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संगीत की युवा पीढ़ी के गले सजे पदक
Lucknow
Updated Thu, 07 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह बुधवार को गाडगे प्रेक्षागृह में राज्यपाल बीएल जोशी की अध्यक्षता और प्रख्यात कथक नर्तक पं. बिरजू महाराज की उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जहां संस्थान के 14 मेधावियों को 15 विभिन्न पदकों से नवाजा गया, वहीं तीन को पीएचडी दी गई। हालांकि समारोह के दौरान दो छात्र अनुपस्थित रहे। विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली तबला की छात्रा श्रेया शर्मा को दो पदक पं. सखाराम मृदंगाचार्य पदक एवं राय उमानाथ बली पदक से नवाजा गया।
पं. बिरजू महाराज ने इस मौके पर उम्मीद जताई कि जो छात्र-छात्राएं संस्थान से शिक्षा ग्रहण कर निकल रही हैं, उन्हें मैं संगीत के पथ पर चलता हुआ देखना चाहता हूं। राज्यपाल बीएल जोशी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की डिग्री दूसरे विश्वविद्यालयों से अलग है। उन्होंने कहा कि संगीत जगत में तभी अपनी जगह बन पाती है जब आप उसमें पारंगत हों और कुछ अलग करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संगीत का संरक्षण तभी होगा जब कई बिरजू महाराज तैयार होंगे। जोशी ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा में जहां सीमित संख्या में लोगों को शिक्षा दी जाती है, वहीं संस्थागत शिक्षा में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों को शिक्षा दी जा सकती है। यहां नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि अहमद जान थिरकवा, वीजी जोग, बेगम अख्तर जैसे कई प्रसिद्ध कलाकार संस्थान से जुड़े रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि पं. विष्णु दिगंबर पलुष्कर और विष्णु नारायण भातखण्डे ने भले ही संगीत के पुनर्जागरण की अलख महाराष्ट्र में जलाई हो, लेकिन उनके प्रयास उत्तर प्रदेश में ही सफल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शास्त्रीय संगीत की पृष्ठभूमि न सिर्फ प्राचीन है बल्कि समृद्ध है। आरंभ में कुलपति श्रुति सडोलीकर ने प्रगति आख्या प्रस्तुत की। संचालन सृष्टि माथुर ने किया।
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14 विद्यार्थियों को 15 पदक
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विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक
श्रेया शर्मा -राय उमानाथ बली पदक
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बीपीए भाग-3 गायन
प्रियंका दुबे प्रथम धनारंग प्रकाश पदक
मोहिनी द्विवेदी द्वितीय भातखण्डे पदक
पिंकी उपाध्याय तृतीय भातखण्डे पदक
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एमपीए भाग-2 गायन
अर्चना तिवारी प्रथम पं. वामन राव सडोलीकर
प्रियांशु श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
अंजली शुक्ला तृतीय भातखण्डे पदक
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बीपीए भाग-3 स्वरवाद्य
यतिराज अधिकारी (वायलिन) प्रथम पं. भूपेन्द्र कृष्ण चटजी (अनुपस्थित)
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एमपीए भाग-2 स्वरवाद्य
आईयूके अभय सिंघे (गिटार) प्रथम वीएस निगम पदक (अनुपस्थित)
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एमपीए भाग-2 तालवाद्य
श्रेया शर्मा प्रथम पं. सखाराम मृदंगाचार्य पदक
दीपाली श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
मनीष कुमार मिश्र तृतीय भातखण्डे पदक
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एमपीए भाग-2 नृत्य
साक्षी श्रीवास्तव प्रथम पं. मोहनराव कल्याणपुरकर पदक
उपासना श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
अंजली शुक्ला तृतीय भातखण्डे पदक
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इन्हें दी गयी पीएचडी
रीना राहिनवाल (अनुपस्थित), गुड्डी पाल, शिवकांति सिंह
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(ध्यानार्थ- अभी और भी सम्बन्धित खबरे हैं)
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पं. बिरजू महाराज ने इस मौके पर उम्मीद जताई कि जो छात्र-छात्राएं संस्थान से शिक्षा ग्रहण कर निकल रही हैं, उन्हें मैं संगीत के पथ पर चलता हुआ देखना चाहता हूं। राज्यपाल बीएल जोशी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की डिग्री दूसरे विश्वविद्यालयों से अलग है। उन्होंने कहा कि संगीत जगत में तभी अपनी जगह बन पाती है जब आप उसमें पारंगत हों और कुछ अलग करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संगीत का संरक्षण तभी होगा जब कई बिरजू महाराज तैयार होंगे। जोशी ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा में जहां सीमित संख्या में लोगों को शिक्षा दी जाती है, वहीं संस्थागत शिक्षा में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों को शिक्षा दी जा सकती है। यहां नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि अहमद जान थिरकवा, वीजी जोग, बेगम अख्तर जैसे कई प्रसिद्ध कलाकार संस्थान से जुड़े रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि पं. विष्णु दिगंबर पलुष्कर और विष्णु नारायण भातखण्डे ने भले ही संगीत के पुनर्जागरण की अलख महाराष्ट्र में जलाई हो, लेकिन उनके प्रयास उत्तर प्रदेश में ही सफल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शास्त्रीय संगीत की पृष्ठभूमि न सिर्फ प्राचीन है बल्कि समृद्ध है। आरंभ में कुलपति श्रुति सडोलीकर ने प्रगति आख्या प्रस्तुत की। संचालन सृष्टि माथुर ने किया।
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14 विद्यार्थियों को 15 पदक
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विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक
श्रेया शर्मा -राय उमानाथ बली पदक
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बीपीए भाग-3 गायन
प्रियंका दुबे प्रथम धनारंग प्रकाश पदक
मोहिनी द्विवेदी द्वितीय भातखण्डे पदक
पिंकी उपाध्याय तृतीय भातखण्डे पदक
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एमपीए भाग-2 गायन
अर्चना तिवारी प्रथम पं. वामन राव सडोलीकर
प्रियांशु श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
अंजली शुक्ला तृतीय भातखण्डे पदक
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बीपीए भाग-3 स्वरवाद्य
यतिराज अधिकारी (वायलिन) प्रथम पं. भूपेन्द्र कृष्ण चटजी (अनुपस्थित)
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एमपीए भाग-2 स्वरवाद्य
आईयूके अभय सिंघे (गिटार) प्रथम वीएस निगम पदक (अनुपस्थित)
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एमपीए भाग-2 तालवाद्य
श्रेया शर्मा प्रथम पं. सखाराम मृदंगाचार्य पदक
दीपाली श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
मनीष कुमार मिश्र तृतीय भातखण्डे पदक
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एमपीए भाग-2 नृत्य
साक्षी श्रीवास्तव प्रथम पं. मोहनराव कल्याणपुरकर पदक
उपासना श्रीवास्तव द्वितीय भातखण्डे पदक
अंजली शुक्ला तृतीय भातखण्डे पदक
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इन्हें दी गयी पीएचडी
रीना राहिनवाल (अनुपस्थित), गुड्डी पाल, शिवकांति सिंह
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(ध्यानार्थ- अभी और भी सम्बन्धित खबरे हैं)