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आईआईएम के अफसर को लगाई 16 लाख की चपत
Lucknow
Updated Tue, 12 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। हजरतगंज क्षेत्र में नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड नामक शेयर कंपनी के अधिकारियों ने आईआईएम लखनऊ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के नाम से गोमतीनगर स्थित करूर व्यास बैंक में फर्जी खाता खुलवाया और उनकी इजाजत के बगैर ओएनजीसी व रिलायंस पावर के शेयर बेचकर 16 लाख रुपये हड़प लिए। जालसाजी का शिकार बने बुजुर्ग अफसर ने शेयर कंपनी व बैंक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस के मुताबिक, भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुभाष चंद्रा ने 24 मार्च 2007 को हजरतगंज के सरन चैंबर स्थित नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड में डी-मैट खाता खोला था। इसमें उन्होंने सेंट्रल बैंक की आईआईएम शाखा में अपने बचत खाते का उल्लेख किया था। भारतीय प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) में अधिकारी रहे सुभाष चंद्रा ने ओएनजीसी के 2772 शेयर व रिलायंस पावर के 25 शेयर ले रखे थे। आरोप है कि नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के शाखा प्रबंधक सौरभ अग्रवाल और बिजनेस डवलपमेंट प्रबंधक वेदप्रकाश शर्मा ने कंपनी के मुंबई स्थित मुख्य ऑफिस के लीगल हेड ऋषिकेश पारिख, संदीप नैयर, एसपी जैन, गिरीश देव, रईस शेख, राज भंडारी, अमित सिंह, शिव कुमार, दत्तोत्रय बापाट और गोमतीनगर स्थित करूर व्यास बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष खंडेलवाल व चेयरमैन कट्टा प्रदुंब कुमार से साठगांठ करके सुभाष चंद्रा के नाम से फर्जी खाता खोला और उनके शेयर 16 लाख रुपये में बेच डाले। ओएनजीसी व रिलायंस पावर से 16 लाख रुपये खाते में आते ही उसे निकाल कर ठिकाने लगा डाला। पुलिस ने मामला दर्ज करके तहकीकात शुरू कर दी है।
फर्जी खाते में फोन नंबर व ई-मेल आईडी भी फर्जी
सुभाष चंद्रा का आरोप है कि नेटवर्क स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड व करूर व्यास बैंक के अधिकारियों की साठगांठ से खोले गए फर्जी खाते में उनका फर्जी ई-मेल आईडी व फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया ताकि लेनदेन की उन्हें भनक न लगे। इसके साथ ही सुभाष ने पुलिस को कई प्रमाण उपलब्ध कराते हुए शेयर कंपनी के दस्तावेज जल्द कब्जे में लेने की मांग की है। उन्होंने शक जताया है कि कंपनी के अधिकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर सकते हैं।
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पुलिस के मुताबिक, भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुभाष चंद्रा ने 24 मार्च 2007 को हजरतगंज के सरन चैंबर स्थित नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड में डी-मैट खाता खोला था। इसमें उन्होंने सेंट्रल बैंक की आईआईएम शाखा में अपने बचत खाते का उल्लेख किया था। भारतीय प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) में अधिकारी रहे सुभाष चंद्रा ने ओएनजीसी के 2772 शेयर व रिलायंस पावर के 25 शेयर ले रखे थे। आरोप है कि नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के शाखा प्रबंधक सौरभ अग्रवाल और बिजनेस डवलपमेंट प्रबंधक वेदप्रकाश शर्मा ने कंपनी के मुंबई स्थित मुख्य ऑफिस के लीगल हेड ऋषिकेश पारिख, संदीप नैयर, एसपी जैन, गिरीश देव, रईस शेख, राज भंडारी, अमित सिंह, शिव कुमार, दत्तोत्रय बापाट और गोमतीनगर स्थित करूर व्यास बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष खंडेलवाल व चेयरमैन कट्टा प्रदुंब कुमार से साठगांठ करके सुभाष चंद्रा के नाम से फर्जी खाता खोला और उनके शेयर 16 लाख रुपये में बेच डाले। ओएनजीसी व रिलायंस पावर से 16 लाख रुपये खाते में आते ही उसे निकाल कर ठिकाने लगा डाला। पुलिस ने मामला दर्ज करके तहकीकात शुरू कर दी है।
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फर्जी खाते में फोन नंबर व ई-मेल आईडी भी फर्जी
सुभाष चंद्रा का आरोप है कि नेटवर्क स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड व करूर व्यास बैंक के अधिकारियों की साठगांठ से खोले गए फर्जी खाते में उनका फर्जी ई-मेल आईडी व फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया ताकि लेनदेन की उन्हें भनक न लगे। इसके साथ ही सुभाष ने पुलिस को कई प्रमाण उपलब्ध कराते हुए शेयर कंपनी के दस्तावेज जल्द कब्जे में लेने की मांग की है। उन्होंने शक जताया है कि कंपनी के अधिकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर सकते हैं।
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