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Wrestlers Protest: बृजभूषण के खिलाफ फिर पहलवानों का धरना, बजरंग-विनेश की एशियाई खेलों की दावेदारी खतरे में
Mon, 24 Apr 2023 12:25 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 24 Apr 2023 12:25 AM IST
सार
बजरंग और विनेश 2018 केजकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हैं। धरने के चलते दोनों ही पहलवानों की इस वर्ष हांगझोउ (चीन) में होने वाले एशियाई खेलों की दावेदार खतरे में पड़ गई है।
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विनेश और बजरंग
- फोटो : file pic
विस्तार
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगभग तीन महीने बाद फिर से पहलवान धरने पर बैठ गए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना कर रहे पहलवानों में बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित देश के प्रमुख पहलवान शामिल हैं। पहलवानों का कहना है कि कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों पर निगरानी समिति की जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज हो। इससे पहले जनवरी में पहलवान धरने पर बैठे थे और उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे जिन्हें बृजभूषण शरण सिंह ने निराधार बताया था।
बजरंग और विनेश 2018 केजकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हैं। धरने के चलते दोनों ही पहलवानों की इस वर्ष हांगझोउ (चीन) में होने वाले एशियाई खेलों की दावेदार खतरे में पड़ गई है। खुद बजरंग ने अमर उजाला को स्पष्ट किया कि उन्होंने खेल मंत्रालय को एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए विदेश में टे्रनिंग का कार्यक्रम दिया था, लेकिन अब यह धरना उनकी प्रमुखता बन गया है। इसके लिए उन्हें एशियाई खेल छोडऩे ही क्यों न पड़ें, लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।
किर्गिस्तान नहीं गए थे बजरंग
बजरंग का कहना है कि उन्होंने यह तय किया था कि वह एशियाई खेलों का ट्रायल देंगे और 65 भार वर्ग में दावेदारी जताएंगे, लेकिन इस प्रकरण ने उनकी ही नहीं बल्कि धरने पर बैठने वाली विनेश,साक्षी, सत्यव्रत, जितेंदर का काफी नुकसान हुआ है। बजरंग ने कहा कि उन्होंने बीते माह किर्गिस्तान में तैयारियों के लिए प्रस्ताव दिया था। खेल मंत्रालय और टॉप्स ने इसे मंजूर भी कर लिया था, लेकिन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने के कारण उन्होंने इस दौरे पर नहीं जाने का फैसला लिया। अगर सब कुछ ठीक हो जाता है तो वह तभी एशियाई खेलों की तैयारी कर पाएंगे।
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बजरंग और विनेश 2018 केजकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हैं। धरने के चलते दोनों ही पहलवानों की इस वर्ष हांगझोउ (चीन) में होने वाले एशियाई खेलों की दावेदार खतरे में पड़ गई है। खुद बजरंग ने अमर उजाला को स्पष्ट किया कि उन्होंने खेल मंत्रालय को एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए विदेश में टे्रनिंग का कार्यक्रम दिया था, लेकिन अब यह धरना उनकी प्रमुखता बन गया है। इसके लिए उन्हें एशियाई खेल छोडऩे ही क्यों न पड़ें, लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।
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किर्गिस्तान नहीं गए थे बजरंग
बजरंग का कहना है कि उन्होंने यह तय किया था कि वह एशियाई खेलों का ट्रायल देंगे और 65 भार वर्ग में दावेदारी जताएंगे, लेकिन इस प्रकरण ने उनकी ही नहीं बल्कि धरने पर बैठने वाली विनेश,साक्षी, सत्यव्रत, जितेंदर का काफी नुकसान हुआ है। बजरंग ने कहा कि उन्होंने बीते माह किर्गिस्तान में तैयारियों के लिए प्रस्ताव दिया था। खेल मंत्रालय और टॉप्स ने इसे मंजूर भी कर लिया था, लेकिन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने के कारण उन्होंने इस दौरे पर नहीं जाने का फैसला लिया। अगर सब कुछ ठीक हो जाता है तो वह तभी एशियाई खेलों की तैयारी कर पाएंगे।
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