फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   रस्म अदायगी ही रही कार्रवाई

रस्म अदायगी ही रही कार्रवाई

Thu, 04 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Thu, 04 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। प्रतिबंध के बाद भी गुटखा बिक्री रोकने को उदासीन प्रशासन की सुस्ती शासन से पड़ी फटकार के बाद बुधवार को टूटी। रोकथाम की जिम्मेदारी संभालने के लिए गठित एफएसडीए के प्रवर्तन दल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर गुडंबा व तालकटोरा क्षेत्र में गुटखा बनाने वाली दो प्रमुख फैक्ट्रियों पर छापा मारकर रस्म अदायगी की। गुडंबा स्थित हरसिंगार ब्रांड की फैक्ट्री में गुटखा बनाने वाली 17 मशीनें व तालकटोरा क्षेत्र स्थित श्यामबहार ब्रांड की फैक्ट्री में 25 मशीनें सेंट्रल एक्साइज विभाग की सील लगी मिलीं। हरसिंगार फैक्ट्री में तो बरामदगी के नाम पर एक खाली पाउच तक जांच टीम को नहीं मिला, जबकि श्यामबहार फैक्ट्री से जांच टीम ने एक कमरे में मौजूद रिजेक्टेड श्रेणी के गुटखा भरे 9.2 किलोग्राम पाउच बरामद कर सील किए।
विज्ञापन

कार्रवाई की अगुवाई कर रहे मुख्य खाद्य संरक्षा अधिकारी एसएचएस आब्दी ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देशन में बुधवार को शहर में गुटखा बिक्री रोकने के कार्रवाई शुरू हुई। इसके तहत प्रवर्तन टीम पहले कुर्सी रोड गुडंबा स्थित गोराबाग इलाके में पटेल पान प्रोडक्ट प्रा. लिमिटेड द्वारा संचालित हरसिंगार ब्रांड गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री पहुंची, जहां सन्नाटा छाया था। यहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने कार्रवाई के लिए फैक्ट्री परिसर व कार्यालय कक्ष खोल कर दिखाए। गुटखा बनाने वाली सभी 17 मशीनें सेंट्रल एक्साइज विभाग द्वारा 26 मार्च को लगाई गई सील के साथ बंद मिलीं। फैक्ट्री परिसर की गहन तलाशी के बाद भी टीम को गुटखे का खाली पाउच तक नहीं मिला। इसके बाद प्रवर्तन दल तालकटोरा स्थित श्याम ट्रेडर्स की फैक्ट्री पर पहुंचा। यहां कार्रवाई का विरोध कर रहे फैक्ट्री संचालक संजय मिश्रा की पहले एफएसडीए टीम व फिर पत्रकारों से नोकझोंक भी हुई। समझाने के बाद फैक्ट्री संचालक जांच-पड़ताल में सहयोग देने को तैयार हुए। जांच टीम को यहां भी सेंट्रल एक्साइज विभाग द्वारा 31 मार्च को सील की गई गुटखा बनाने वाली 26 मशीनें मिलीं। काफी खोजबीन के बाद भूतल के एक कमरे में कुछ गुटखा मिला। पूछताछ में बताया गया कि यह रिजेक्टेड श्रेणी का वह माल है जिसे नष्ट करने के लिए रखा गया है। प्रवर्तन टीम ने 9.2 किलोग्राम उक्त गुटखा पाउच को सील कर जब्त कर लिया। आब्दी ने बताया कि गुटखा की बिक्री रोकने के लिए गुरुवार को दो अलग-अलग टीमें गठित कर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


गुमटियों पर कोड वर्ड में बिक रहा गुटखा
शहर में गुटखा पाउच को गुमटी में नीचे छिपाकर रखते हुए ग्राहकों को दो से तीन गुना दाम पर बिकते देखा जा सकता है। अधिकांश गुमटी संचालक सतर्कता बरतते हुए ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड के गुटखा पाउच के कोड बता कर बेच रहे हैं। मसलन कमला पसंद के लिए केके, दबंग के लिए डीके, श्यामबहार के लिए एसके इत्यादि। वहीं सतर्कता बरतते हुए बिना पहचान वाले ग्राहक को गुटखा न होने की बात कह टरकाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तू डाल-डाल तो हम पात-पात
गुटखा कारोबार से जुड़े व्यवसायी प्रतिबंध के बाद अब तू डाल-डाल तो हम पात-पात की कहावत को चरितार्थ करने में जुटे हैं। इसके चलते ही महज दो दिन में ही बाजार में प्रमुख गुटखा ब्रांड के नाम से सादा मसाला व तंबाकू का छोटा पाउच गुटखे के दाम पर ही बिकता नजर आने लगा है। गुटखा कारोबारियों के इस कदम को प्रतिबंध से पहले बिना उपयोग रह गए कच्चे माल को भी खपाने की जुगत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। एफएसडीए के अधिकारी भी मानते हैं कि सादा पान मसाला व तंबाकू अलग -अलग पाउच में बेचने पर कोई रोक नहीं है। ऐसे में लोग अब सादा मसाला व तंबाकू उसी दाम पर अलग-अलग खरीदकर अपनी तलब मिटा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed