फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   सांसद डिंपल से उपहार पा खिले विशेष बच्चों के चेहरे

सांसद डिंपल से उपहार पा खिले विशेष बच्चों के चेहरे

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Lucknow
Lucknow Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ। छावनी स्थित सूर्या आशा स्कूल में शुक्रवार सुबह कुछ अलग ही नजारा था। प्रदेश के मुख्यमंत्री की पत्नी व सांसद डिंपल यादव ने स्कूल पहुंचकर बच्चों से उनका हालचाल जाना व दिवाली का तोहफा दिया। सांसद डिंपल यादव से मिलकर मासूमियत से भरे इस स्कूल के 57 बच्चों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने स्कूल का भ्रमण कर स्कूल की गतिविधियों का भी जायजा लिया।
विज्ञापन

छावनी स्थित सूर्या आशा स्कूल में सुबह पहुंची सांसद डिंपल यादव ने विशेष बच्चों को चॉकलेट व टॉफियां दी। वह सबसे पहले नि:शक्त बच्चों से रूबरू हुईं। इस दौरान उन्होंने सभी बच्चों से हाथ मिलाकर उनकी सेहत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दीपक, विकास, अनुष्का, जय, अभय, प्रियंका आदि विशेष बच्चों को टॉफियां व चॉकलेट वितरित की। इसके बाद वह दो स्पेशल बच्चों हितेश टेकचंदानी, नंदिनी व अभय से मिलने पहुंची। वे उठ बैठ व किसी प्रकार की हरकत करने में अक्षम है। इनसे मिलने के दौरान उन्होंने स्कूल स्टॉफ से इनको दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विशेष बच्चों द्वारा दिवाली के मौके पर बनाई गई सुंदर कलाकृतियों पूजा प्लेट, लैंप शेड, ब्रेसलेट व सुंदर दीयों का निरीक्षण किया। इस मौके पर स्पेशल बच्चे यश गौतम ने सीएम की पत्नी के सामने मोमबत्ती बनाकर दिखाई। इसके बाद वह प्री-वोेकेशनल गर्ल्स क्लास में दाखिल हुईं, जहां बच्चे गणित की पढ़ाई कर रहे थे। क्लास में पहुंचकर उन्होंने पूछा कि बच्चे आप क्या लिख रहे हैं। एक बच्ची ने कहा कि एडीशन (जोड़)। तो उन्होंने सेवेन प्लस फोर जोड़ने के लिए कहा। विशेष बच्चों ने अंगुलियों के जरिए जोड़कर उनको उत्तर बताया। बच्चों के सही उत्तर सुनकर उन्होंने उन्हें टॉफी व चॉकलेट देकर शाबासी दी। भ्रमण के दौरान एफडब्ल्यूओ की अध्यक्षा नीता चैत ने उन्हें स्कूल द्वारा संचालित होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी।
विज्ञापन



यह है सूर्या आशा स्कूल : सूर्या आशा स्कूल विशेषकर विशेष व नि:शक्त बच्चों के लिए स्थापित किया गया। इसमें सेना में सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है। स्कूल की स्थापना 10 जुलाई 1989 को एएमसी केंद्र व कॉलेज में की गई थी। वर्तमान में स्कूल में कुल 57 बच्चों को शिक्षा, चिकित्सा व मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान दी जा रही है। इसके अलावा स्कूल द्वारा वोकेशनल ट्रेनिंग, स्पेशल ट्रेनिंग, खेलकूद, संगीत, नृत्य सहित कंप्यूटर व रसोई से जुड़ी प्रशिक्षण सुविधाएं दी जातीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed