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जूनियर एशिया कप: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जीता खिताब, फाइनल में कोरिया को हराया; विश्व कप में जगह पक्की की
Sun, 13 Sep 2026 09:50 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मोकी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मोकी
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:50 PM IST
सार
भारतीय महिला टीम के बाद पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने भी एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में कोरिया को हराया और विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर लिया।
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भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
विस्तार
भारत ने रविवार को फाइनल में कोरिया पर 4-1 से जीत से अपना पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब बरकरार रखते हुए विश्व कप में जगह पक्की की। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार यह महाद्वीपीय खिताब जीता। भारत ने इससे पहले 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में खिताब जीते थे। इस छठी जीत ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम के तौर पर अपने स्थान को और मजबूत किया है।
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भारत का दमदार प्रदर्शन
अजीत यादव ने नौवें मिनट में डिफ्लेक्शन के जरिए गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। कप्तान अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में मिले मौके को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। कोरिया को पहले क्वार्टर के आखिर में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोरियाई हमले को नाकाम कर दिया। फिर भारत ने 21वें मिनट में अपना तीसरा गोल किया जिसमें प्रभदीप सिंह ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को नेट में पहुंचाया।
कोरिया ने मैच में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूत और अनुशासित रहा। भारत पहले हाफ के ब्रेक में 3-0 की मजबूत बढ़त बनाए था। भारत ने आखिरी क्वार्टर की शुरुआत भी इसी आक्रामक इरादे के साथ की और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कोरिया ने शुरू में गोल करने की कई कोशिशों को रोका, लेकिन रेफरल के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरिया का रेफरल असफल रहा जिससे भारत को पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रखने का मौका मिला।
अजीत यादव ने नौवें मिनट में डिफ्लेक्शन के जरिए गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। कप्तान अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में मिले मौके को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। कोरिया को पहले क्वार्टर के आखिर में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोरियाई हमले को नाकाम कर दिया। फिर भारत ने 21वें मिनट में अपना तीसरा गोल किया जिसमें प्रभदीप सिंह ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को नेट में पहुंचाया।
कोरिया ने मैच में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूत और अनुशासित रहा। भारत पहले हाफ के ब्रेक में 3-0 की मजबूत बढ़त बनाए था। भारत ने आखिरी क्वार्टर की शुरुआत भी इसी आक्रामक इरादे के साथ की और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कोरिया ने शुरू में गोल करने की कई कोशिशों को रोका, लेकिन रेफरल के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरिया का रेफरल असफल रहा जिससे भारत को पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रखने का मौका मिला।
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हॉकी इंडिया ने की ईनामी राशि की घोषणा
भारत ने इस मौके का फायदा उठाया और आशु मौर्य ने 50वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को 4-0 कर दिया। फाउल के बाद कोरिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में गोल करके अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल किया। टीम की शानदार उपलब्धि को देखते हुए हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी के लिए तीन-तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के हर सदस्य के लिए डेड़-डेड़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की।
भारत ने इस मौके का फायदा उठाया और आशु मौर्य ने 50वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को 4-0 कर दिया। फाउल के बाद कोरिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में गोल करके अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल किया। टीम की शानदार उपलब्धि को देखते हुए हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी के लिए तीन-तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के हर सदस्य के लिए डेड़-डेड़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की।