Paris Olympics: पक्का हुआ भारत का एक और पदक, ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं विनेश
विनेश भारत की पहली महिला पहलवान है जो ओलंपिक के किसी वर्ग के फाइनल में पहुंची हैं। पुरुष वर्ग में सुशील कुमार और रवि दाहिया को ओलंपिक फाइनल खेलना का अनुभव है, लेकिन ये दोनों रजत पदक ही जीत पाए थे। ऐसे में विनेश के पास कुश्ती में देश का पहला स्वर्ण पदक विजेता बनने का मौका होगा। विनेश रियो और टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं।
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विस्तार
You have always fought the right fight. And you have always won.
— Sayema (@_sayema) August 6, 2024
There are some pending ‘medals’ which will eventually come our way but for this one, THANK YOU, Vinesh.
Your win feels personal to each one of us who have ever raised our voice for truth and justice @Phogat_Vinesh… pic.twitter.com/xA1FUAvKBD
यूँ दे पटका @Phogat_Vinesh ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 😍
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) August 6, 2024
pic.twitter.com/usx6erCL9Z
VINESH PHOGAT IS INTO THE FINAL, WILL FIGHT FOR GOLD!
— Susan Ninan (@ninansusan) August 6, 2024
No Indian female athlete has won an Olympic gold before.#Paris2024 pic.twitter.com/uJoTc4FfI8
उन्होंने इस लय को सेमीफाइनल में जारी रखते हुए क्यूबा की पहलवान को अंक बनाने का कोई मौका नहीं दिया। लोपेज ने शुरुआती राउंड में विनेश के पैर पर पकड़ बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके अतिरक्षात्मक खेल के कारण भारतीय पहलवान को एक अंक की बढ़त बनाने की मौका मिल गया। शुरुआती राउंड में बढ़त बनाने के बाद विनेश ने दूसरे राउंड में आक्रामक शुरुआत की और प्रतिद्वंद्वी पहलवान के दाएं पैर पर मजबूत पकड़ के साथ 5-0 की बढ़त बना ली। क्यूबा की पहलवान ने इसके बाद विनेश पर पकड़ बनाने की कोशिश की लेकिन विनेश के शानदार रक्षण के आगे उनका प्रयास विफल हो गया।
भारत के राष्ट्रीय कोच वीरेंद्र दहिया ने अंतिम पंघाल के ड्रॉ के लिए रवाना होने से पहले कहा, 'विनेश ने आज जो किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। निशा की चोट के कारण सोमवार का दिन बहुत दुखद था, लेकिन विनेश ने उस दर्द को कुछ कम किया है।' जापान की पहलवान के खिलाफ जीत के बाद सिर्फ भारतीय खेमा ही नहीं बल्कि ड्रॉ के इस हाफ में शामिल अन्य पहलवान भी जश्न मना रहे थे। विनेश के खिलाफ अंतिम आठ में 5-7 की करीबी हार के बाद लिवाच ने कहा, 'विश्व चैंपियन के बाहर होने के बाद, मुझे लगा कि अब मेरे पास बेहतर मौका होगा, लेकिन विनेश बहुत मजबूत थीं। मैंने पूरा दमखम लगाने की कोशिश की लेकिन मैं कुछ गलतियां भी कर बैठी।'