{"_id":"124-46704","slug":"Lucknow-46704-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत संपत्तियों के अवैध कब्जेदारों से वसूला जाएगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत संपत्तियों के अवैध कब्जेदारों से वसूला जाएगा जुर्माना
Lucknow
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। ब्लॉक स्तर पर ग्राम समाज अथवा ग्राम पंचायत की संपत्तियों का अवैध इस्तेमाल अब भारी पड़ेगा। पंचायत संपत्तियों पर लगातार बढ़ते अवैध कब्जे व इनके इस्तेमाल से होने वाले आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए अब जिला प्रशासन सख्ती बरतेगा। पंचायत संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ तत्काल पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं अवैध कब्जा कराने में सहयोग के आरोपी राजस्व कर्मियों से भी नुकसान की भरपाई की जाएगी।
जिले के बीकेटी, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज सहित अन्य ब्लॉकों में आने वाली कई ग्राम पंचायतों में देख रेख के अभाव में ग्राम समाज की भू-संपत्तियां बेकार पड़ी हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण ऐसी भू-संपत्तियों पर क्षेत्र के दबंग लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा है। कोई ग्राम प्रधान की शह पर ग्राम समाज की जमीन की वनसंपदा को कटवा कर बेच रहा है तो कोई ग्राम पंचायत के तालाब में पाली जाने वाली मछलियों को बेच कर कमाई कर रहा है। कई ग्राम पंचायतों में तो ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर पक्की दुकानें तक बना कर उन्हें किराए पर संचालित कराया जा रहा है। मलिहाबाद, बीकेटी व मोहनलालगंज एसडीएम के पास इस तरह की कई शिकायतें आईं। जांच में अधिकांश मामले सही पाए जाने के बाद चेते प्रशासन ने अब ऐसे मामले में कड़े कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। अभी तक ग्राम समाज की संपत्तियों पर कब्जे की शिकायतों का निस्तारण तहसीलदार व लेखपाल के स्तर पर ही कराया जाता है। इसमें अधिकांश मामले लंबित रहने अथवा आरोपी को जांच में शिकायत के बाद क्लीनचिट देने की शिकायतें रहती थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अब पंचायत संपत्तियों पर अवैध कब्जेदारी की शिकायत की जांच सीधे एसडीएम के स्तर पर होगी। शिकायत की प्राथमिक पुष्टि के आधार पर आरोपी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के साथ मौके पर अर्थदंड लगाने की कार्रवाई भी तय होगी। इसके साथ ही इसके साथ ही ब्लाक स्तर पर एसडीएम की निगरानी में ग्राम पंचायतों की संपत्तियों का ब्योरा भी तैयार कराया जाएगा ताकि ग्राम समाज की वास्तविक भू संपत्तियों का आंकलन कर इन्हें जनता के हित में इस्तेमाल किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के बीकेटी, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज सहित अन्य ब्लॉकों में आने वाली कई ग्राम पंचायतों में देख रेख के अभाव में ग्राम समाज की भू-संपत्तियां बेकार पड़ी हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण ऐसी भू-संपत्तियों पर क्षेत्र के दबंग लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा है। कोई ग्राम प्रधान की शह पर ग्राम समाज की जमीन की वनसंपदा को कटवा कर बेच रहा है तो कोई ग्राम पंचायत के तालाब में पाली जाने वाली मछलियों को बेच कर कमाई कर रहा है। कई ग्राम पंचायतों में तो ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर पक्की दुकानें तक बना कर उन्हें किराए पर संचालित कराया जा रहा है। मलिहाबाद, बीकेटी व मोहनलालगंज एसडीएम के पास इस तरह की कई शिकायतें आईं। जांच में अधिकांश मामले सही पाए जाने के बाद चेते प्रशासन ने अब ऐसे मामले में कड़े कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। अभी तक ग्राम समाज की संपत्तियों पर कब्जे की शिकायतों का निस्तारण तहसीलदार व लेखपाल के स्तर पर ही कराया जाता है। इसमें अधिकांश मामले लंबित रहने अथवा आरोपी को जांच में शिकायत के बाद क्लीनचिट देने की शिकायतें रहती थी।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के निर्देश पर अब पंचायत संपत्तियों पर अवैध कब्जेदारी की शिकायत की जांच सीधे एसडीएम के स्तर पर होगी। शिकायत की प्राथमिक पुष्टि के आधार पर आरोपी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के साथ मौके पर अर्थदंड लगाने की कार्रवाई भी तय होगी। इसके साथ ही इसके साथ ही ब्लाक स्तर पर एसडीएम की निगरानी में ग्राम पंचायतों की संपत्तियों का ब्योरा भी तैयार कराया जाएगा ताकि ग्राम समाज की वास्तविक भू संपत्तियों का आंकलन कर इन्हें जनता के हित में इस्तेमाल किया जा सके।
विज्ञापन