Neom: रेगिस्तान में पृथ्वी का सबसे अनोखा शहर बसा रहा सऊदी अरब, खासियतें ऐसी कि दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे
आज हम आपको सऊदी अरब के एक बेहद ही शानदार प्रोजेक्ट के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके अंतर्गत सऊदी अरब रेगिस्तान में अब तक की सबसे हाईटेक सिटी नियोम बसाने जा रहा है।
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विस्तार
The Neom Project (The Line City): सभ्यता के विकास के साथ-साथ इंसानों ने ऐसे कई धरोहरों का निर्माण किया, जिनकी छांप अभी तक बरकरार है। फिर चाहे बात आप इजिप्ट के गीजा की पिरामिड की करें या शाहजहां द्वारा बनवाए गए खूबसूरत ताजमहल की। ये धरोहरें आज भी मौजूद हैं और उस जमाने की सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल खूबसूरती को सालों से अभिव्यक्त कर रही हैं। अब हम एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। आधुनिक विज्ञान की दिशा में हुई कई खोजों के कारण आज दुनियाभर में जनसंख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को देखते हुए वास्तुकला के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आई है। आज के समय दुनिया भर में बड़े-बड़े स्काईक्रैपर से लेकर खूबसूरत शहरों का निर्माण किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज हम आपको सऊदी अरब के एक बेहद ही शानदार प्रोजेक्ट के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके अंतर्गत सऊदी अरब रेगिस्तान में अब तक की सबसे हाईटेक सिटी नियोम बसाने जा रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
नियोम सिटी प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 37 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एक तरफ जहां दुनिया के बाकी शहर केंद्र से शुरू होकर बाहर की तरफ फैलते हैं। वहीं सऊदी का नियोम शहर एक स्ट्रेट लाइन में 170 किलोमीटर लंबा होगा। इसका एक छोर देश के उत्तरी पश्चिम पहाड़ों पर होगा, तो दूसरा लाल सागर के तट पर। इसे सऊदी अरब के तबुक प्रांत में बनाया जा रहा है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस शहर के ग्राउंड लेवल पर न तो कोई कार चलेगी और न ही यहां पर भीड़भाड़ वाली सड़कें दिखेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों की जरूरतों से जुड़ी हर चीजें महज पांच मिनट की दूरी पर मिल जाएंगी।
नियोम सिटी का निर्माण तीन अंडरग्राउंड भागों में किया जाएगा
ग्राउंड लेवल
- ग्राउंड लेवल पर न ही कोई गाड़ी चलेगी और न ही किसी प्रकार के रोड का निर्माण किया जाएगा।
- यह जगह पूरी तरह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर होगी।
- यहां पर कई खूबसूरत पेड़ पौधे देखने को मिलेंगे।
सर्विस लेयर
- नियोम सिटी का दूसरा स्तर सर्विस लेयर का होगा। यहां पर सभी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।
- सर्विस लेयर में शॉप, ऑफिस, बड़े बड़े मॉल्स, रोड और ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा।
द स्पाइन
- नियोम सिटी का तीसरा लेवल द स्पाइन इस शहर का बैकबोन होगा।
- यहीं पर शहर के अल्ट्रा स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बनाया जाएगा।
- यह ट्रांसपोर्ट सिस्टम इतना तेज होगा कि लोगों को शहर के कोने से दूसरे कोने तक महज 20 मिनट में पहुंचा देगा।
- द स्पाइ शहर के सबसे निचले भाग पर होगा।
रिन्यूएबल एनर्जी से संचालित होगा पूरा नियोम शहर
