भी उनकी श्रेणी में आ गई हैं, इसलिए यह उनके लिए स्पेशल मौका है। यशोदा बताती हैं कि वे अपने प्रोफेशन के सर्विस सेक्टर में जाना चाहेंगी क्योंकि यहां प्रयोग करने के ज्यादा मौके मिलेगी। वहीं दीक्षांत में उन्हें एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी सर्विस अवार्ड भी दिया गया, जो उन्हाेंने वर्ष भर संस्थान की गतिविधियों में सक्रिय योगदान देकर पाया।
- यशोदा बिष्ट, दिल्ली
सभी को दी प्रेरणा
उत्तर प्रदेश से ही ताल्लुक रखने वाली प्रेरणा झा सच में सभी के लिए प्रेरणा हैं। वे शारीरिक तौर पर चुनौती पूर्ण जीवन जीने के साथ-साथ अपने एकेडमिक्स में भी आगे बढ़ती रहीं और फैशन डिजाइनर की डिग्री हासिल की है। वे बताती हैं कि अब उनका लक्ष्य अपना बुटीक शुरू करना है जहां वे अपनी कल्पना और क्रिएटिविटी के जरिए नए-नए प्रयोग कर सकेंगी। प्रेरणा के अनुसार उनके लिए फैशन डिजाइनिंग ऐसा क्षेत्र है जहां व्यक्तिगत तौर पर बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
- प्रेरणा झा, इलाहाबाद
मिली दोहरी खुशी
पंजाब की रहने वाली अंकिता के दीक्षांत में उनके परिवारजन भी शामिल हुए। वे बताती हैं कि यह परिवार के लिए दोहरी खुशी का मौका है, एक ओर उनकी डिग्री पूरी हुई है तो दूसरी और उन्हें पेंटालून में प्लेसमेंट भी मिली है। वहीं फैशन डिजाइनिंग में कॅरिअर पर वे कहती हैं कि ट्रेडिशनल क्षेत्रों को छोड़कर अब युवाओं को नए और अब तक कम एक्सप्लोर किए गए क्षेत्रों को भी खंगालना पड़ेगा, तभी वे बेहतर कॅरिअर बना सकेंगे। वे कुछ वक्त सर्विस में रहने के बाद खुद का बिजनेस करना चाहती हैं।
- अंकिता शर्मा, अमृतसर