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Paris Olympics: पेरिस में बनेगा रिकॉर्ड, निशानेबाजी में उतरेगा सबसे बड़ा भारतीय दल; रिदम ने दिलाया 16वां कोटा
Thu, 11 Jan 2024 05:53 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 11 Jan 2024 05:53 PM IST
सार
इससे पहले ओलंपिक में भारत का सबसे बड़ा शूटिंग का दल 15 खिलाड़ियों का था। टोक्यो में 2020 ओलंपिक में 15 भारतीय निशानेबाजों ने भाग लिया था।
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रिदम सांगवान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रिदम सांगवान ने गुरुवार को एशिया ओलंपिक क्वालीफायर में 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पदक जीतने के साथ ही उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल कर लिया है। वह ऐसा करने वाली 16वें भारतीय निशानेबाज बन गईं। उनके पदक जीतते ही यह तय हो गया कि भारत का अब तक का सबसे बड़ा शूटिंग दल इस साल जुलाई-अगस्त में ओलंपिक में भाग लेगा।
इससे पहले ओलंपिक में भारत का सबसे बड़ा शूटिंग का दल 15 खिलाड़ियों का था। टोक्यो में 2020 ओलंपिक में 15 भारतीय निशानेबाजों ने भाग लिया था। जकार्ता में तीन भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह, वरुण तोमर (दोनों 10 मीटर एयर पिस्टल) और अब रिदम देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। हरियाणा से आने वाली 20 वर्षीय रिदम पिछले साल हांग्जो एशियाई खेलों में ईशा और मनु भाकर के साथ 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने एशिया ओलंपिक क्वालीफायर फाइनल में 28 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद वह पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने में सफल रहीं, क्योंकि स्वर्ण और रजत जीतने वाले दो कोरियाई, यांग जिन (41) और किम येजी (32), ओलंपिक कोटे के लिए अयोग्य थे। मौजूदा एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में रिदम का यह तीसरा पदक है। वह सोमवार को 10 मीटर एयर पिस्टल में तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि ईशा ने स्वर्ण पदक जीता। मंगलवार को उन्होंने अर्जुन सिंह चीमा के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। रिदम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच विनीत कुमार को दिया।
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रिदम ने मैच के बाद कहा, "मैं वास्तव में खुश हूं कि मैंने कांस्य पदक जीता और अपने देश के लिए कोटा जीत सकी। मैं अपने निजी कोच विनीत कुमार को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्हीं की वजह से मैं आज यहां हूं। मैं अपने सभी समर्थकों को भी धन्यवाद देना चाहती हूं। मुझे लगता है कि वे सभी (तीन पदक) मेरे दिल में एक विशेष स्थान रखते हैं। लेकिन, हां, मेरा मतलब है कि मैं अपने देश के लिए ऐसा कर सकती हूं... मैं अपने देश के लिए कोटा जीत सकती हूं, इसलिए, हां, यह एक विशेष स्थान है। धन्यवाद विनीत सर, अपना आशीर्वाद बनाए रखें।''
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इससे पहले ओलंपिक में भारत का सबसे बड़ा शूटिंग का दल 15 खिलाड़ियों का था। टोक्यो में 2020 ओलंपिक में 15 भारतीय निशानेबाजों ने भाग लिया था। जकार्ता में तीन भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह, वरुण तोमर (दोनों 10 मीटर एयर पिस्टल) और अब रिदम देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। हरियाणा से आने वाली 20 वर्षीय रिदम पिछले साल हांग्जो एशियाई खेलों में ईशा और मनु भाकर के साथ 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने एशिया ओलंपिक क्वालीफायर फाइनल में 28 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
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तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद वह पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने में सफल रहीं, क्योंकि स्वर्ण और रजत जीतने वाले दो कोरियाई, यांग जिन (41) और किम येजी (32), ओलंपिक कोटे के लिए अयोग्य थे। मौजूदा एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में रिदम का यह तीसरा पदक है। वह सोमवार को 10 मीटर एयर पिस्टल में तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि ईशा ने स्वर्ण पदक जीता। मंगलवार को उन्होंने अर्जुन सिंह चीमा के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। रिदम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच विनीत कुमार को दिया।
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रिदम ने मैच के बाद कहा, "मैं वास्तव में खुश हूं कि मैंने कांस्य पदक जीता और अपने देश के लिए कोटा जीत सकी। मैं अपने निजी कोच विनीत कुमार को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्हीं की वजह से मैं आज यहां हूं। मैं अपने सभी समर्थकों को भी धन्यवाद देना चाहती हूं। मुझे लगता है कि वे सभी (तीन पदक) मेरे दिल में एक विशेष स्थान रखते हैं। लेकिन, हां, मेरा मतलब है कि मैं अपने देश के लिए ऐसा कर सकती हूं... मैं अपने देश के लिए कोटा जीत सकती हूं, इसलिए, हां, यह एक विशेष स्थान है। धन्यवाद विनीत सर, अपना आशीर्वाद बनाए रखें।''