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Hindi News ›   Sports ›   Savita Punia Recalls Emotional Night Before Historic Asian Games Gold: Players Shared Their Dreams

एशियाड हॉकी: फाइनल से पहले खिलाड़ियों ने साझा किए थे सपने, किसी को मां का इलाज कराना था तो किसी को बनाना था घर

Mon, 19 Oct 2026 09:16 AM IST
Hemant Rastogi हेमंत रस्तोगी
Updated Mon, 19 Oct 2026 09:16 AM IST
सार

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रहीं सविता पूनिया ने एशियाई खेलों के फाइनल से पहले की भावुक रात को याद किया। खिलाड़ियों ने अपने सपने साझा किए थे। किसी को अपनी मां का इलाज कराना था, किसी को माता-पिता के लिए घर बनाना था, तो किसी का लक्ष्य डीएसपी बनना और हॉकी अकादमी खोलना था। इन सपनों ने टीम को स्वर्ण जीतने के लिए प्रेरित किया।

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Savita Punia Recalls Emotional Night Before Historic Asian Games Gold: Players Shared Their Dreams
भारतीय महिला हॉकी टीम - फोटो : PTI

विस्तार

सविता पूनिया को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि महिला हॉकी टीम 44 साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण जीत चुकी है। टीम की सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी सविता को अभी भी वह फाइनल की रात याद है। पहले 2014 इंचियोन फिर जकार्ता 2018 और पिछली बार हांगझोउ 2023 में वह भारतीय टीम को स्वर्णिम जीत नहीं दिला पाईं।
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सविता बेचैन थीं, रात हो चुकी थी और अगले दिन उन्हें मजबूत चीन से टकराना था। सविता ने पूरी टीम को एकत्र किया और सभी से कहा, तुम सभी ने कुछ सपने देखे होंगे। तुम्हारे ये सपने फाइनल का स्वर्ण पूरा कर सकता है। सविता ने कहा, हम सब हम सब यहां आज अपने सपनों को बयां करेंगे और फाइनल में इन्हें पूरा करने के लिए अपनी जान लगा देंगे।
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मां के लिए जीता स्वर्ण
सविता अमर उजाला को बताती हैं कि यह बेहद भावुक पल था, लेकिन इसने हमें फाइनल के लिए मजबूत किया। वह बताती हैं कि ब्यूटी डुंगडुंग बोलीं कि उनकी मां बीमार है। अगर उनकी टीम स्वर्ण जीती तो वह अपनी मां का अच्छा इलाज कराएंगी। बलजीत कौर ने कहा कि उनके पास घर नहीं है। वह स्वर्ण जीतीं तो माता-पिता को घर देंगी। सविता ने खुद अपनी मां का उदाहरण रखा। उनकी मां ने कभी उनसे कुछ नहीं मांगा, लेकिन इस बार उन्होंने जीतकर आने को कहा है। वह मां के लिए स्वर्ण जीतना चाहती हैं।
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बिछु को बनना है डीएसपी
गोलकीपर बिछु देवी ने कहा कि उन्होंने डीएसपी बनने का सपना देखा है। वह स्वर्ण जीतकर मणिपुर पुलिस में डीएसपी बनना चाहती हैं। बिछु कहती भी हैं कि उन्हें लगता है कि मणिपुर सरकार उन्हें डीएसपी जरूर बनाएगी। आखिर वह स्वर्ण जीत चुकी हैं। वहीं फाइनल में चीन के खिलाफ ऐतिहासिक गोल कर जीत दिलाने वाली, लालरेमसियामी ने टीम को बताया कि उनकी मिजोरम में एक हॉकी अकादमी खोलने की इच्छा है। वह मिजोरम के बच्चों को प्रशिक्षित कर देश के लिए खेलने लायक बनाना चाहती हैं।
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