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Paralympics 2024: भारतीय नौकाचालक रेपेचेज में तीसरे स्थान पर, फाइनल बी में प्रवेश किया
Sat, 31 Aug 2024 09:22 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 31 Aug 2024 09:22 PM IST
सार
अनीता ने 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में अपना पैर खो दिया था। उन्होंने इस साल की शुरुआत में वर्ल्ड रोइंग एशियाई और ओसनियाई पैरालंपिक क्वालिफायर में स्वर्ण पदक जीता था।
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अनिता और नारायण कोंगनापल्ले
- फोटो : @narendramodi
विस्तार
भारतीय नौकाचालक अनिता और नारायण कोंगनापल्ले शनिवार को यहां पेरिस पैरालंपिक की मिश्रित पीआर-3 डबल स्कल्स स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहे। शुक्रवार को हीट के दौरान भारतीय जोड़ी 8:06.84 सेकंड के समय से पांचवें स्थान पर रही थी। अनीता ने 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में अपना पैर खो दिया था। उन्होंने इस साल की शुरुआत में वर्ल्ड रोइंग एशियाई और ओसनियाई पैरालंपिक क्वालिफायर में स्वर्ण पदक जीता था।
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🇮🇳 Result Update: #ParaRowing🛶 PR3 Mixed Double Sculls Repechage Round👇
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Para rowers Anita and Narayana Kongannapalle qualify for Final B after securing a 3rd place finish in the Repechage round with a timing of 7:54.33 minutes🤩👏विज्ञापन विज्ञापन
All the best Anita and Narayana for the… pic.twitter.com/cqGexr5doO — SAI Media (@Media_SAI) August 31, 2024
धमाके में गंवा दिया था पांव
राष्ट्रीय राइफल्स के पूर्व सैनिक कोंगनापल्ले ने 2015 में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान एक खान में हुए धमाके में अपना पैर खो दिया था। उनकी उपलब्धियों में वर्ल्ड रोइंग एशियाई और ओसनियाई पैरालंपिक क्वालिफायर और एशियन रोइंग वर्चुअल इंडोर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक शामिल हैं। पीआर-3 श्रेणी वे पैरा एथलीट खेलते हैं जिनके पैर कोई काम नहीं कर सकते जिससे वे सीट को स्लाइड कर सकते हैं।
राष्ट्रीय राइफल्स के पूर्व सैनिक कोंगनापल्ले ने 2015 में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान एक खान में हुए धमाके में अपना पैर खो दिया था। उनकी उपलब्धियों में वर्ल्ड रोइंग एशियाई और ओसनियाई पैरालंपिक क्वालिफायर और एशियन रोइंग वर्चुअल इंडोर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक शामिल हैं। पीआर-3 श्रेणी वे पैरा एथलीट खेलते हैं जिनके पैर कोई काम नहीं कर सकते जिससे वे सीट को स्लाइड कर सकते हैं।