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अड़े छात्र, आमरण अनशन शुरू
Lucknow
Updated Thu, 21 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। एमबीबीएस पास मेडिकोज ने यूपी पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेस एग्जाम (यूपीपीजीएमईई-2013) के विरोध में बुधवार से केजीएमयू गेट पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस एग्जाम (नीट) के समर्थन और यूपीपीजीएमईई के विरोध में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस पास मेडिकोज बुधवार को राजधानी में इकट्ठा हुए। नीट पीजी के समर्थन में उन्होंने नारे लगाए और दिनभर हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर बैठे रहे। शाम को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मिलने का प्रयास किया। उनके न मिलने पर वे अधिकारियों को ज्ञापन देकर लौट आए। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी चिकित्सा छात्रों का समर्थन कर यूपीपीजीएमईई को स्थगित करने की मांग की है। अब छात्र बृहस्पतिवार को सपा एमएलसी डॉ. मधु गुप्ता से मिलकर मामले में मदद मांगेंगे।
बुधवार को प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों से आए मेडिकोज ‘सेव नीट से नो टू यूपीपीजीएमईई’, ‘वन इंडिया वन एग्जाम’ जैसे नारे लिखे बैनर हाथों में लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में भविष्य तय करने वाली कई परीक्षाएं देना आर्थिक और मानसिक रूप से कष्टदायक है। इसके पहले 20 फरवरी को पीजीएमईई के विरोध में मेडिकोज ने केजीएमयू से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकाला था। 18 मार्च को प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) जेपी शर्मा ने यूपीपीजीएमईई को स्थगित करने से साफ मना कर दिया।
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बुधवार को प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों से आए मेडिकोज ‘सेव नीट से नो टू यूपीपीजीएमईई’, ‘वन इंडिया वन एग्जाम’ जैसे नारे लिखे बैनर हाथों में लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में भविष्य तय करने वाली कई परीक्षाएं देना आर्थिक और मानसिक रूप से कष्टदायक है। इसके पहले 20 फरवरी को पीजीएमईई के विरोध में मेडिकोज ने केजीएमयू से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकाला था। 18 मार्च को प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) जेपी शर्मा ने यूपीपीजीएमईई को स्थगित करने से साफ मना कर दिया।
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