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WFI: खेल मंत्रालय से नहीं भिड़ना चाहता भारतीय कुश्ती संघ, बातचीत के जरिए निलंबन हटवाने पर कर रहा विचार
Tue, 16 Jan 2024 06:20 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Tue, 16 Jan 2024 06:20 PM IST
सार
डब्ल्यूएफआई ने पहले कहा था कि निलंबन हटवाने के लिये वह कानून की शरण लेगा लेकिन अपनी कार्यकारी परिषद की बैठक में उसने विचार बदल दिया। बैठक की अध्यक्षता निलंबित डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने की जिसमें 12 अन्य चयनित सदस्यों ने भाग लिया।
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संजय सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने मंगलवार को तय किया कि वह निलंबन हटवाने के लिये खेल मंत्रालय से बातचीत करेगा। उसने यह भी कहा कि फिलहाल वह सरकार से टकराव नहीं चाहता लेकिन बातचीत नाकाम रहने पर कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा। डब्ल्यूएफआई ने पहले कहा था कि निलंबन हटवाने के लिये वह कानून की शरण लेगा लेकिन अपनी कार्यकारी परिषद की बैठक में उसने विचार बदल दिया।
बैठक की अध्यक्षता निलंबित डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने की जिसमें 12 अन्य चयनित सदस्यों ने भाग लिया। महासचिव प्रेम चंद लोंचाब और सीनियर उपाध्यक्ष देवेंदर कादियान ने बैठक में भाग नहीं लिया। संजय सिंह ने बैठक के बाद कहा, ''हम सरकार से टकराव नहीं चाहते। हम अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा रहे। हम मंत्रालय से समय मांगेंगे और सरकार से बात करने की कोशिश करेंगे।''
'यह स्पष्ट नहीं है कि निलंबन कैसे हटेगा?'
यह पूछने पर कि सरकार से समय नहीं मिलने पर क्या करेंगे तो संजय सिंह ने कहा, ''पहले कोशिश तो कर लें। हम जानना चाहते हैं कि निलंबन हटवाने के लिए क्या करना होगा। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने निलंबन के समय कुछ शर्ते रखी थीं। निलंबन का कारण चुनाव नहीं कराना था। सरकार ने हमें निलंबित किया लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह निलंबन कैसे हटेगा।’’
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पुणे में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप
संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश संघों ने कहा है कि पुणे में डब्ल्यूएफआई द्वारा राष्ट्रीय चैम्पियनशिप कराए जाने पर वे टीमें भेजेंगे और जयपुर में नहीं भेजेंगे जहां तदर्थ समिति टूर्नामेंट कराना चाहती है। समझा जाता है कि प्रदेश संघों द्वारा ट्रायल के जरिए चुने गए कई पहलवानों ने पुणे की टिकट बुक करा ली है जहां 29 से 31 जनवरी तक डब्ल्यूएफआई राष्ट्रीय चैम्पियनशिप कराने जा रहा है। तदर्थ समिति ने तीन फरवरी से जयपुर और उसके बाद जूनियर वर्ग की चैम्पियनशिप ग्वालियर में कराने की घोषणा की है।
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बैठक की अध्यक्षता निलंबित डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने की जिसमें 12 अन्य चयनित सदस्यों ने भाग लिया। महासचिव प्रेम चंद लोंचाब और सीनियर उपाध्यक्ष देवेंदर कादियान ने बैठक में भाग नहीं लिया। संजय सिंह ने बैठक के बाद कहा, ''हम सरकार से टकराव नहीं चाहते। हम अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा रहे। हम मंत्रालय से समय मांगेंगे और सरकार से बात करने की कोशिश करेंगे।''
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'यह स्पष्ट नहीं है कि निलंबन कैसे हटेगा?'
यह पूछने पर कि सरकार से समय नहीं मिलने पर क्या करेंगे तो संजय सिंह ने कहा, ''पहले कोशिश तो कर लें। हम जानना चाहते हैं कि निलंबन हटवाने के लिए क्या करना होगा। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने निलंबन के समय कुछ शर्ते रखी थीं। निलंबन का कारण चुनाव नहीं कराना था। सरकार ने हमें निलंबित किया लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह निलंबन कैसे हटेगा।’’
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पुणे में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप
संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश संघों ने कहा है कि पुणे में डब्ल्यूएफआई द्वारा राष्ट्रीय चैम्पियनशिप कराए जाने पर वे टीमें भेजेंगे और जयपुर में नहीं भेजेंगे जहां तदर्थ समिति टूर्नामेंट कराना चाहती है। समझा जाता है कि प्रदेश संघों द्वारा ट्रायल के जरिए चुने गए कई पहलवानों ने पुणे की टिकट बुक करा ली है जहां 29 से 31 जनवरी तक डब्ल्यूएफआई राष्ट्रीय चैम्पियनशिप कराने जा रहा है। तदर्थ समिति ने तीन फरवरी से जयपुर और उसके बाद जूनियर वर्ग की चैम्पियनशिप ग्वालियर में कराने की घोषणा की है।