{"_id":"124-56031","slug":"Lucknow-56031-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"5000 रुपये बाकी तो बत्ती गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5000 रुपये बाकी तो बत्ती गुल
Lucknow
Updated Sun, 07 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। आपने कई माह से बिजली बिल चुकता नहीं किया है। आपके बिल की रकम त्र5000 हो चुकी है तो आपके घर की किसी भी बिजली किसी भी समय काटी जा सकती है। लेसा ने शनिवार से यह कार्रवाई शुरू कर दी है। इसलिए बेहतर होगा कि जल्दी से जल्दी बिल जमा कर नहीं तो बकाएदार को बिजली कटने पर कनेक्शन काटने व जोड़ने का शुल्क भरना होगा। लेसा मार्च के तय लक्ष्य 152 करोड़ रुपये से अभी कोसों दूर है। इसके चलते बड़े अफसरों की धड़कने बढ़ गई हैं। लेसा को पांच दिन में 52 करोड़ रुपए की धनराशि वसूलनी है। इसके लिए शनिवार से बुधवार तक बकाया बिल पर बिजली काटो अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए सभी अधिशासी अभियंताओं को उनके क्षेत्र के बकाएदारों की सूची थमाई गई है। अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि सूची में से पांच हजार रुपए या इससे अधिक के बकाया बिल पर बकाएदारों के घर, दुकान व दफ्तर की बिजली काट दी जाए। शनिवार से बिजली काटने के लिए ये टीमें सूची लेकर मोहल्लों में घूमी। अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि उपभोक्ता जब तक बिल जमा न कर दें तब तक बिजली जोड़ी न जाए। बिजली जोड़ने से पहले सिंगिल फेज के कनेक्शन को जोड़ने से पहले डिस-कनेक्शन एवं री-कनेक्शन शुल्क के रूप में 300 रुपए और थ्री फेज कनेक्शन का 550 रुपए का शुल्क जमा कराया जाए। कटे कनेक्शन के आधार पर डिस-कनेक्शन एवं री-कनेक्शन शुल्क की गणना होगी। लेसा की इस राजस्व वसूली की निगरानी मध्यांचल निगम के मुखिया एपी मिश्रा खुद कर रहे हैं। खासतौर पर उन खंडों में अधिशासी, सहायक एवं अवर अभियंताओं के पेंच कसें है जिनका राजस्व सबसे कम है।
विज्ञापन