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नया नियम कहीं महंगा न कर दे आपका हवाई सफर
Lucknow
Updated Fri, 10 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। नए नियम हवाई सफर को महंगा कर सकते हैं। एयर इंडिया के बाद अब अन्य एयरलाइंस भी इकोनॉमी श्रेणी में यात्रियों के लगेज का वजन बीस किलो से घटाकर 15 किलो करने की कतार में हैं। यात्रियों को अधिक लगेज पर 250 रुपए प्रति किलो चुकाना पड़ता है।
एयर इंडिया ने एक सप्ताह पहले प्रति व्यक्ति 15 पंद्रह किलो वजन लगेज के रूप में फिक्स कर दिया है। डायरेेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के नए नियमों के तहत जहां सभी एयरलाइंस लगेज का वजन एक-एक करके कम करने का निर्णय ले रही हैं, वहीं अब खेलकूद के सामान और संगीत से जुड़े उपकरणों की भी बारीकी से जांच होगी। अभी तक फौरी तौर पर इनकी जांच होती थी। एयरलाइंस अधिकारी कहते हैं कि भारतीय यात्री सफर के दौरान अपनी पूरी व्यवस्था (खाने-पीने का सामान, कई जोड़ी कपड़े, जूते आदि) करके चलते हैं, जबकि जिस गंतव्य के लिए वह जा रहे होते हैं, वहां ज्यादातर वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। ऐसे में अधिक सामान के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपनी जेब हल्की करनी पड़ती है। वहीं, कुछ यात्री घर से निकलते वक्त तो सामान मानक के हिसाब से रखते हैं, लेकिन वापसी में इतनी खरीदारी कर लेते हैं कि उनका सामान तय भार से ज्यादा हो जाता है।
सर्वे में 40 फीसदी यात्रियों के पास मिला अधिक लगेज
लखनऊ। एक निजी सर्वे के मुताबिक वर्ष 2011 में 40 फीसदी से अधिक भारतीय यात्रियों ने लगेज का वजन अधिक होने पर एयरपोर्ट पर शुल्क अदा किया। इनमें से साठ फीसदी लोगों ने भी माना कि यात्रा के दौरान उन्होंने कई ऐसे सामान रख लिए थे, जिनका वे इस्तेमाल नहीं करेंगे। एयरपोर्ट पर पाया गया है कि घरेलू यात्रियों के पास अक्सर पांच से सात किलो लगेज अधिक होता है।
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हैंडबैगेज व लगेज के सामान को इस तरह करें विभाजित
लखनऊ। अगर आप हवाई सफर पर जा रहे हैं तो लगेज में वही सामान रखें जो इस्तेमाल करना हो। बाकी सामान अपने हैंड बैगेज में रखें। खासतौर से खाने-पीने व महंगे सामान। हालांकि हैंड बैगेज का वजन भी सात किलो से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एयर इंडिया में सफर के दौरान यात्री कुल 22 किलो (15 किलो का लगेज व सात किलो का हैंड बैग) का सामान रख सकता है, जबकि अन्य एयरलाइंस में अभी 27 किलो (20 किलो का लगेज व सात किलो का हैंड बैग) का सामान लेकर यात्रा की जा सकती है।
यात्रा से पहले बनाएं सामान की सूची
लखनऊ। आपको यात्रा से पहले अपनी जरूरत के सामान की सूची बनानी चाहिए। ऐसे कपड़ों को रखने की कोशिश करें, जिनका इस्तेमाल दो से तीन दिन तक आसानी से कर सकें। होटल में उपलब्ध होने वाले सामान जैसे तौलिया, साबुन, बेड शीट ले जाने से बचें। गर्म कपड़ों में कोट व जैकेट सीमित रखे, क्योंकि इनका वजन ज्यादा होता है।
इन एयरलाइंस में इतना ही सामान लेकर जा सकते हैं
- इंडिगो एयरलाइंस प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- जेट कनेक्ट में प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- एयर इंडिया में प्रति यात्री को पंद्रह किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- स्पाइस जेट प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है हैंड बैगेज सात किलो ग्राम मान्य है।
(घरेलू एयरलाइंस ने हैंड बैगेज के वजन में कोई फेरबदल नहीं किया है। सभी में सात किलो हैंडबैगेज ले जाने की इजाजत है।)
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एयर इंडिया ने एक सप्ताह पहले प्रति व्यक्ति 15 पंद्रह किलो वजन लगेज के रूप में फिक्स कर दिया है। डायरेेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के नए नियमों के तहत जहां सभी एयरलाइंस लगेज का वजन एक-एक करके कम करने का निर्णय ले रही हैं, वहीं अब खेलकूद के सामान और संगीत से जुड़े उपकरणों की भी बारीकी से जांच होगी। अभी तक फौरी तौर पर इनकी जांच होती थी। एयरलाइंस अधिकारी कहते हैं कि भारतीय यात्री सफर के दौरान अपनी पूरी व्यवस्था (खाने-पीने का सामान, कई जोड़ी कपड़े, जूते आदि) करके चलते हैं, जबकि जिस गंतव्य के लिए वह जा रहे होते हैं, वहां ज्यादातर वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। ऐसे में अधिक सामान के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपनी जेब हल्की करनी पड़ती है। वहीं, कुछ यात्री घर से निकलते वक्त तो सामान मानक के हिसाब से रखते हैं, लेकिन वापसी में इतनी खरीदारी कर लेते हैं कि उनका सामान तय भार से ज्यादा हो जाता है।
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सर्वे में 40 फीसदी यात्रियों के पास मिला अधिक लगेज
लखनऊ। एक निजी सर्वे के मुताबिक वर्ष 2011 में 40 फीसदी से अधिक भारतीय यात्रियों ने लगेज का वजन अधिक होने पर एयरपोर्ट पर शुल्क अदा किया। इनमें से साठ फीसदी लोगों ने भी माना कि यात्रा के दौरान उन्होंने कई ऐसे सामान रख लिए थे, जिनका वे इस्तेमाल नहीं करेंगे। एयरपोर्ट पर पाया गया है कि घरेलू यात्रियों के पास अक्सर पांच से सात किलो लगेज अधिक होता है।
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हैंडबैगेज व लगेज के सामान को इस तरह करें विभाजित
लखनऊ। अगर आप हवाई सफर पर जा रहे हैं तो लगेज में वही सामान रखें जो इस्तेमाल करना हो। बाकी सामान अपने हैंड बैगेज में रखें। खासतौर से खाने-पीने व महंगे सामान। हालांकि हैंड बैगेज का वजन भी सात किलो से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एयर इंडिया में सफर के दौरान यात्री कुल 22 किलो (15 किलो का लगेज व सात किलो का हैंड बैग) का सामान रख सकता है, जबकि अन्य एयरलाइंस में अभी 27 किलो (20 किलो का लगेज व सात किलो का हैंड बैग) का सामान लेकर यात्रा की जा सकती है।
यात्रा से पहले बनाएं सामान की सूची
लखनऊ। आपको यात्रा से पहले अपनी जरूरत के सामान की सूची बनानी चाहिए। ऐसे कपड़ों को रखने की कोशिश करें, जिनका इस्तेमाल दो से तीन दिन तक आसानी से कर सकें। होटल में उपलब्ध होने वाले सामान जैसे तौलिया, साबुन, बेड शीट ले जाने से बचें। गर्म कपड़ों में कोट व जैकेट सीमित रखे, क्योंकि इनका वजन ज्यादा होता है।
इन एयरलाइंस में इतना ही सामान लेकर जा सकते हैं
- इंडिगो एयरलाइंस प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- जेट कनेक्ट में प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- एयर इंडिया में प्रति यात्री को पंद्रह किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है, हैंड बैगेज 7 किलो ग्राम मान्य है।
- स्पाइस जेट प्रति यात्री को बीस किलो लगेज ले जाने की इजाजत देता है हैंड बैगेज सात किलो ग्राम मान्य है।
(घरेलू एयरलाइंस ने हैंड बैगेज के वजन में कोई फेरबदल नहीं किया है। सभी में सात किलो हैंडबैगेज ले जाने की इजाजत है।)