{"_id":"64fb6e9c6ce2bb5b920dc6a3","slug":"us-open-43-year-old-bopanna-lost-in-the-final-ram-salisbury-won-the-title-for-the-third-consecutive-time-2023-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"US Open: फाइनल में हारे 43 साल के बोपन्ना, राम-सैलिसबरी ने लगातार तीसरी बार जीता खिताब","category":{"title":"Tennis","title_hn":"टेनिस","slug":"tennis"}}
US Open: फाइनल में हारे 43 साल के बोपन्ना, राम-सैलिसबरी ने लगातार तीसरी बार जीता खिताब
Sat, 09 Sep 2023 12:27 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 09 Sep 2023 12:27 AM IST
सार
बोपन्ना और मैथ्यू एबडेन शुक्रवार को न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में पुरुष युगल के फाइनल में राजीव राम और जो सैलिसबरी से 6-2, 3-6, 4-6 से हार गए।
विज्ञापन
रोहन बोपन्ना और मैथ्यू एबडेन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रोहन बोपन्ना का यूएस ओपन में पुरुष युगल चैंपियन बनने का सपना दूसरी बार अधूरा रह गया। वह और उनके ऑस्ट्रेलियाई साथी मैथ्यू एब्डेन राजीव राम और जो सैलिसबरी से शुक्रवार को न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में फाइनल में 6-2, 3-6, 4-6 से हार गए। राम और सैलिसबरी लगातार तीन बार यूएस ओपन जीतने वाले पहले पुरुष युगल जोड़ी बने। यह उनका कुल मिलाकर चौथा ग्रैंड स्लैम था।
बोपन्ना अपना दूसरा यूएस ओपन पुरुष युगल फाइनल खेल रहे थे। आखिरी बार, वह और उनके पाकिस्तानी साथी ऐसाम-उल-हक कुरेशी 2010 में ब्रायन बंधुओं से फाइनल में हार गए थे।
इस बार ऐसा लग रहा था कि बोपन्ना का सपना सच हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने राजीव राम की पहली सर्विस तोड़कर शुरुआत की और शुरुआत से ही अनुभवी जोड़ी पर दबाव बना दिया। बोपन्ना और एबडेन दोनों सक्रिय हो गए और उन्होंने राम और सैलिसबरी को आश्चर्यचकित कर दिया। एबडेन ने पहले सेट में एक भी गलती नहीं की और राम और सैलिसबरी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सातवें गेम में इंडो-ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को दो ब्रेक मिले और स्कोर 5-2 हो गया और फिर फाइनल में एक सेट की महत्वपूर्ण बढ़त लेने में उन्होंने कोई गलती नहीं की।
विज्ञापन
राम और सैलिसबरी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। बोपन्ना और एडबेन ने बहुत ज्यादा गलतियां नहीं की, लेकिन राम और सैलिसबरी बहुत अच्छी लय में थे। उन्होंने छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी को डबल ब्रेक अप दिया और फिर अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए दूसरा सेट अपने नाम किया और मैच फाइनल को निर्णायक सेट तक ले गए।
बोपन्ना ने 43 साल की उम्र में यह मैच खेला और ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रतिस्पर्धा करने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी हैं। उन्होंने अंतिम सेट में कुछ अविश्वसनीय खेल का प्रदर्शन किया। चौथे गेम में बोपन्ना और एबडेन ब्रेक पाने के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन राम ने संयम बरतते हुए तीन ब्रेक प्वाइंट बचाए और स्कोर 2-2 कर दिया।
वह शायद मैच की सबसे महत्वपूर्ण पकड़ थी। कुछ समय बाद तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को ब्रेक मिला और उसने 4-2 की बढ़त बना ली। एक बार जब तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी निर्णायक मुकाबले में बढ़त पर आ गई, तो उन्हें पछाड़ना हमेशा एक कठिन काम होने वाला था। जब राम मैच के लिए सर्विस कर रहे थे तो एबडेन और बोपन्ना ने उन पर दबाव डाला लेकिन भारतीय मूल के अनुभवी खिलाड़ी दबाव में शांत रहे। उन्होंने मैच को समाप्त कर इतिहास रच दिया।
विज्ञापन
बोपन्ना अपना दूसरा यूएस ओपन पुरुष युगल फाइनल खेल रहे थे। आखिरी बार, वह और उनके पाकिस्तानी साथी ऐसाम-उल-हक कुरेशी 2010 में ब्रायन बंधुओं से फाइनल में हार गए थे।
विज्ञापन
इस बार ऐसा लग रहा था कि बोपन्ना का सपना सच हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने राजीव राम की पहली सर्विस तोड़कर शुरुआत की और शुरुआत से ही अनुभवी जोड़ी पर दबाव बना दिया। बोपन्ना और एबडेन दोनों सक्रिय हो गए और उन्होंने राम और सैलिसबरी को आश्चर्यचकित कर दिया। एबडेन ने पहले सेट में एक भी गलती नहीं की और राम और सैलिसबरी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सातवें गेम में इंडो-ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को दो ब्रेक मिले और स्कोर 5-2 हो गया और फिर फाइनल में एक सेट की महत्वपूर्ण बढ़त लेने में उन्होंने कोई गलती नहीं की।
विज्ञापन
राम और सैलिसबरी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। बोपन्ना और एडबेन ने बहुत ज्यादा गलतियां नहीं की, लेकिन राम और सैलिसबरी बहुत अच्छी लय में थे। उन्होंने छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी को डबल ब्रेक अप दिया और फिर अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए दूसरा सेट अपने नाम किया और मैच फाइनल को निर्णायक सेट तक ले गए।
बोपन्ना ने 43 साल की उम्र में यह मैच खेला और ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रतिस्पर्धा करने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी हैं। उन्होंने अंतिम सेट में कुछ अविश्वसनीय खेल का प्रदर्शन किया। चौथे गेम में बोपन्ना और एबडेन ब्रेक पाने के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन राम ने संयम बरतते हुए तीन ब्रेक प्वाइंट बचाए और स्कोर 2-2 कर दिया।
वह शायद मैच की सबसे महत्वपूर्ण पकड़ थी। कुछ समय बाद तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को ब्रेक मिला और उसने 4-2 की बढ़त बना ली। एक बार जब तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी निर्णायक मुकाबले में बढ़त पर आ गई, तो उन्हें पछाड़ना हमेशा एक कठिन काम होने वाला था। जब राम मैच के लिए सर्विस कर रहे थे तो एबडेन और बोपन्ना ने उन पर दबाव डाला लेकिन भारतीय मूल के अनुभवी खिलाड़ी दबाव में शांत रहे। उन्होंने मैच को समाप्त कर इतिहास रच दिया।