फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   नशे ने टॉपर को बनाया ऑटो लिफ्टर

नशे ने टॉपर को बनाया ऑटो लिफ्टर

Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। कभी पढ़ाई में टॉपर रहा युवक राजधानी में वाहन चोरी का गैंग चला रहा था। बृहस्पतिवार रात नाका पुलिस ने गश्त के दौरान बांस मंडी के पास से वाहन चोर को दबोच लिया। जबकि उसके दो साथी भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में छोपमारी कर रही है। पकड़े गए चोर की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की चार बाइक व एक बाइक के पार्टस बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की कई वारदातें कबूली हैं। आरोपी ने बताया कि वे लोग ऑन डिमांड बाइक चोरी करते थे। पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी हाईस्कूल, इंटर व बीए में टॉपर रहा है। नाका इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह के मुताबिक, मुखबिर ने सूचना दी कि नाका इलाके में वाहन चोरी गिरोह से संबंधित एक संदिग्ध बांसमंडी चौराहे के पास मौजूद है। गश्त के दौरान पुलिस टीम ने छापेमारी कर संदिग्ध को दबोच लिया। जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी की पहचान उन्नाव में रामपुरी कोतवाली क्षेत्र के सत्येंद्र पांडेय के रूप में हुई। सत्येंद्र ने कबूला है कि वह वाहन चोरी का गैंग चलाता है। उसके साथ गैंग में कानपुर के साकेतपुरी निवासी अमर कंजड़ व कानपुर के भगवतपुर सचेंडी के मिथुन कंजड़ भी शामिल है। दोनों की तलाश में पुलिस की एक टीम कानपुर रवाना की गई है। पुलिस के मुताबिक सत्येंद्र के पास मिली बाइक चोरी की है। सत्येंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के चार और वाहन बरामद किए हैं। इसके अलावा चिनहट के एक अधबने मकान से चोरी की बाइक चेसिस व अन्य पार्ट्स बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक पढ़ाई में काफी तेज रहा है। उसके हाईस्कूल में 76, इंटर में 68 व बीए में 65 प्रतिशत नंबर रहे हैं। वह अपने स्कूल व कॉलेज का टॉपर रहा है। सत्येंद्र का भाई जम्मू में आर्मी में एथलीट कोच है। जबकि पिता प्राइमरी विद्यालय के हेड मास्टर पद से रिटायर हो चुके हैं। सत्येंद्र वाहन चोरी के मामले में कैंट कोतवाली से जेल जा चुका है। तीन की साल की सजा काटने के बाद वह दोबारा इसमें कूद गया।
विज्ञापन

पचास से अधिक बाइक उड़ाई ः पुलिस के मुताबिक सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि पढ़ाई में अव्वल रहने व संघर्ष के बाद भी नौकरी नहीं मिली। सत्येंद्र ने बताया कि घर में केवल वह ही बेरोजगार था। पिता व भाई समेत सभी लोग नौकरी में थे। इसी दौरान उसे नशे की लत लग गई। खर्चे के लिए उसे माता-पिता व भाई के आगे हाथ फैलाना पड़ता था। इसी दौरान सत्येंद्र की मुलाकात कानपुर के एक कबाड़ी से हुई। उसके साथ सत्येंद्र ने पहली बार कानपुर में साइकिल चुराई और पांच सौ रुपए में बेची। उसके बाद तो वाहन उड़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। कई लोग संपर्क में आए। सत्येंद्र ने बताया कि वाहन चोरी में जेल गया। इस दौरान वहां कई लोगों से मुलाकात हुई। जेल से छूटने के बाद उसे वहां मिले लोगों की मदद से वाहन चोरी की वारदातें और तेज कर दी। सत्येंद्र ने बताया कि वे लोग ऑन डिमंाड बाइक चुराकर नेपाल बॉर्डर पर बेच देते थे। सत्येंद्र ने अभी तक 50 से अधिक बाइक चुराने की वारदात कबूली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed