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Wrestling: जांच समिति के समक्ष पेश हुए कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, पहलवानों ने लगाए थे ये आरोप
Tue, 28 Feb 2023 11:08 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 28 Feb 2023 11:08 PM IST
सार
मैरी कॉम की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पेश होने के लिए बृजभूषण अपने 20 के करीब समर्थकों के साथ आए थे। समिति के समक्ष पेश होने के बाद बृजभूषण मीडिया से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है और उनका ऐसे में समय में कुछ बोलना ठीक नहीं है।
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पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय कुश्ती संघ केे अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को पहलवानों के आरोपों की जांच कर रही निगरानी समिति के समक्ष पेश हुए। बृजभूषण तकरीबन तीन घंटे समिति के समक्ष रहे, लेकिन खेल मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि उन्होंने उन पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया।
मैरी कॉम की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पेश होने के लिए बृजभूषण अपने 20 के करीब समर्थकों के साथ आए थे। समिति के समक्ष पेश होने के बाद बृजभूषण मीडिया से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है और उनका ऐसे में समय में कुछ बोलना ठीक नहीं है।
पहलवानों ने नहीं बताए हैं पीड़ितों के नाम
बजरंग, विनेश, साक्षी मलिक, रवि कुमार, दीपक पूनिया के अलावा अन्य पहलवानों की ओर से दिए गए धरने और लगाए गए आरोप के बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 23 जनवरी को एमसी मैरी कॉम की अगुवाई में जांच के लिए निगरानी समिति का गठन किया था। जिसमें कमांडर राजेश राजगोपालन, राधिका श्रीमान, बबिता फोगाट, योगेश्वर दत्त और तृप्ति मुरुगुंडे को शामिल किया गया था। सूत्र बताते हैं कि पहलवानों ने आरोप जरूर लगाए लेकिन समिति को अब तक पीडि़तों का नाम नहीं बताया है। समिति को मंत्रालय ने कुश्ती संघ के रोजमर्रा के कार्य देखने की भी जिम्मेदारी दी थी। उसे चार सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट दाखिल करनी थी, लेकिन उसने मंत्रालय से गुहार लगाई कि इसके लिए दो सप्ताह का समय और दिया जाए, जिसे मंजूर कर लिया गया।
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एशियाई कुश्ती की मेजबानी भी गई
पहलवान जब से धरने पर बैठे हैं, वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नहीं खेले हैं। पहले वे जगरेब ओपन में नहीं खेले, इसके बाद उन्होंने दूसरे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट से भी नाम वापस ले लिया। यही नहीं पहलवानों की शिकायत यूनाइटेड वल्र्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को भी पहुंच गई है। जांच पूरी नहीं होने के चलते और एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की तिथियां आगे बढ़ाने की प्रार्थना के बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी भी दिल्ली से छीन ली गई है।
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मैरी कॉम की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पेश होने के लिए बृजभूषण अपने 20 के करीब समर्थकों के साथ आए थे। समिति के समक्ष पेश होने के बाद बृजभूषण मीडिया से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है और उनका ऐसे में समय में कुछ बोलना ठीक नहीं है।
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पहलवानों ने नहीं बताए हैं पीड़ितों के नाम
बजरंग, विनेश, साक्षी मलिक, रवि कुमार, दीपक पूनिया के अलावा अन्य पहलवानों की ओर से दिए गए धरने और लगाए गए आरोप के बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 23 जनवरी को एमसी मैरी कॉम की अगुवाई में जांच के लिए निगरानी समिति का गठन किया था। जिसमें कमांडर राजेश राजगोपालन, राधिका श्रीमान, बबिता फोगाट, योगेश्वर दत्त और तृप्ति मुरुगुंडे को शामिल किया गया था। सूत्र बताते हैं कि पहलवानों ने आरोप जरूर लगाए लेकिन समिति को अब तक पीडि़तों का नाम नहीं बताया है। समिति को मंत्रालय ने कुश्ती संघ के रोजमर्रा के कार्य देखने की भी जिम्मेदारी दी थी। उसे चार सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट दाखिल करनी थी, लेकिन उसने मंत्रालय से गुहार लगाई कि इसके लिए दो सप्ताह का समय और दिया जाए, जिसे मंजूर कर लिया गया।
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एशियाई कुश्ती की मेजबानी भी गई
पहलवान जब से धरने पर बैठे हैं, वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नहीं खेले हैं। पहले वे जगरेब ओपन में नहीं खेले, इसके बाद उन्होंने दूसरे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट से भी नाम वापस ले लिया। यही नहीं पहलवानों की शिकायत यूनाइटेड वल्र्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को भी पहुंच गई है। जांच पूरी नहीं होने के चलते और एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की तिथियां आगे बढ़ाने की प्रार्थना के बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी भी दिल्ली से छीन ली गई है।