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विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप: आकाश पदक जीतने वाले सातवें भारतीय, ओलंपिक मेडलिस्ट को हराया, सेमीफाइनल में पहुंचे
Tue, 02 Nov 2021 11:21 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बेलग्रेड
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बेलग्रेड
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 02 Nov 2021 11:21 PM IST
सार
अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कुमार ने हासिल की यह बड़ी उपलब्धि
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आकाश विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय मुक्केबाज
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे आकाश कुमार (54 किग्रा) ने एआईबीए विश्व पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पदक पक्का कर इसे यादगार बना दिया। आकाश ने रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता वेनेजुएला के योएल फिनोल रिवास को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन भिवानी के आकाश बेखौफ होकर रिंग में उतरे और वेनेजुएला के खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
21 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने अपनी फुर्ती और पंच की तेज गति से रिवास को आश्चर्यचकित कर दिया। सेना के जवान आकाश विश्व चैंपियन में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय मुक्केबाज हैं। भारत को अभी तक अपने पहले विश्व चैंपियन का इंतजार है। अमित पंघाल 2019 में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा था। फाइनल में जगह बनाने के लिए आकाश का सामना 19 साल के मखमुद सबिरखान से होगा। कजाखस्तान का यह मुक्केबाज युवा स्तर पर तीन बार एशियाई स्वर्ण पदक जीत चुका है।
मां के गले में पदक डालने की ख्वाहिश रह गई अधूरी
पुणे स्थित सेना खेल संस्थान से राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले आकाश की मां का सितंबर में फेफड़े के कैंसर से निधन हो गया था।जब उनकी मां का निधन हुआ, उस समय वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में चुनौती पेश कर रहे थे। उन्हें टूर्नामेंट खत्म होने के बाद इसकी जानकारी दी गई। मां के कहने पर ही वह टूर्नामेंट खेलने गए थे। वह अपना पदक मां के गले में डालना चाहते थे लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई। उनके पिता की मौत एक दशक पहले ही हो गई थी। उनका छोटा भाई एक हत्या के मामले में जेल में है।
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थापा क्वार्टर फाइनल में
पांच बार के एशियाई पदक विजेता शिव थापा (63.5 किग्रा) लगातार तीसरी जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। असम के 27 वर्षीय थापा इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बनने से सिर्फ एक जीत दूर है। सेमीफाइनल में पहुंचते ही वह पदक पक्का कर लेंगे।
थापा ने फ्रांस के लाउनेस हामराउई को 4-1 से पराजित किया। थापा ने 2015 में दोहा में कांसा जीता था। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए थापा का सामना तुर्की के करीम ओजमैन से होगा। दीपक बोहरिया (51 किग्रा), रोहित मोर (57 किग्रा), आकाश सांगवान (67 किग्रा) और सुमित कुंडू (75 किग्रा) का सफर अंतिम-16 में थम गया।
विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय
नाम पदक वर्ष
आकाश कुमार रंग तय नहीं 2021
अमित पंघाल रजत 2019
मनीष कौशिक कांस्य 2019
गौरव बिधुड़ी कांस्य 2017
शिव थापा कांस्य 2015
विकास कृष्ण कांस्य 2011
विजेंदर सिंह कांस्य 2009
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21 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने अपनी फुर्ती और पंच की तेज गति से रिवास को आश्चर्यचकित कर दिया। सेना के जवान आकाश विश्व चैंपियन में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय मुक्केबाज हैं। भारत को अभी तक अपने पहले विश्व चैंपियन का इंतजार है। अमित पंघाल 2019 में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा था। फाइनल में जगह बनाने के लिए आकाश का सामना 19 साल के मखमुद सबिरखान से होगा। कजाखस्तान का यह मुक्केबाज युवा स्तर पर तीन बार एशियाई स्वर्ण पदक जीत चुका है।
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मां के गले में पदक डालने की ख्वाहिश रह गई अधूरी
पुणे स्थित सेना खेल संस्थान से राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले आकाश की मां का सितंबर में फेफड़े के कैंसर से निधन हो गया था।जब उनकी मां का निधन हुआ, उस समय वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में चुनौती पेश कर रहे थे। उन्हें टूर्नामेंट खत्म होने के बाद इसकी जानकारी दी गई। मां के कहने पर ही वह टूर्नामेंट खेलने गए थे। वह अपना पदक मां के गले में डालना चाहते थे लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई। उनके पिता की मौत एक दशक पहले ही हो गई थी। उनका छोटा भाई एक हत्या के मामले में जेल में है।
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थापा क्वार्टर फाइनल में
पांच बार के एशियाई पदक विजेता शिव थापा (63.5 किग्रा) लगातार तीसरी जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। असम के 27 वर्षीय थापा इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बनने से सिर्फ एक जीत दूर है। सेमीफाइनल में पहुंचते ही वह पदक पक्का कर लेंगे।
थापा ने फ्रांस के लाउनेस हामराउई को 4-1 से पराजित किया। थापा ने 2015 में दोहा में कांसा जीता था। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए थापा का सामना तुर्की के करीम ओजमैन से होगा। दीपक बोहरिया (51 किग्रा), रोहित मोर (57 किग्रा), आकाश सांगवान (67 किग्रा) और सुमित कुंडू (75 किग्रा) का सफर अंतिम-16 में थम गया।
विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय
नाम पदक वर्ष
आकाश कुमार रंग तय नहीं 2021
अमित पंघाल रजत 2019
मनीष कौशिक कांस्य 2019
गौरव बिधुड़ी कांस्य 2017
शिव थापा कांस्य 2015
विकास कृष्ण कांस्य 2011
विजेंदर सिंह कांस्य 2009