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लैब टेक्नीशियन ने घेरा विधानभवन, मरीज परेशान
Lucknow
Updated Tue, 21 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लैब टेक्नीशियन ने अस्पतालों में कार्य बहिष्कार करते हुए अपनी मांगों को लेकर सोमवार को विधानभवन का घेराव किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। इस हड़ताल से सभी अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले मरीजों की पैथोलाजी जांचें ठप रहीं। मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। मरीजों को निजी पैथोलाजी में दोगुने रुपये खर्च कर जांचें करानी पड़ी। प्रदेश भर के कई हिस्सों से आए लैब टेक्नीशियन सोमवार सुबह से ही विधानभवन स्थित धरना स्थल पर एकत्र होने लगे थे। पहले से घोषित प्रदर्शन के कारण भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। नारेबाजी करते हुए लैब टेक्नीशियन विधानभवन की ओर बढ़े तो पुलिस बल ने उनको रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से कहासुनी भी हुई। लैब टेक्नीशियन पुलिस और शासन के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे। जानकारी के बाद एसीएम ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन देकर शांत कराया। उधर, लैब टेक्नीशियनों की पहले से ही घोषित हड़ताल के बावजूद अस्पतालों में अव्यवस्था फैली रही। किसी भी अस्पताल के प्रभारियों ने हड़ताल से निपटने की तैयारी नहीं की। इसके चलते राजधानी सहित प्रदेश के सभी अस्पतालों में आउटडोर से आने वाले मरीजों को खून व यूरिन की जांच के लिए भटकना पड़ा। बलरामपुर अस्पताल की पैथोलॉजी के बाहर मरीजों की काफी भीड़ रही। सीतापुर से आए वसीम ने बताया कि मलेरिया व टायफाइड की जांच निजी पैथोलाजी से दोगुने खर्च पर कराई हैं। बाराबंकी के जीतेंद्र, कुशभरी के अनुराग, बीकेटी के मोहित, मलिहाबाद के सर्वेंश का भी यही कहना था। यही हाल राममनोहर लोहिया अस्पताल, झलकारीबाई, भाऊराव देवरस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल का रहा। यहां भी मरीजों को जांचें न होने के चलते परेशान होना पड़ा। इस प्रदर्शन के चलते 1500 मरीजों की जांचें प्रभावित हुईं।
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