नियोम शहर का इलेक्ट्रिक सिस्टम, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इंडस्ट्रीज सब कुछ रिन्यूएबल एनर्जी से संचालित किया जाएगा। इस लाइन सिटी का ज्यादातर हिस्सा 4,500 फीट ऊंचे पहाड़ों के बीच से गुजरेगा। सऊदी सरकार ने इस हिस्से को ट्रोजेना का नाम दिया है। इन जगहों पर प्रोजेक्ट को बनाते समय किसी भी पहाड़ को नुकसान पहुंचाने की बजाए उसकी खूबसूरती का इस्तेमाल शहर को बनाने के लिए किया जाएगा। यहां वर्टिकल विलेज, आउटडोर स्काई रिजॉर्ट, हेल्थ सिस्टम से लेकर लग्जरी एंटरटेनमेंट सिस्टम भी बनाया जाएगा।
नियोम सिटी बनाने में इतना आएगा खर्च
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि नियोम सिटी की लोकेशन पर दुनिया भर की 40 प्रतिशत आबादी महज 4 घंटे में पहुंच सकती है। इस नायाब सिटी को बनाने के लिए सऊदी सरकार करीब 500 बिलियन डॉलर खर्च करेगी। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है।
फ्रेश वाटर बनाने के लिए उपयोग में लाई जाएगी यह नई तकनीक
नियोम सिटी में पीने लायक पानी को बनाने के लिए एक बेहद ही उम्दा तकनीक को इस्तेमाल में लाया जाएगा। यहां पर ग्लास से बने एक बहुत बडे़ ग्लोब को तैयार किया जा रहा है। इस ग्लोब को समुद्री पानी से भरा जाएगा। इसके बाद सोलर मिरर की सहायता से ग्लास ग्लोब को गर्म किया जाएगा। इससे अंदर का पानी गर्म होकर वाटर वेपर में बदलेगा, जिसे पाइप की सहायता से बाहर निकाल लिया जाएगा।
नियोम सिटी के इजीनियर्स का मानना है कि इससे हर रोज 5 करोड़ लीटर तक पानी निकालने में सहायता मिलेगी। आज के समय Reverse Osmosis और Desalination जैसी तकनीक के सहायता से 1 हजार लीटर पानी को बनाने में करीब 1 डॉलर का खर्च आता है। वहीं नियोम सिटी की ग्लास ग्लोब तकनीक की मदद से इस कॉस्ट को 62 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
क्यों बनाई जा रही है नियोम सिटी
आज के समय सऊदी रॉयल परिवार की गिनती दुनिया के सबसे अमीर परिवारों में की जाती है। यह रॉयल फैमिली 1.4 ट्रिलियन डॉलर की मालिक है। सऊदी रॉयल फैमिली की इस कमाई का बड़ा हिस्सा देश में निकलने वाले तेलों से मिला। सऊदी अरब की तस्वीर को बदलने में तेल का बहुत बड़ा योगदान है। आज के समय सऊदी अरब एक दिन में 1 करोड़ से ज्यादा बैरल तेल का उत्पादन करके उसे ग्लोबल ऑयल मार्केट में बेच रहा है।
हालांकि, भविष्य ग्रीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट हो रहा है। इसके अलावा कई रिसर्च इस बारे में जिक्र रही हैं कि जल्द ही जमीन के नीचे का क्रूड ऑयल खत्म हो जाएगा। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि 2052 तक दुनिया से क्रूड ऑयल खत्म हो जाएंगे। ऐसे में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश की अर्थव्यवस्था को तेल से दूसरी तरफ शिफ्ट करने की प्लानिंग के अंतर्गत नियोम सिटी बनाने का फैसला लिया। वेस्टर्न टूरिज्म को आकर्षित और ग्लोबल इकोनॉमी में दूसरे मोर्चों पर अपने आप को आगे लाने के लिए नियोम सिटी को बनाना सऊदी अरब के लिए समय की मांग बन चुकी है।
दिल्ली से लगभग 17 गुना ज्यादा बड़ा होगा प्रोजेक्ट
नियोम सिटी दिल्ली से लगभग 17 गुना ज्यादा बड़ा प्रोजेक्ट होगा। नियोम शहर कुल 26,500 स्क्वायर किलोमीटर में बनाया जाएगा। वहीं दिल्ली का कुल क्षेत्रफल 1483 स्क्वायर किलोमीटर है। आज जहां दिल्ली जैसे शहरों की गिनती दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में की जाती है। वहीं नियोम सिटी पूरी तरह कार्बन एमिशन फ्री होगी।