फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Vece Paes, member of bronze-winning Indian hockey team at 1972 Olympics and tennis player Leander Paes father

Vece Paes Died: लिएंडर के पिता वेस पेस का 80 साल की उम्र में निधन, 1972 ओलंपिक में हॉकी में जीता था कांस्य पदक

Thu, 14 Aug 2025 10:05 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 14 Aug 2025 10:05 AM IST
सार

वेस पेस का भारतीय खेलों के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। उनकी देखरेख में कई खिलाड़ियों को अलग-अलग खेलों में डेब्यू का मौका मिला। वेस ने भारतीय खेलों के लिए काफी कुछ किया।

विज्ञापन
Vece Paes, member of bronze-winning Indian hockey team at 1972 Olympics and tennis player Leander Paes father
लिएंडर पेस और वेस पेस (फाइल फोटो) - फोटो : olympics.com

विस्तार

1972 में म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य और टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के पिता वेस पेस का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस पेस पार्किंसन रोग से पीड़ित थे। उन्हें मंगलवार सुबह शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन

वेस पेस का खेलों से लंबा जुड़ाव
वेस पेस का भारतीय खेलों के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। उनकी देखरेख में कई खिलाड़ियों को अलग-अलग खेलों में डेब्यू का मौका मिला। वेस ने भारतीय खेलों के लिए काफी कुछ किया। वह भारतीय हॉकी टीम में मिडफील्डर की पोजिशन पर खेलते थे। इसके अलावा उन्होंने फुटबॉल, क्रिकेट और रग्बी जैसे कई खेलों में भी हाथ आजमाए। वेस पेस 1996 से 2002 तक भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। 
 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

A post shared by Leander Paes (@leanderpaes)


विज्ञापन
विज्ञापन

बीसीसीआई के साथ भी काम कर चुके
खेल चिकित्सा के चिकित्सक के रूप में उन्होंने एशियाई क्रिकेट परिषद, भारतीय क्रिकेट बोर्ड और भारतीय डेविस कप टीम सहित कई खेल निकायों के साथ चिकित्सा सलाहकार के रूप में काम किया।
विज्ञापन

वेस के बेटे ने भी जीता ओलंपिक पदक
1972 में वेस पेस के ओलंपिक पदक जीतने के 24 साल बाद लिएंडर ने अटलांटा ओलंपिक 1996 में भारतीय टेनिस को उसका पहला और एकमात्र पदक दिलाया था। लिएंडर ने पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था। यह 1952 के बाद भारत का ओलंपिक इंडिविजुअल स्पोर्ट्स में पहला पदक था। 1952 में केडी जाधव ने ऐसा किया था। वेस अक्सर अपने बेटे की तारीफ किया करते थे। वेस ने लिएंडर की कामयाबी को लेकर कहा था, 'पहली बात तो लिएंडर एक ऐसे माहौल में पले बढ़े हैं, जिसने खेल संस्कृति को प्रोत्साहित किया है। साथ ही लिएंडर के पास अंतर्निहित प्रतिभा है।'
 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

A post shared by Leander Paes (@leanderpaes)


वेस लिएंडर की काफी तारीफ करते थे
वेस ने बताया था, 'लिएंडर टेनिस कोर्ट पर काफी तेज हैं और मुझे यह भी लगता है कि वह जिद्दी भी हैं। लिएंडर हफ्ते में छह दिन, रोजाना तीन घंटे ट्रेनिंग करते थे। अगर आप चैंपियन बनना चाहते हैं तो आपको इसे जारी रखना होगा।' वहीं, लिएंडर पेस का मानना है कि 'कभी हार न मानने' का रवैया उनके परिवार में है। लिएंडर ने कहा था, 'यह सब विरासत में मिलता है।' लिएंडर पेस, जो स्वयं एक पिता हैं, का मानना है कि उनकी बेटी अयाना में भी ये गुण हैं। लिएंडर पेस ने कहा, 'आपको मेरी बेटी पर गौर करना चाहिए। वह मेरे पिता से बहुत मिलती-जुलती है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed