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Wrestler's Protest: पहलवान न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को तैयार, बयान नहीं दर्ज किए जाने पर जताई निराशा
Tue, 02 May 2023 11:57 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 02 May 2023 11:57 PM IST
सार
साक्षी मलिक ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस तरह की जांच है। अब तक शिकायतकर्ताओं को उनके बयान दर्ज कराने के लिए भी नहीं कहा गया है
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जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
धरने पर बैठे पहलवानों ने मंगलवार को कहा न्याय के लिए अगर उन्हें भूख हड़ताल पर भी बैठना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। बजरंग ने कहा कि वह न्याय के लिए किसी भी तरह की कीमत चुकाने को तैयार हैं पहलवानों ने कहा कि अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से शिकायतकर्ताओं के बयान तक दर्ज नहीं कराए गए हैं।
रेलवे से छुट्टी लेकर बैठे हैं धरने पर
साक्षी मलिक ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस तरह की जांच है। अब तक शिकायतकर्ताओं को उनके बयान दर्ज कराने के लिए भी नहीं कहा गया है। महिला पहलवानों को न्याय दिलाना उनके लिए ओलंपिक में खेलने से भी बढ़कर होगा। बजरंग ने कहा कि वे धरने पर रेलवे से छुट्टी लेकर बैठे हैं। हालांकि रेलवे ने अब तक उन्हें धरने पर बैठने के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया है।
उषा और मैरी कॉम को बताया राजनीतिज्ञ
आईओए की अध्यक्ष पीटी उषा और आईओए एथलीट कमीशन की चेयरपरसन एमसी मैरी कॉम के बारे में पहलवानों ने कहा कि दोनों अब खिलाड़ी नहीं बल्कि राजनीतिज्ञ बन गए हैं। अगर वे खिलाड़ी होते तो उनकी व्यथा को जरूर समझते। साक्षी ने कहा कि वे बचपन से सुनती आ रही हैं कि कभी राजनीतिज्ञों पर विश्वास नहीं करना। दोनों ने इस बात को सच साबित करके दिखा दिया है। बजरंग ने कहा कि पीटी उषा को समझना चाहिए कि आज वह जो भी हैं सिर्फ खेल की वजह से हैं, लेकिन वह अब पूरी तरह राजनीतिज्ञ बन गई हैं।
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धरने से दूर पहलवानों ने उठाई शिविर लगाने की मांग
वहीं धरने से दूर बैठे पहलवानों ने कुश्ती की गतिविधियां शुरू करने की मांग की है। आठ अप्रैल के बाद से अब तक कुश्ती का कोई राष्ट्रीय शिविर नहीं लगा है। तकरीबन 400 पुरुष और महिला पहलवान (सीनियर, जूनियर, कैडेट, अंडर-15) सोनीपत और लखनऊ साई सेंटर में तैयारी करते हैं।
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य जीत चुके नर सिंह यादव का कहना है कि मेरे पास तैयारियां करने के लिए पहलवान नहीं हैं। उनके अखाड़े में जो पहलवान हैं उनके वजन के नहीं है, जिससे काफी दिक्कते आ रही हैं। दो माह बाद एशियाई खेलों के ट्रायल हैं।
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रेलवे से छुट्टी लेकर बैठे हैं धरने पर
साक्षी मलिक ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस तरह की जांच है। अब तक शिकायतकर्ताओं को उनके बयान दर्ज कराने के लिए भी नहीं कहा गया है। महिला पहलवानों को न्याय दिलाना उनके लिए ओलंपिक में खेलने से भी बढ़कर होगा। बजरंग ने कहा कि वे धरने पर रेलवे से छुट्टी लेकर बैठे हैं। हालांकि रेलवे ने अब तक उन्हें धरने पर बैठने के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया है।
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उषा और मैरी कॉम को बताया राजनीतिज्ञ
आईओए की अध्यक्ष पीटी उषा और आईओए एथलीट कमीशन की चेयरपरसन एमसी मैरी कॉम के बारे में पहलवानों ने कहा कि दोनों अब खिलाड़ी नहीं बल्कि राजनीतिज्ञ बन गए हैं। अगर वे खिलाड़ी होते तो उनकी व्यथा को जरूर समझते। साक्षी ने कहा कि वे बचपन से सुनती आ रही हैं कि कभी राजनीतिज्ञों पर विश्वास नहीं करना। दोनों ने इस बात को सच साबित करके दिखा दिया है। बजरंग ने कहा कि पीटी उषा को समझना चाहिए कि आज वह जो भी हैं सिर्फ खेल की वजह से हैं, लेकिन वह अब पूरी तरह राजनीतिज्ञ बन गई हैं।
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धरने से दूर पहलवानों ने उठाई शिविर लगाने की मांग
वहीं धरने से दूर बैठे पहलवानों ने कुश्ती की गतिविधियां शुरू करने की मांग की है। आठ अप्रैल के बाद से अब तक कुश्ती का कोई राष्ट्रीय शिविर नहीं लगा है। तकरीबन 400 पुरुष और महिला पहलवान (सीनियर, जूनियर, कैडेट, अंडर-15) सोनीपत और लखनऊ साई सेंटर में तैयारी करते हैं।
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य जीत चुके नर सिंह यादव का कहना है कि मेरे पास तैयारियां करने के लिए पहलवान नहीं हैं। उनके अखाड़े में जो पहलवान हैं उनके वजन के नहीं है, जिससे काफी दिक्कते आ रही हैं। दो माह बाद एशियाई खेलों के ट्रायल हैं।