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अटेंडेंस ऑनलाइन कराने में फेल रहे जिम्मेदार
Lucknow
Updated Tue, 21 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध कॉलेजों में बीएड छात्रों की उपस्थिति का ब्योरा ऑनलाइन कराने में जिम्मेदार फेल रहे हैं। तीन साल पहले जारी किए गए आदेश के अनुपालन में विवि की ओर से कॉलेजों को ऑनलाइन अटेंडेंस लागू कराने के नाम पर महज एक पत्र ही भेजा है। बीएड कॉलेजों के खिलाफ आने वाली शिकायतों में उपस्थिति के नाम वसूली प्रमुख है। कॉलेजों द्वारा उपस्थिति का ब्योरा ऑनलाइन न करने के पीछे वसूली का खेल ही जिम्मेदार है। वर्ष 2011 में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को बीएड कॉलेजों के छात्रों की उपस्थिति का ब्योरा ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद शासन कई बार लविवि को इस संबंध में पत्र लिख चुका है। जिसके तहत लविवि और कॉलेजों की वेबसाइट पर उसके यहां पढ़ने वाले बीएड छात्रों की उपस्थिति का ब्योरा हर माह अपलोड करना था। शासनादेश में विवि और कॉलेजों को यह भी निर्देश दिया गया था कि छात्रों की कक्षाओं में नियमित पढ़ाई, छात्रों की उपस्थिति और अनुपस्थित रहने पर उसकी सूचना अभिभावकों को दिए जाने की बात पर चर्चा हुई थी। शासन का उद्देश्य बीएड कॉलेजों के खिलाफ आ रही वसूली की शिकायतों पर लगाम लगाना था लेकिन, जिम्मेदारों ने शासन की इस मंशा पर पलीता लगा दिया। बीएड कॉलेजों के खिलाफ लविवि में बीते सालों जितनी भी शिकायतें आई हैं उनमें उपस्थिति के नाम पर वसूली की शिकायतें सर्वाधिक रही हैं। इस बार भी राजेंद्र प्रसाद गर्ल्स डिग्री कॉलेज के खिलाफ भी अवैध वसूली का जो मामला सामने आया है उसमें भी उपस्थिति के नाम पर 100 से 500 रुपए लिए जाने का आरोप छात्रों ने लगाया है। लविवि प्रशासन ने शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रयास तो किया लेकिन उपस्थिति सार्वजनिक कराने की कोई पहल नहीं की। इतना ही नहीं स्वयं विवि की वेबसाइट पर उसके बीएड के छात्रों की हाजिरी का ब्योरा ऑनलाइन नहीं है। लविवि के जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा छात्रों को कॉलेजों की मनमानी के रूप में भुगतना पड़ रहा है और उन्हें उनकी वसूली का शिकार होना पड़ रहा है।
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