फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Utility ›   How does a cooler cool a room know the science behind cooling the cooler in hindi

जरूर जानें: कैसे कमरे को ठंडा करता है कूलर? जानें क्या है इसके पीछे का विज्ञान

Sun, 27 Apr 2025 07:00 PM IST
शिखर बरनवाल यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Sun, 27 Apr 2025 07:00 PM IST
सार

गर्मी के मौसम में कूलर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। मगर क्या आपने कभी सोचा है की कूलर कैसे ठंडी हवा देता है। आइए इस लेख में इसी के पीछे के विज्ञान के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
How does a cooler cool a room know the science behind cooling the cooler in hindi
कूलर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Science Behind Cooler Cooling: गर्मियों का मौसम आते ही लोग इससे बचने के तरह-तरह के उपाय अपनाने लगते हैं। गर्मी से बचने के लिए कुछ लोग एसी चलाते हैं तो कुछ लोग कूलर का उपयोग करते हैं। कूलर किफायती होने के साथ-साथ कमरे को ठंडा करने का सबसे अच्छा विकल्प है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि कूलर आखिर कमरे को ठंडा कैसे करता है? इसके पीछे का विज्ञान बेहद दिचस्प है। अगर आप उस विज्ञान को समझ लेते हैं तो आप पूरे सीजन कूलर से बिना बर्फ के ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन


बता दें कि कूलर वाष्पीकरण के सिद्धांत पर काम करता है। अब वाष्पीकरण का एक नियम होता है कि जब पानी भाप में बदलता है, तब पीछे बचा हुआ पानी और जिस सतह से वाष्पीकरण हो रहा है, वह ठंडा हो जाता है। अब कूलर का पंखा उसी हवा से हमारे कमरे को ठंडा करता है। आइए समझते हैं बिना बर्फ के कूलर कैसे ठडी हवा देता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- ध्यान दें: किस उम्र के बाद ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जरूरी होता है मेडिकल सर्टिफिकेट, यहां जानें नियम
विज्ञापन
विज्ञापन


वाष्पीकरण कैसे ठंडक पैदा करता है?
कूलर का काम वाष्पीकरण के सिद्धांत पर आधारित है। जब पानी कूलर में चल रहे तेज हवा के संपर्क में आता है, तो वह वाष्प में बदलता है। इस प्रक्रिया में पानी अपने आसपास की हवा या सतह से गर्मी सोख लेता है, जिससे हवा का तापमान कम हो जाता है। कूलर में यह प्रक्रिया कूलिंग घास या हनीकॉम्ब पैड्स के जरिए होती है, जो कूलर के तीनों साइड में लगे होते हैं। कूलर का पंप पानी को इन पैड्स पर डालता है, और पंखा हवा को इन गीले पैड्स के माध्यम से खींचता है। जैसे ही हवा गीले पैड्स से गुजरती है, पानी वाष्पीकृत होता है और हवा से गर्मी सोख लेता है, जिससे ठंडी हवा बाहर निकलती है।

ये भी पढ़ेंं- Portable AC Tips: खरीदने जा रहे हैं पोर्टेबल एसी, तो जरूर जान लें ये बातें वरना बाद में पड़ सकता है पछताना

कूलर से ठंडी हवा पाने का सबसे अच्छा तरीका
कूलर को और प्रभावी बनाने के लिए इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। कूलर को कमरे के अंदर रखने की बजाय कमरे से बाहर, जैसे खिड़की या दरवाजे के पास, रखना सबसे अच्छा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि कूलर को ताजी और शुष्क हवा की जरूरत होती है, जो वाष्पीकरण की प्रक्रिया को तेज करती है। कूलर चलने थोड़ी देर बाद वाष्पीकरण की प्रक्रिया शूरू होते ही कूलर ठंडी हवा देने लगता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed