Cooler Tips: कूलर खरीदने से पहले जान लें ये तीन बातें, बच सकते हैं आपके पैसे
गर्मी का मौसम आ चुका है, और इससे बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करना शुरू कर चुके हैं। इसी कड़ी में बहुत से लोग कूलर खरीदने की प्लानिंग भी कर रहें हैं। आइए जानते हैं कूलर खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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Cooler Tips: गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और घर को ठंडा रखने के लिए हम सभी को कूलर की जरूरत महसूस होने लगी है। बाजार में कई प्रकार के कूलर उपलब्ध हैं, लेकिन अक्सर हम बिना पूरी जानकारी के कूलर खरीद लेते हैं, जिसका नतीजा यह होता है कि बाद में अफसोस होता है कि गलत कूलर खरीद लिया है। गलत कूलर खरीदने पर या तो अच्छी ठंडक नहीं मिल पाती या फिर बिजली का बिल ज्यादा आता है। दरअसल, कूलर खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूर होता है। सही कूलर का चुनाव करके आप न केवल अच्छी ठंडक पा सकते हैं, बल्कि पैसों की भी बचत कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कमरे के आकार के हिसाब से कूलर चुनें
कूलर कई तरह के होते हैं, जैसे पर्सनल कूलर, रूम कूलर और डेजर्ट कूलर। हर कूलर एक निश्चित आकार के कमरे के लिए डिजाइन किया जाता है। जैसे - एक छोटे कमरे के लिए बड़ा डेजर्ट कूलर खरीदना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि यह अधिक बिजली खर्च करेगा और हो सकता है कि कमरे में ज्यादा नमी पैदा कर दे। ऐसे में अपने कमरे का आकार मापें और उसी के अनुसार कूलर चुनें। ऐसे में छोटे कमरे के लिए पर्सनल कूलर, मध्यम आकार के कमरे के लिए रूम कूलर और बड़े हॉल या खुली जगहों के लिए डेजर्ट कूलर उपयुक्त होते हैं। इसलिए सही आकार का कूलर चुनकर आप फालतू खर्च से बच सकते हैं।
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बिजली की खपत की जांच करें
कूलर बिजली से चलते हैं, और गर्मी के पूरे सीजन में इनका उपयोग होता है। इसलिए, कूलर चलने का सीधा असर आपके बिजली के बिल पर पड़ता है। अलग-अलग मॉडल और आकार के कूलर की बिजली खपत अलग-अलग होती है। कूलर खरीदते समय उसके पावर कंजम्पशन या एनर्जी एफिशिएंसी रेटिंग (अगर उपलब्ध हो) की जांच करें। कम वॉट वाला कूलर कम बिजली खींचेगा। थोड़ा महंगा लेकिन कम बिजली खपत वाला कूलर चुनना लंबे समय के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे बिजली का बिल कम आता है।
कूलर का पैड जरूर देखें
कूलर में आमतौर पर दो तरह के पैड का इस्तेमाल होता है। पहला वुड वूल पैड (घास वाले) और दूसरा हनीकॉम्ब पैड। वुड वूल पैड सस्ते होते हैं और अच्छी ठंडक देते हैं, लेकिन इन्हें हर साल या जरूरत के अनुसार बदलना पड़ता है और उसमें रखरखाव में अधिक खर्च आता है। हनीकॉम्ब पैड ज्यादा टिकाऊ होते हैं, बेहतर कूलिंग देते हैं और इन्हें कम रखरखाव की जरूरत होती है।