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Sakshi Malik: साक्षी मलिक ने रोते हुए कुश्ती को कहा अलविदा, बृजभूषण के करीबी के WFI अध्यक्ष बनने पर उठाया कदम
Thu, 21 Dec 2023 10:27 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 21 Dec 2023 10:27 PM IST
सार
पहलावनों ने इस साल बृजभूषण शरण के खिलाफ ही मोर्चा खोला था और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया था। अब उनके ही करीबी के अध्यक्ष बनने पर साक्षी ने संन्यास का फैसला कर लिया।
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साक्षी मलिक और बृजभूषण शरण सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
भारत की अनुभवी पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास का एलान कर दिया है। भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव गुरुवार (21 दिसंबर) को संपन्न हुए। संजय सिंह नए अध्यक्ष बने हैं। वह पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। पहलवानों ने इस साल बृजभूषण शरण के खिलाफ ही मोर्चा खोला था और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया था। अब उनके ही करीबी के अध्यक्ष बनने पर साक्षी ने संन्यास का फैसला कर लिया।
पहलवान साक्षी मलिक ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए। अगर बृज भूषण शरण सिंह के बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी को कुश्ती संघ का अध्यक्ष चुना जाता है, तो मैं कुश्ती छोड़ती हूं। हमारा समर्थन करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद। लड़ाई पूरे दिल से लड़ी। अगर अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह जैसा आदमी ही रहता है तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं।''
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इसके बाद साक्षी पति सत्यव्रत कादियान के साथ रोते हुए चली गईं। बजरंग ने इस दौरान यह भी कहा कि उन्हें अपनी जान का भी खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई राजनीतिक नहीं थी। वह विश्वास दिलाते हैं कि आने वाले समय में वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ खड़े नजर नहीं आएंगे। विनेश ने कहा कि हम एक महिला अध्यक्ष चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। साक्षी के संन्यास के बारे में जब बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''उससे मेरा क्या लेना-देना।''
संजय सिंह ने अनीता को हराया
संजय सिंह ने अध्यक्ष बनने के लिए राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण को मात दी। बुधवार तक सर्वसम्मति से चुनाव की कोशिशें होती रहीं, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। संजय सिंह ने दावा किया था कि उनका खेमा चुनाव में हर पद पर जीतेगा और उन्होंने खुद जीत हासिल कर इसे सच साबित किया।
संजय सिंह को मिले 40 मत
कुश्ती संघ के चुनाव में दांव पर लगे 15 पदों में से 13 पर बृजभूषण समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष वाराणसी के संजय सिंह को 40 वोट मिले, जबकि उनके सामने खड़ीं राष्ट्रमंडल खेलों की विजेता पहलवान अनीता श्योराण को सात मत पड़े। अनीता को आंदोलनकारी बजरंग, विनेश और साक्षी का समर्थन प्राप्त था। हालांकि आंदोलनकारी पहलवानों के खेमे के माने जा रहे रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के सचिव प्रेमचंद लोचब और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर हरियाणा के व्यवसायी देवेंद्र सिंह कादियान ने जीत हासिल की। प्रेमचंद ने दर्शन लाल को 27-19 से और देवेंद्र ने आईडी नानावती को 32-15 मतों से हराया। इन दोनों की जीत से यह भी साबित हुआ कि बृजभूषण और आंदोलनकारी पहलवानों के खेमे के बीच सुलह फार्मूला पर भी काम हुआ, लेकिन बृजभूषण खेमा अध्यक्ष पद छोड़ने को राजी नहीं हुआ। इसी पर बात बिगड़ गई।
बृजभूषण की खड़ाऊं साथ लेकर चले के लगे नारे
संजय सिंह का वाराणसी में सांस्थानिक व्यवसाय है और वह आरएसएस से जुड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि संजय कुश्ती संघ के नीतिगत फैसलों में बृजभूषण की राय लेकर काम करेंगे। संजय की जीत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ के परिसर में हर हर महादेव, जय श्रीराम के नारे लगे। संजय के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर बिठाकर संजय भइया क्या लेकर चले, बृजभूषण की खड़ाऊं साथ लेकर चले, के नारे लगाए। यह सिलसिला बृजभूषण के आवास पर पहुंचने के दौरान भी जारी रहा।
एमपी के सीएम को पांच मत मिले
चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर पूर्व पहलवान जयप्रकाश (37), असित कुमार साहा (42), दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान करतार सिंह (44), एन फोनी (38) को जीत मिली। उत्तराखंड के सत्यपाल सिंह देशवाल ने कोषाध्यक्ष पद पर जम्मू कश्मीर के दुष्यंत शर्मा को 34-12 से हराया। चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव भी खड़े हुए, लेकिन उन्हें पांच मत ही मिले।
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पहलवान साक्षी मलिक ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए। अगर बृज भूषण शरण सिंह के बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी को कुश्ती संघ का अध्यक्ष चुना जाता है, तो मैं कुश्ती छोड़ती हूं। हमारा समर्थन करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद। लड़ाई पूरे दिल से लड़ी। अगर अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह जैसा आदमी ही रहता है तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं।''
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इसके बाद साक्षी पति सत्यव्रत कादियान के साथ रोते हुए चली गईं। बजरंग ने इस दौरान यह भी कहा कि उन्हें अपनी जान का भी खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई राजनीतिक नहीं थी। वह विश्वास दिलाते हैं कि आने वाले समय में वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ खड़े नजर नहीं आएंगे। विनेश ने कहा कि हम एक महिला अध्यक्ष चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। साक्षी के संन्यास के बारे में जब बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''उससे मेरा क्या लेना-देना।''
#WATCH | Delhi: Wrestler Sakshi Malik says "We slept for 40 days on the roads and a lot of people from several parts of the country came to support us. If Brij Bhushan Singh's business partner and a close aide is elected as the president of WFI, I quit wrestling..." pic.twitter.com/j1ENTRmyUN
— ANI (@ANI) December 21, 2023
संजय सिंह ने अनीता को हराया
संजय सिंह ने अध्यक्ष बनने के लिए राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण को मात दी। बुधवार तक सर्वसम्मति से चुनाव की कोशिशें होती रहीं, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। संजय सिंह ने दावा किया था कि उनका खेमा चुनाव में हर पद पर जीतेगा और उन्होंने खुद जीत हासिल कर इसे सच साबित किया।
#WATCH | Delhi: On wrestler Sakshi Malik's statement to quit wrestling, former WFI chief Brij Bhushan Sharan Singh says "I have nothing to do with this..." pic.twitter.com/aZHfKQZCZA
— ANI (@ANI) December 21, 2023
संजय सिंह को मिले 40 मत
कुश्ती संघ के चुनाव में दांव पर लगे 15 पदों में से 13 पर बृजभूषण समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष वाराणसी के संजय सिंह को 40 वोट मिले, जबकि उनके सामने खड़ीं राष्ट्रमंडल खेलों की विजेता पहलवान अनीता श्योराण को सात मत पड़े। अनीता को आंदोलनकारी बजरंग, विनेश और साक्षी का समर्थन प्राप्त था। हालांकि आंदोलनकारी पहलवानों के खेमे के माने जा रहे रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के सचिव प्रेमचंद लोचब और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर हरियाणा के व्यवसायी देवेंद्र सिंह कादियान ने जीत हासिल की। प्रेमचंद ने दर्शन लाल को 27-19 से और देवेंद्र ने आईडी नानावती को 32-15 मतों से हराया। इन दोनों की जीत से यह भी साबित हुआ कि बृजभूषण और आंदोलनकारी पहलवानों के खेमे के बीच सुलह फार्मूला पर भी काम हुआ, लेकिन बृजभूषण खेमा अध्यक्ष पद छोड़ने को राजी नहीं हुआ। इसी पर बात बिगड़ गई।
बृजभूषण की खड़ाऊं साथ लेकर चले के लगे नारे
संजय सिंह का वाराणसी में सांस्थानिक व्यवसाय है और वह आरएसएस से जुड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि संजय कुश्ती संघ के नीतिगत फैसलों में बृजभूषण की राय लेकर काम करेंगे। संजय की जीत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ के परिसर में हर हर महादेव, जय श्रीराम के नारे लगे। संजय के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर बिठाकर संजय भइया क्या लेकर चले, बृजभूषण की खड़ाऊं साथ लेकर चले, के नारे लगाए। यह सिलसिला बृजभूषण के आवास पर पहुंचने के दौरान भी जारी रहा।
एमपी के सीएम को पांच मत मिले
चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर पूर्व पहलवान जयप्रकाश (37), असित कुमार साहा (42), दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान करतार सिंह (44), एन फोनी (38) को जीत मिली। उत्तराखंड के सत्यपाल सिंह देशवाल ने कोषाध्यक्ष पद पर जम्मू कश्मीर के दुष्यंत शर्मा को 34-12 से हराया। चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव भी खड़े हुए, लेकिन उन्हें पांच मत ही मिले।