पत्नी-बेटी व बेटे को गोली मार बैंक मैनेजर ने खुद को गोली से उड़ाया

Lucknow Updated Tue, 25 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। विकासनगर सेक्टर-पांच में सोमवार सुबह एक अवसादग्रस्त बैंक मैनेजर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी-बेटी व बेटे को गोली मारने के बाद खुद को गोली मार ली। गोली लगने से मां-बेटी की मौत हो गई जबकि, बैंक मैनेजर का ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में इलाज चल रहा है। वहीं बेटा बाल-बाल बच गया। गोली उसके बाएं कान को चीरते हुए निकली। फायरिंग की आवाज से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि बैंक मैनेजर करीब आठ साल से मानसिक रूप से बीमार थे। उनकी पत्नी व बेटी भी मानसिक रोगी थे।
मूल रूप से लखनऊ के कैंट सदर निवासी सुरेंद्र सिंह (55) पीएनबी अलीगंज शाखा में मैनेजर थे। वह 1991 से पत्नी अनामिका उर्फ अरुणा (50), बेटी निहारिका उर्फ नेहा (27) तथा इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहे बेटा निशांत सिंह उर्फ नीशू (24) के साथ विकासनगर के सेक्टर-पांच में अपने मकान में रहते हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र सिंह आठ साल से मानसिक रूप से बीमार थे। उनका महानगर में डॉ. जेके त्रिवेदी के यहां इलाज चल रहा था। उनकी पत्नी अनामिका व बेटी निहारिका भी मानसिक रोगी थीं, जिनका इलाज भी डॉ. त्रिवेदी कर रहे थे। पुलिस की मानें तो पारिवारिक समस्याओं व बेटी की शादी को लेकर अक्सर घरेलू कलह की स्थिति बनी रहती थी। वे पिछले 15 दिसंबर से बहुत परेशान थे और बैंक से अवकाश ले रखा था। बेटे निशांत सिंह का कहना है कि सोमवार सुबह 7:40 बजे मां के कमरे से आवाजें आने लगीं। नींद में होने के चलते कुछ देर तक माता-पिता का झगड़ा सुनता रहा। फिर अचानक गोली चलने की आवाज आई। इस पर वह बेतहाशा मां के कमरे की ओर भागा। तब तक बहन निहारिका भी मां के कमरे में पहुंच गई। पिता के हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। खून से लथपथ मां फर्श पर पड़ी थी और उनकी बाएं कनपटी से खून बह रहा था। जब तक हम कुछ समझ पाते पिता ने मुझ पर भी गोली दागी दी। गोली मेरे बाएं कान को चीरते हुए निकल गई। इसी बीच पिता ने बहन निहारिका पर फायर झोंक दिया। बाईं कनपटी पर गोली लगते ही वह ढेर हो गई। सब कुछ मेरी आंखों के सामने हो रहा था। मैं चाह कर भी कुछ कर नहीं पा रहा था। फिर पापा सोफे पर बैठ गए और रिवॉल्वर दाहिनी कनपटी पर सटा कर खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। निशांत ने घटना के बारे में महानगर निवासी व पेशे से वकील अपने मामा नीरज सिंह को बताया। सूचना पर पुलिस ने खून से लथपथ मां-बेटी व बैंक मैनेजर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मां-बेटी की मौतहो गई। बैंक मैनेजर सुरेंद्र सिंह की सर्जरी की गई है, मगर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की मानें तो बेटे निशांत के बाएं कान का पर्दा फट गया है। उसका भी इलाज चल रहा है।
एसओ विकासनगर अशोक यादव के मुताबिक सुरेंद्र सिंह मानसिक बीमार थे। उनकी पत्नी व बेटी भी मानसिक बीमारी के शिकार थे। बैंक मैनेजर अपनी बेटी की शादी को लेकर भी चिंता थी। इसे लेकर सोमवार सुबह भी सुरेंद्र का पत्नी से विवाद हुआ। जिस पर सुरेंद्र ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चला दी।

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