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Gold: सोने के गहने खरीदते समय हॉलमार्क के अलावा बिल में जरूर चेक करें ये चीजें, नहीं तो हो सकती है मुश्किल
Wed, 29 Nov 2023 06:17 PM IST
धर्मेंद्र सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Wed, 29 Nov 2023 06:17 PM IST
सार
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) गोल्ड की शुद्धता और बिलिंग जैसे दूसरे नियमन के लिए नियम बनाता है। बीआईएस के मुताबिक, हॉलमार्क वाले गहने ही खरीदने चाहिए और दुकानदार से ऑथेंटिक बिल जरूर लेना चाहिए।
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gold jewellery hallmarking
- फोटो : istock
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विस्तार
Gold: त्योहारों के बाद अब शादी के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान लोग सोने के गहनों की खरीददारी करते हैं। सोने के गहने खरीदते समय कमोडिटी पर हॉलमार्किंग के साथ बिल भी मांगना चाहिए। यह जांच कर लेना चाहिए कि दुकानदार द्वारा दिए गए बिल में महत्वपूर्ण जानकारियां हों।
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ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) गोल्ड की शुद्धता और बिलिंग जैसे दूसरे नियमन के लिए नियम बनाता है। बीआईएस के मुताबिक, हॉलमार्क वाले गहने ही खरीदने चाहिए और दुकानदार से ऑथेंटिक बिल जरूर लेना चाहिए। यह बेहद जरूरी होता है। अगर आपको गहने खरीदने पर कोई परेशानी होती है या कोई शिकायत होती है, तो रसीद का होना बहुत जरूरी है।
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बीआईएस के नियम के मुताबिक, खरीदे गए गहने के रसीद में हाॅलमार्क ज्वैलरी की जानकारी होनी चाहिए। रसीद में गहनों की संख्या, सबका अलग-अलग वजह और कैरेट की जानकारी के साथ ही हॉलमार्क की भी जानकारी होनी चाहिए।
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गहनों के बिल में आर्टिकल का नाम, उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने अंगूठी खरीदी है, तो अंगूठी, उसका वजन, कितनी शुद्धता है, जैसे 22 कैरेट है, 18 कैरेट वगैरह। इसके साथ ही वर्तमान समय में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क चार्ज और जीएसटी शामिल होनी चाहिए।
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सोने गहने में अलग से कोई स्टोन या दूसरा कुछ लगा है, तो दुकानदार बिल में इसकी भी जानकारी देनी होती है। कौन सा और कितने स्टोन लगे हैं और उसका वजन क्या है।
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अगर आपको सोने की शुद्धता पर शंका है, तो बीआईएस इसकी शुद्धता चेक कराने की सुविधा भी देता है। बीआईएस समर्थित किसी भी एसेंइग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (A&H Center) पर जाकर इसकी जांच कराई जा सकती है। इसके लिए आपको जांच का चार्ज देना होगा।