मुगुरुजा और सेरेना में खिताबी भिड़ंत, जोकोविच भी खिताब के करीब
स्पेन की गार्बिन मुगुरुजा ने यहां शुक्रवार को रोलां गैरों की लाल बजरी पर अपने शानदार प्रदर्शन के बूते फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई, जहां शनिवार को उनकी खिताबी भिड़ंत अमेरिका की सेरेना विलियम्स से होगी।
सेरेना तीसरी बार साल के दूसरे ग्रैंडस्लैम फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची हैं। जबकि मुगुरुजा पहली बार फाइनल में पहुंचीं हैं। पिछले साल मुगुरुजा को विंबलडन के फाइनल में सेरेना से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। चौथी सीड मुगुरुजा ने पहले सेमीफाइनल में 2010 की फाइनलिस्ट ऑस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर को 6-2, 6-4 से बाहर का रास्ता दिखाया।
इसके साथ ही मुगुरुजा 16 वर्षों में फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला स्पेनिश खिलाड़ी हैं। उनसे पहले स्पेनिश स्टार कोंचिता मार्टिनेज 2000 में फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची थीं। तब मार्टिनेज को मैरी पिएरे से शिकस्त मिली थी जबकि स्पेन की अरांता सांचेज विकारियो 1998 में पेरिस में चैंपियन बनी थीं।
वहीं, सेरेना ने दूसरे सेमीफाइनल में डच बाला किकि बेर्तेनस को कड़े मुकाबले में 7-6 (7), 6-4 से हराया। सेरेना को बेर्तेनस पर जीत के लिए पसीना बहाना पड़ा। मौजूदा चैंपियन ने खराब शुरुआत की। वह पहले सेट में बेर्तेनस से 3.5 से पिछड़ गई। चोट की वजह से सेरेना को जीत के लिए जूझना पड़ रहा था लेकिन अमेरिकी स्टार ने जुझारू प्रदर्शन करते हुए मैच को टाईब्रेक तक ले गई, जहां दो सेट प्वाइंट बचाते हुए उन्होंने पहला सेट जीता।
बेर्तेनस ने दूसरा टेस्ट में ही धमाकेदार शुरुआत करते हुए सेरेना की सर्विस तोड़ दी। लेकिन सेरेना ने शानदार वापसी करते हुए डच खिलाड़ी पर 6-4 से जीत दर्ज करते हुए न केवल दूसरा सेट जीता बल्कि मैच भी अपने नाम कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। बेर्तेनस फ्रेंच ओपन में दुनिया की 89वें खिलाड़ी के तौर शिकरत करने पहुंची थीं।
डच बाला ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम सेमीफाइनल के सफर में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एंजेलिका कर्बर, मेडिसन की और तिएमा बबैकसिनस्जकी को शिकस्त दी। इस सफर में बेर्तेनस ने लगातार 12 मैचों में जीत दर्ज की। इसका फायदा उन्हें रैंकिंग में मिलेगा और दुनिया के टॉप-30 खिलाड़ियों में शुमार हो जाएंगी। इसका मतलब यह हुआ कि यह डच बाला विंबलडन में बतौर सीडड खिलाड़ी शिकरत करेंगी।
फ्रेंच ओपन खिताब के करीब जोकोविच
दुनिया के नंबर वन नोवाक जोकाविच अपने करियर ग्रैंडस्लैम के काफी करीब पहुंच गए हैं। सर्बियाई स्टार जोकोविच ने लाल बजरी पर पहले पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को 6-2, 6-1, 6-4 से हराकर साल के पहले ग्रैंडस्लैम फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई, जहां उनका मुकाबला ब्रिटेन के एंडी मरे से होगा।
दूसरी सीड मरे ने मौजूदा चैंपियन स्विट्जरलैंड के स्टान वावरिंका को 6-4, 6-2, 4-6, 6-2 से हराकर खिताबी मुकाबले में पहुंचे हैं। मरे 1937 में बुनी अस्टीन के बाद से पहले ब्रिटिश खिलाड़ी हैं, जो फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचे हैं। अगर रविवार को यह खिताब जीत जाते हैं तो उनका फ्रेंच ओपन चैंपियन बनने और करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने का सपना पूरा हो जाएगा।
टॉप सीड जोकोविच लगातार छठी बार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे हैं जबकि ओवरऑल वह 20 ग्रैंडस्लैम फाइनल खेल चुके हैं। वहीं रोलां गैरों की सतह पर यह उनका पांचवां फाइनल है। फाइनल में उन्हें दो बार स्पेनिश स्टार राफेल नदाल से शिकस्त मिली जबकि पिछली बार उन्हें स्टेन वावरिंका ने लाल बजरी पर चैंपियन बनने से रोक दिया था। एक और जीत सर्बियाई स्टार को 12वां ग्रैंड स्लैम खिताब दिला देगी।
इसके साथ ही वह विंबलडन, फ्रेंच ओपन, यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले आठवें टेनिस खिलाड़ी हो जाएंगे। जीत के बाद जोकोविच ने कहा, "मैंने इस टूर्नामेंट में वैसी शुरुआत नहीं की जैसा मैं चाहता था लेकिन आज मैंने टूर्नामेंट का सबसे बेहतरीन मैच खेला। मैं इस हालात में हूं कि मैं हर साल सपना देखता हूं कि मैं रोलां गैरों के फाइनल में पहुंचू।"