Wrestling: बजरंग-साक्षी के फैसले पर बवाल; साक्षी मलिक की मां से लेकर दिग्गज राजनेताओं तक, जानें किसने क्या कहा
कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष के विरोध में साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ दी है और बजरंग पूनिया ने अपना पद्म श्री सम्मान लौटा दिया है। पहलवानों के इस फैसले पर जमकर बवाल हो रहा है। साक्षी की मां से लेकर राजनेताओं तक कई लोगों ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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This video of Bajrang Punia keeping his Padma Shri Award outside PM's residence, is going to break every Indian's heart except Sanghis. pic.twitter.com/vs6NZiVM8V
— Nimo Tai (@Cryptic_Miind) December 22, 2023
बृजभूषण शरण सिंह का विरोध करने वाले पहलवान चुनाव के नतीजों से बेहद निराश हैं। शुक्रवार दोपहर बजरंग ने सोशल मीडिया पर अपना पद्म पुरस्कार लौटाने का एलान करने के बाद प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश की। वह उनके आवास पर भी पहुंचे, लेकिन उनके पास प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं थी। इस वजह से पुलिस ने उन्हें कर्तव्य पथ पर ही रोक लिया। ऐसे में उन्होंने फुटपाथ पर ही अपना पद्म श्री सम्मान रख दिया। बजरंग ने कहा कि जो भी व्यक्ति यह पद्म पुरस्कार प्रधानमंत्री तक पहुंचा सकता है। वह उसे यह सम्मान दे देंगे।
बजरंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने उस खत की फोटो भी शेयर की है, जो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा है। इस खत में उन्होंने कहा है कि महिला पहलवानों के अपमानित होने के बाद वह यह सम्मान लेकर नहीं जी सकते। इसी वजह से वह इसे लौटा रहे हैं। इस मामले पर खेल मंत्रालय ने कहा है कि यह बजरंग का निजी फैसला है, लेकिन उनसे इस फैसले पर फिर से विचार करने और इसे पलटने के लिए कहा जाएगा।
बजरंग और साक्षी के फैसले से जमकर बवाल हो रहा है। इस मामले पर साक्षी मलिक की मां का कहना है कि महिला पहलवानों के शोषण के खिलाफ सभी पहलवान 40 दिन तक धरने पर बैठे थे। लेकिन चुनाव के बाद फिर से वही लोग अध्यक्ष और अन्य पदों पर आ गए, जिनका विरोध हो रहा था। ऐसे में युवा पहलवानों और उनके परिवार के बीच क्या संदेश जाएगा। जब उबरते हुए सितारों को न्याय नहीं मिल रहा तो उनका क्या होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ उनके या उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए दुख की बात है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा "बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक जैसे खिलाड़ियों का अपमान सिर्फ़ उनका नहीं पूरे देश का अपमान है। दुनिया में भारत का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों का अपनी ही सरकार के सामने इस तरह बेबस होना शर्मनाक है। प्रधानमंत्री को कम से कम इस मामले में अपना अहंकार त्यागकर देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों को न्याय का भरोसा दिलाना चाहिए था। लेकिन प्रधानमंत्री और भाजपा यौन शोषण के आरोपियों के साथ हैं। देश अपने चैंपियंस के साथ खड़ा है।"
बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक जैसे खिलाड़ियों का अपमान सिर्फ़ उनका नहीं पूरे देश का अपमान है। दुनिया में भारत का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों का अपनी ही सरकार के सामने इस तरह बेबस होना शर्मनाक है।
प्रधानमंत्री को कम से कम इस मामले में अपना अहंकार त्यागकर देश को गौरवान्वित करने वाले… https://t.co/xijaEKZiSd— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) December 22, 2023
कांग्रेस पार्टी ने भी बोला हमला
कांग्रेस ने ओलंपिक पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक के संन्यास की घोषणा के बाद शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि बेटी रुलाओ, बेटी सताओ और बेटियों को घर बिठाओ भाजपा सरकार की खेल नीति बन गई है।
शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर विजेंदर सिंह के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि महिला पहलवानों के साथ ज्यादती और अन्याय के लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार जिम्मेदार है।
सुरजेवाला ने कहा कि पहलवान बेटियों के यौन शोषण के आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के असिस्टेंट संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान साक्षी मलिक का संन्यास लेना भारत के खेल इतिहास में एक काला अध्याय है। किसान की पहलवान बेटी की आंख से निकला हर आंसू मोदी सरकार की बेशर्मी का प्रमाण है। इन चैंपियन महिला पहलवानों, किसानों और देश की बेटियों के साथ ज्यादती व अन्याय के लिए सीधे-सीधे मोदी सरकार दोषी है। यह दर्शाता है कि न्याय की आवाज उठाने वाली बेटियों को रिटायरमेंट के लिए मजबूर कर घर भेज दिया जाएगा। इस अत्याचार ने देश की करोड़ों बेटियों की उम्मीद तोड़ दी है।
सुरजेवाला ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि हरियाणा के साधारण किसान परिवार की जिस बेटी ने देश का महिला कुश्ती में पहला ओलंपिक मेडल जीता, उसे आज मोदी सरकार के दबदबे ने वापस घर जाने पर मजबूर कर दिया है। पहलवान बेटियां न्याय मांगने के लिए जंतर-मंतर पर बैठी रहीं, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें दिल्ली पुलिस के जूतों से कुचलवाया। जबकि महिला पहलवानों ने खुद न्याय की गुहार पीएम मोदी, गृह मंत्री और खेल मंत्री से लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बृजभूषण सिंह को मोदी सरकार का संरक्षण प्राप्त है और खेल के सभी संघों पर आज भाजपाई नेताओं को कब्जा है।
सुरजेवाला ने आगे कहा कि क्या मोदी सरकार को इस देश में एक भी महिला खिलाड़ी पहलवान नहीं मिली, कोई एक भी सज्जन व्यक्ति नहीं मिला, जो भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष बन सकता था?
सुरजेवाला ने कहा कि देश की बेटियों के मोदी सरकार से सवाल हैं कि मोदी सरकार चुप क्यों है? देश की संसद किसान की पहलवान बेटियों के अपमान पर चुप क्यों है? देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा-राज्यसभा के सभापति, खेल जगत की नामी-गिरामी हस्तियां चुप क्यों हैं?
वहीं बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कहा कि खेल जगत पहलवान साक्षी मलिक के संन्यास से काफी दुखी और परेशान है। महिला पहलवानों के प्रोटेस्ट को बदनाम करने की कोशिश की गई। हम हर खिलाड़ी, हर स्टेडियम और हर अखाड़े में जाएंगे और उनसे महिला सुरक्षा, एथलीटों के रोजगार के बारे में बात करेंगे। हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कल भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं और कल भी खड़े रहेंगे।